गर्भवती महिला को बेरहमी से मारा
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पुलिस और डॉक्टर को जनता का भगवान समझा जाता है। मगर जनता के भगवान को भी एक गर्भवती महिला पर तरस नहीं आया।
शिवरतनगंज पुलिस ने फरियादियों की अनसुनी की सारी हदें पार कर दी हैं। मठ मजरे पन्हौंना गांव में एक सप्ताह पहले पड़ोसियों की पिटाई से घायल गर्भवती महिला के परिवारजन एक सप्ताह तक थाने के चक्कर काट रहे हैं।
ये महिला सात महीने गर्भवती है। इसके बावजूद पुलिस को उस पर रहम नहीं आया। यही नहीं सीएचसी में भी डॉक्टरों ने पुलिस केस बता कर उसका इलाज नहीं किया।
एसपी के आदेश के बाद जागी पुलिस ने शुक्रवार को महिला को मेडिकल के लिए जिला महिला अस्पताल गौरीगंज भेजा है।
हालत गंभीर, इलाज का इंतजार
मठ मजरे पन्हौंना गांव की नीतू पत्नी शैलेंद्र ने बताया कि बीती 27 सितंबर को वह अपने दरवाजे पर बैठी थी।
इसी दौरान पड़ोसी परिवार के तीन लोग वहां आए। दरवाजे पर कपड़े फैलाने को लेकर पहले गालीगलौज की फिर लात-घूसों से उसे पीटा।
चीख-पुकार पर लोगों ने उसे बचाया। परिवारजनों का कहना है कि पड़ोसियों की पिटाई से नीतू काफी चोटें आईं, जिससे उसकी हालत और गंभीर हो गई।
घर वाले उसे लेकर सीएचसी सिंहपुर गए, जहां डॉक्टर ने थाने में एफआईआर लिखाने की बात कहकर उसे वहां से लौटा दिया।