{"_id":"45d5f637e657f6ba8c588e6bf497e013","slug":"national-book-fare-begins-from-27-sep","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रपति अब्दुल कलाम करेंगे बुक फेयर का उद्घाटन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रपति अब्दुल कलाम करेंगे बुक फेयर का उद्घाटन
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Wed, 25 Sep 2013 09:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय पुस्तक मेला 27 सितंबर से मोती महल लॉन में सजेगा। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम बतौर मुख्य अतिथि शाम चार बजे उद्घाटन करेंगे।
विज्ञापन
इस बार मेले में सौ से अधिक बुक स्टॉल लगाए जा रहे हैं। पुस्तक मेले के संयोजक सचिव मनोज एस चंदेल ने मंगलवार को कैफे रॉयल इन में आयोजित प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में लखनऊ का पुस्तक मेला देश के पांच प्रतिष्ठित पुस्तक मेलों में शामिल हो चुका है। इस बार की थीम महिला सशक्तीकरण रखी गई है। पिछले वर्ष तीन करोड़ रुपये से अधिक की पुस्तकों की बिक्री हुई थी।
विज्ञापन
इतना ही नहीं वीमेन पावर लाइन (1090) को भी स्टॉल लगाने के लिए आमंत्रित किया गया है ताकि महिलाओं को इसके प्रति जागरूक किया जा सके। मेले में सौ से ज्यादा स्टॉल लगेंगे, जिसमें अकेले 60 स्टॉल प्रकाशकों के होंगे जबकि शेष स्वयंसेवी संस्थाओं और वितरकों के होंगे।
प्रकाशकों में चिल्ड्रन बुक ट्रस्ट, ललित कला अकादमी, नियोगी बुक्स, सरस्वती ग्रुप, ऑरेंज एजुकेशन, नील कमल पब्लिकेशन, रामकृष्ण मठ मिशन, गायत्री परिवार और चेतना मिशन आदि के स्टॉल होंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डांस, ड्राइंग, कार्टून मेकिंग, कोलाज मेकिंग, निबंध लेखन, गायन, फैंसी ड्रेस, वाद-विवाद, क्विज प्रतियोगिताएं होंगी। इसके अलावा कवि सम्मेलन, कहानियों पर चर्चा और लेखकों से मिलने का मौका भी मिलेगा। प्रेसवार्ता में पुस्तक मेले के अध्यक्ष देवराज अरोड़ा भी मौजूद रहे।
पहली बार लगेगा सिंधी पुस्तकों का स्टॉल
मेले के उपाध्यक्ष उमेश ढल ने बताया कि यह पहला मौका है जब सिंधी पुस्तकें भी मेले में उपलब्ध रहेंगी। सिंधी पुस्तकों का स्टॉल लगाया जा रहा है। उर्दू पुस्तकों के लिए उर्दू अकादमी की ओर से स्टॉल लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कोशिश रहेगी कि अगले वर्ष से पंजाबी व दूसरी भाषाओं के स्टॉल भी लग सकें। इतना ही नहीं इस बार मॉरीशस से ‘ट्रिन्टी इम्प्रेशन्स’ संस्था के जरिये बुक स्टॉल लग रहे हैं।