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लामार्ट छात्र की मौत के मामले में गौतमपल्ली के तत्कालीन एसओ व हजरतगंज के दरोगा के खिलाफ गैर जमानती वारंट
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लामार्ट छात्र की मौत मामले में तत्कालीन एसओ व दरोगा के खिलाफ गैर जमानती वारंट
लखनऊ। लामार्ट कॉलेज परिसर में संदिग्ध हालात में मृत मिले कक्षा नौ के छात्र राहुल श्रीधर के मामले में कोर्ट ने गौतमपल्ली के तत्कालीन एसओ सुरेंद्र कुमार कटियार और हजरतगंज कोतवाली के दरोगा राम नरेश सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। राहुल की मां अनम्मा श्रीधर ने विवेचना में लापरवाही बरतने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने, दोषियों को बचाने के लिए सुबूत नष्ट करने व पद का दुरुपयोग करने का आरोप में दोनों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अधिवक्ता आलोक कुमार ने बताया कि कोर्ट ने दोनों को आरोपी मानते हुए तलब किया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए।
अधिवक्ता ने बताया कि राहुल की मौत की विवेचना तत्कालीन एसओ सुरेंद्र कुमार कटियार कर रहे थे, जबकि पंचायतनामा हजरतगंज कोतवाली के दरोगा राम नरेश सिंह ने भरा था। दोनों ने ही इस संवेदनशील मामले की जांच में हर स्तर पर घोर लापरवाही बरती। अनम्मा श्रीधर का कहना है कि राहुल की मौत हादसा या खुदकुशी नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश थी। गौतमपल्ली पुलिस ने इस साजिश में लामार्ट स्कूल के रसूखदार प्रशासन का खुलकर साथ दिया। स्कूल प्रशासन के दबाव में आकर पुलिस ने राहुल की मौत को खुदकुशी बताते हुए कई बार फाइनल रिपोर्ट लगाई, लेकिन कोर्ट ने हर बार उसे निरस्त करते हुए पुनर्विवेचना के आदेश दिए। अनम्मा श्रीधर ने विवेचना में लापरवाही से संबंधित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य दिए थे, जिन्हें स्थानीय पुलिस अनदेखा करती रही।
अनम्मा का कहना था कि घटनास्थल से एकत्र खून का नमूना पुलिस ने कई महीने तक जांच के लिए फॉरेंसिक लैब नहीं भेजा। घटना के 24 घंटे बाद तक राहुल के फोन के बारे में कोई जानकारी जुटाने की कोशिश नहीं की। फोन से मेसेज और कॉल डिटेल मिटाने की आशंका में फॉरेंसिक जांच नहीं कराई। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स से क्राइम सीन का री-कंस्ट्रक्शन नहीं कराया। पुलिस के इस रवैये से असंतुष्ट राहुल के परिवारीजनों ने कोर्ट से विवेचना की निगरानी करने का भी आग्रह किया था। कोर्ट ने गौतमपल्ली के तत्कालीन थानाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार कटियार और दरोगा राम नरेश सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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अधिवक्ता आलोक के मुताबिक, कोर्ट ने दोनों को आरोपी मानते हुए तलब किया, लेकिन वह नहीं आए। कोर्ट ने पहले जमानती वारंट जारी किया था, जिस पर पुलिस ने सुरेंद्र कुमार कटियार का तबादला होने और दरोगा राम नरेश सिंह के सेवानिवृत्त होने की जानकारी देते हुए पल्ला झाड़ लिया। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर पुलिस को उसे तामील कराने का आदेश दिया है।
इन लापरवाहियों पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
एफआईआर दर्ज करने में हीलाहवाली
राहुल की मौत के दिन ही मां अनम्मा श्रीधर ने हत्या का आरोप लगाते हुए गौतमपल्ली पुलिस को तहरीर दी थी। तीन-चार दिन बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। आईपीएस अमिताभ ठाकुर गौतमपल्ली थाना पहुंचे तो दो दिन बाद पुलिस ने केस दर्ज किया।
पंचायतनामा में नहीं थी राहुल की मां, फिर भी बना दिया गवाह
राहुल की मां अनम्मा श्रीधरन ने बताया था कि वह पंचायतनामा में नहीं थीं, इसके बाद भी हजरतगंज कोतवाली के दरोगा राम नरेश सिंह ने उन्हें प्रथम गवाह के तौर पर दिखाया है। उनके नाम के आगे हस्ताक्षर भी हैं जो फर्जी तरीके से बनाए गए हैं।
यूनिफार्म और खून से सनी चादर सुरक्षित नहीं रखी
पुलिस ने राहुल की मौत के वक्त पहनी हुई स्कूल की यूनीफार्म सुरक्षित नहीं रखी। न ही खून से सनी उस चादर को जब्त किया गया जिसमें राहुल को अस्पताल ले जाया गया था।
फेसबुक पर लैरी कॉनर्स को नहीं ढूंढ सकी पुलिस
अनम्मा का आरोप है कि राहुल की मौत के मामले में प्रथम आरोपी लैरी कॉनर्स का नाम पुलिस ने जानबूझकर छिपाया। उसकी फेसबुक आईडी को ट्रेस करने की कोशिश नहीं की। उनका कहना है कि लैरी कॉनर्स नाम से किसी व्यक्ति ने फर्जी आईडी बनाकर उनके बेटे की अबोध मानसिक अवस्था का शोषण किया था।
इंग्लैंड के एक्सपर्ट ने भी मानी थी हत्या
अनम्मा श्रीधर ने इंग्लैंड के फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. जेसन पेन जेम्स से बेटे का कथित सुसाइड नोट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, शव और घटनास्थल के फोटो व अन्य बिंदुओं पर जांच कराई। डॉ. जेसन ने अपनी रिपोर्ट में माना था कि राहुल की मौत खुदकुशी नहीं थी। न ही वह किसी अन्य वजह से कॉन्स्टेंशिया स्मारक से गिरकर मरा। उसका क़त्ल किया गया था।
यह था मामला
एसजीपीजीआई परिसर निवासी व वहां नेफ्रोलॉजी विभाग में टेक्निकल अफसर वी. श्रीधर के बेटे राहुल की 10 अप्रैल 2015 की सुबह स्कूल के 100 फीट ऊंचे कांस्टेंशिया स्मारक से संदिग्ध हालात में गिरकर मौत हो गई थी। राहुल की मां अनम्मा ने गौतमपल्ली थाना में केस दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस पर पक्षपात व सतही विवेचना करने तथा कॉलेज प्रशासन को बचाने का आरोप लगाते हुए मृतक के भाई एस. रोहित ने विवेचना की निगरानी के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी। बाद में राहुल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की हैदराबाद की एक निजी लैब से जांच कराई गई, जिसमें कई सवाल उठे थे।
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लखनऊ। लामार्ट कॉलेज परिसर में संदिग्ध हालात में मृत मिले कक्षा नौ के छात्र राहुल श्रीधर के मामले में कोर्ट ने गौतमपल्ली के तत्कालीन एसओ सुरेंद्र कुमार कटियार और हजरतगंज कोतवाली के दरोगा राम नरेश सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। राहुल की मां अनम्मा श्रीधर ने विवेचना में लापरवाही बरतने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने, दोषियों को बचाने के लिए सुबूत नष्ट करने व पद का दुरुपयोग करने का आरोप में दोनों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अधिवक्ता आलोक कुमार ने बताया कि कोर्ट ने दोनों को आरोपी मानते हुए तलब किया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए।
अधिवक्ता ने बताया कि राहुल की मौत की विवेचना तत्कालीन एसओ सुरेंद्र कुमार कटियार कर रहे थे, जबकि पंचायतनामा हजरतगंज कोतवाली के दरोगा राम नरेश सिंह ने भरा था। दोनों ने ही इस संवेदनशील मामले की जांच में हर स्तर पर घोर लापरवाही बरती। अनम्मा श्रीधर का कहना है कि राहुल की मौत हादसा या खुदकुशी नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश थी। गौतमपल्ली पुलिस ने इस साजिश में लामार्ट स्कूल के रसूखदार प्रशासन का खुलकर साथ दिया। स्कूल प्रशासन के दबाव में आकर पुलिस ने राहुल की मौत को खुदकुशी बताते हुए कई बार फाइनल रिपोर्ट लगाई, लेकिन कोर्ट ने हर बार उसे निरस्त करते हुए पुनर्विवेचना के आदेश दिए। अनम्मा श्रीधर ने विवेचना में लापरवाही से संबंधित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य दिए थे, जिन्हें स्थानीय पुलिस अनदेखा करती रही।
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अनम्मा का कहना था कि घटनास्थल से एकत्र खून का नमूना पुलिस ने कई महीने तक जांच के लिए फॉरेंसिक लैब नहीं भेजा। घटना के 24 घंटे बाद तक राहुल के फोन के बारे में कोई जानकारी जुटाने की कोशिश नहीं की। फोन से मेसेज और कॉल डिटेल मिटाने की आशंका में फॉरेंसिक जांच नहीं कराई। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स से क्राइम सीन का री-कंस्ट्रक्शन नहीं कराया। पुलिस के इस रवैये से असंतुष्ट राहुल के परिवारीजनों ने कोर्ट से विवेचना की निगरानी करने का भी आग्रह किया था। कोर्ट ने गौतमपल्ली के तत्कालीन थानाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार कटियार और दरोगा राम नरेश सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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अधिवक्ता आलोक के मुताबिक, कोर्ट ने दोनों को आरोपी मानते हुए तलब किया, लेकिन वह नहीं आए। कोर्ट ने पहले जमानती वारंट जारी किया था, जिस पर पुलिस ने सुरेंद्र कुमार कटियार का तबादला होने और दरोगा राम नरेश सिंह के सेवानिवृत्त होने की जानकारी देते हुए पल्ला झाड़ लिया। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर पुलिस को उसे तामील कराने का आदेश दिया है।
इन लापरवाहियों पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
एफआईआर दर्ज करने में हीलाहवाली
राहुल की मौत के दिन ही मां अनम्मा श्रीधर ने हत्या का आरोप लगाते हुए गौतमपल्ली पुलिस को तहरीर दी थी। तीन-चार दिन बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। आईपीएस अमिताभ ठाकुर गौतमपल्ली थाना पहुंचे तो दो दिन बाद पुलिस ने केस दर्ज किया।
पंचायतनामा में नहीं थी राहुल की मां, फिर भी बना दिया गवाह
राहुल की मां अनम्मा श्रीधरन ने बताया था कि वह पंचायतनामा में नहीं थीं, इसके बाद भी हजरतगंज कोतवाली के दरोगा राम नरेश सिंह ने उन्हें प्रथम गवाह के तौर पर दिखाया है। उनके नाम के आगे हस्ताक्षर भी हैं जो फर्जी तरीके से बनाए गए हैं।
यूनिफार्म और खून से सनी चादर सुरक्षित नहीं रखी
पुलिस ने राहुल की मौत के वक्त पहनी हुई स्कूल की यूनीफार्म सुरक्षित नहीं रखी। न ही खून से सनी उस चादर को जब्त किया गया जिसमें राहुल को अस्पताल ले जाया गया था।
फेसबुक पर लैरी कॉनर्स को नहीं ढूंढ सकी पुलिस
अनम्मा का आरोप है कि राहुल की मौत के मामले में प्रथम आरोपी लैरी कॉनर्स का नाम पुलिस ने जानबूझकर छिपाया। उसकी फेसबुक आईडी को ट्रेस करने की कोशिश नहीं की। उनका कहना है कि लैरी कॉनर्स नाम से किसी व्यक्ति ने फर्जी आईडी बनाकर उनके बेटे की अबोध मानसिक अवस्था का शोषण किया था।
इंग्लैंड के एक्सपर्ट ने भी मानी थी हत्या
अनम्मा श्रीधर ने इंग्लैंड के फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. जेसन पेन जेम्स से बेटे का कथित सुसाइड नोट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, शव और घटनास्थल के फोटो व अन्य बिंदुओं पर जांच कराई। डॉ. जेसन ने अपनी रिपोर्ट में माना था कि राहुल की मौत खुदकुशी नहीं थी। न ही वह किसी अन्य वजह से कॉन्स्टेंशिया स्मारक से गिरकर मरा। उसका क़त्ल किया गया था।
यह था मामला
एसजीपीजीआई परिसर निवासी व वहां नेफ्रोलॉजी विभाग में टेक्निकल अफसर वी. श्रीधर के बेटे राहुल की 10 अप्रैल 2015 की सुबह स्कूल के 100 फीट ऊंचे कांस्टेंशिया स्मारक से संदिग्ध हालात में गिरकर मौत हो गई थी। राहुल की मां अनम्मा ने गौतमपल्ली थाना में केस दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस पर पक्षपात व सतही विवेचना करने तथा कॉलेज प्रशासन को बचाने का आरोप लगाते हुए मृतक के भाई एस. रोहित ने विवेचना की निगरानी के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी। बाद में राहुल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की हैदराबाद की एक निजी लैब से जांच कराई गई, जिसमें कई सवाल उठे थे।