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Nepal crisis: नेपाल में फंसे यूपी के लोगों ने मांगी मदद, सीमावर्ती जिलों से पीएसी भेजने का फैसला
Wed, 10 Sep 2025 09:31 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 10 Sep 2025 09:31 PM IST
सार
Crisis in Nepal: नेपाल में अभी भी अराजकता बनी हुई है। इस बीच नेपाल में फंसे भारतीय लोगों ने हेल्पलाइन नंबर से मदद मांगी है।
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नेपाल के हालात
- फोटो : PTI
विस्तार
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों ने यूपी पुलिस द्वारा जारी की गई हेल्पलाइन नंबर पर मदद मांगी है। बीते चौबीस घंटे के दौरान पुलिस मुख्यालय में बनाए गए विशेष कंट्रोल रूम में मदद के लिए बीते 24 घंटे में 23 से ज्यादा फोन आ चुके हैं। वहीं पुलिस मुख्यालय की सोशल मीडिया टीम सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की उन सभी पोस्ट का संज्ञान लेकर कार्यवाही कर रही है, जिसमें भारतीय नागरिक नेपाल से वापस आने के लिए गुहार लगा रहे हैं।
बता दें कि सोशल मीडिया टीम नेपाल में फंसे बदायूं के 23 लोगों के साथ वॉलीबाल लीग में शामिल होने गई एक महिला की पोस्ट का संज्ञान लेकर उनकी वापसी सुनिश्चित कराने की कार्यवाही शुरू कर दी है। इसके अलावा महाराष्ट्र के कई नागरिकों ने भी मदद मांगी है। फिलहाल अधिकतर भारतीय नागरिक नेपाल के अलग-अलग जिलों में होटलों में पनाह लिए हुए हैं। वहीं डीजीपी मुख्यालय द्वारा नेपाल से सटे सभी सात जिलों में 2-2 कंपनी पीएसी और अतिरिक्त पुलिस बल मुहैया कराया गया है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि नेपाल में अभी स्थिति सामान्य नहीं हुई है।
मंगलवार को गृह मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद प्रदेश के सभी सीमावर्ती जिलों की पुलिस को एसएसबी के साथ समन्वय बनाकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। नेपाल की सेना और पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया गया है। सभी सीमावर्ती थानों और चौकियों पर पुलिस बल की संख्या बढ़ाई गई है। वहां फंसे हमारे जो नागरिक मदद के लिए संपर्क कर रहे हैं, उनकी सकुशल वापसी का प्रबंध किया जा रहा है। इस बाबत अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। फिलहाल नेपाल में फंसे लोगों के वापस आने के लिए सीमा पर अधिकारी सहयोग कर रहे हैं। केवल वैध दस्तावेज और गंभीर रूप से बीमार लोगों को ही सीमा पर आने-जाने दिया जा रहा है।
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बता दें कि सोशल मीडिया टीम नेपाल में फंसे बदायूं के 23 लोगों के साथ वॉलीबाल लीग में शामिल होने गई एक महिला की पोस्ट का संज्ञान लेकर उनकी वापसी सुनिश्चित कराने की कार्यवाही शुरू कर दी है। इसके अलावा महाराष्ट्र के कई नागरिकों ने भी मदद मांगी है। फिलहाल अधिकतर भारतीय नागरिक नेपाल के अलग-अलग जिलों में होटलों में पनाह लिए हुए हैं। वहीं डीजीपी मुख्यालय द्वारा नेपाल से सटे सभी सात जिलों में 2-2 कंपनी पीएसी और अतिरिक्त पुलिस बल मुहैया कराया गया है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि नेपाल में अभी स्थिति सामान्य नहीं हुई है।
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मंगलवार को गृह मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद प्रदेश के सभी सीमावर्ती जिलों की पुलिस को एसएसबी के साथ समन्वय बनाकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। नेपाल की सेना और पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया गया है। सभी सीमावर्ती थानों और चौकियों पर पुलिस बल की संख्या बढ़ाई गई है। वहां फंसे हमारे जो नागरिक मदद के लिए संपर्क कर रहे हैं, उनकी सकुशल वापसी का प्रबंध किया जा रहा है। इस बाबत अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। फिलहाल नेपाल में फंसे लोगों के वापस आने के लिए सीमा पर अधिकारी सहयोग कर रहे हैं। केवल वैध दस्तावेज और गंभीर रूप से बीमार लोगों को ही सीमा पर आने-जाने दिया जा रहा है।
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महराजगंज की नेपाल सीमा पर आए भगोड़े बंदी
वहीं दूसरी ओर नेपाल की जेलों से फरार हुए करीब आधा दर्जन बंदी महराजगंज स्थित सीमा से वापस आने की फिराक में थे, जिन्हें स्थानीय पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उनके बारे में गृह मंत्रालय और आईबी को सूचना दी गई है। प्रदेश में नेपाल सीमा पर एसएसबी की सभी 170 पोस्ट पर राजपत्रित अधिकारियों और क्विक रिस्पांस टीम की तैनाती की गई है। वहीं एसएसबी के डीजी से डीजीपी राजीव कृष्ण की बात हुई है। दोनों अधिकारियों ने सीमावर्ती इलाकों में संयुक्त रूप से गश्त करने का मातहतों को निर्देश दिया है।