बसपा भाईचारा कमेटियों के पदाधिकारी अब संगठन में
बहुजन समाज पार्टी ने अपनी भाईचारा कमेटियों को भंग करने के बाद
हाईकोर्ट
ने पिछले दिनों राजनीतिक दलों के जातीय सम्मेलन करने पर रोक लगा दी थी।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने उस समय अपने भाईचारा सम्मेलनों का बचाव करते हुए
कहा था कि यदि इनसे कुछ लोगों को एतराज हो रहा है तो उनकी पार्टी इसके
तौर-तरीके में कुछ बदलाव करेगी।
समझा जा रहा है कि मायावती ने अपनी इसी घोषणा
के क्रम में भाईचारा कमेटियों को भंग करने और ब्राह्मण व मुस्लिम जैसे
तमाम भाईचारा कमेटियों का नेतृत्व कर रहे नेताओं को जिला संगठन व विधानसभा
संगठन में उपाध्यक्ष के रूप में शामिल करने का फैसला किया है।
पार्टी
के प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर की अध्यक्षता में रविवार को पार्टी संगठन
की बैठक में पार्टी सुप्रीमो के इस निर्देश के क्रियान्वयन पर भी चर्चा
हुई।