{"_id":"63db32d7f121631d215d0582","slug":"na-na-news-c-13-1-72420-2023-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"सदर तहसील : बाबुओं की लापरवाही से अटकीं 10 हजार फाइलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सदर तहसील : बाबुओं की लापरवाही से अटकीं 10 हजार फाइलें
Thu, 02 Feb 2023 09:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 02 Feb 2023 09:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। सदर तहसील के कर्मियों की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। तहसील के न्यायालयों में दस हजार से अधिक फाइलों को अपडेट नहीं किया गया है। जिससे लोगों को मुकदमों की सही जानकारी नहीं मिल रही है। एसडीएम सदर विनोद कुमार सिंह ने लापरवाही करने वाले दस कर्मियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और कार्रवाई की चेतावनी दी है।
राजस्व से संबंधित मुकदमों की प्रगति जानने के लिए उप जिलाधिकारी सदर विनोद कुमार सिंह ने बीते दिनों तहसील के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। समीक्षा बैठक में कुल 12,558 लंबित पाए गए थे। 29 जनवरी को फिर से मुकदमों की समीक्षा की तो संबंधित लिपिकों की लापरवाही सामने आई। समीक्षा में तहसीलदार के न्यायिक लिपिक शिवप्रसाद के पटल पर 3784, एसडीएम के राजस्व अहलमद वेंकटेश्वर राव व फौजदारी अहमद मनीष रावत के पटल पर 992, नायब तहसीलदार सदर के रीडर सुशील कुमार शर्मा के पटल पर 2317, नायब तहसीलदार धानेपुर के रीडर रमाराम शुक्ल के पटल पर 765, नायब तहसीलदार बिरवा के रीडर हनुमान प्रसाद पांडेय के पटल पर 1253, तहसीलदार सदर के न्यायिक लिपिक अमित कुमार सोनी के पटल पर 365 व नायब तहसीलदार खरगूपुर के रीडर कृष्णकुमार मिश्रा के पटल पर 857 फाइलों समेत कुल 10333 फाइलें लंबित पाई गईं।
एसडीएम ने शासकीय कार्यों में अरुचि और आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में सभी कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।
माह भर तक दबाए रखी दैवी आपदा की रिपोर्ट
दैवी आपदा कार्यालय प्रभारी गिरीश चंद्र सोनकर को दैवी आपदा के दो मामलों की रिपोर्ट महीने भर तक दबाए रखने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सदर तहसील के गोविंद पारा गांव के रहने वाले माता प्रसाद की 12 दिसंबर 2022 को छाछपारा कानूनगो गांव के समीप सड़क किनारे गड्ढे में डूबकर मौत हो गई थी। इसकी रिपोर्ट राजस्व निरीक्षक राजदेव पांडेय ने तीन जनवरी को दैवी आपदा कार्यालय प्रभारी को सौंपी थी। कार्यालय प्रभारी गिरीश चंद्र सोनकर इस रिपोर्ट को महीने भर तक दबाए रहे।
विज्ञापन
इसी तरह नरायनपुर गांव के रहने वाले राम सागर की भी 27 नवंबर को तालाब में डूबकर मौत हो गई थी। इसकी रिपोर्ट 16 दिसंबर को राजस्व निरीक्षक ने प्रभारी गिरीश चंद्र को सौंपी थी। इस रिपोर्ट को भी दबाए रखा गया। दोनों रिपोर्ट 20 जनवरी को एसडीएम के सामने प्रस्तुत की गई, जबकि दैवी आपदा से संबंधित मामलों का 24 घंटे में निस्तारण करने का निर्देश है। नाराजगी जताते हुए एसडीएम ने दैवी आपदा कार्यालय प्रभारी गिरीश चंद्र सोनकर को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है ।
लेखपाल की वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक
ऑनलाइन शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले लेखपाल बृजेश कुमार श्रीवास्तव की एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। लेखपाल पर ऑनलाइन शिकायत के निस्तारण में सतही रिपोर्ट लगाने का आरोप है। तहसीलदार सदर परशुराम ने लेखपाल की रिपोर्ट को गैर जिम्मेदाराना और स्वेच्छाचारिता बताते हुए उनकी एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
राजस्व से संबंधित मुकदमों की प्रगति जानने के लिए उप जिलाधिकारी सदर विनोद कुमार सिंह ने बीते दिनों तहसील के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। समीक्षा बैठक में कुल 12,558 लंबित पाए गए थे। 29 जनवरी को फिर से मुकदमों की समीक्षा की तो संबंधित लिपिकों की लापरवाही सामने आई। समीक्षा में तहसीलदार के न्यायिक लिपिक शिवप्रसाद के पटल पर 3784, एसडीएम के राजस्व अहलमद वेंकटेश्वर राव व फौजदारी अहमद मनीष रावत के पटल पर 992, नायब तहसीलदार सदर के रीडर सुशील कुमार शर्मा के पटल पर 2317, नायब तहसीलदार धानेपुर के रीडर रमाराम शुक्ल के पटल पर 765, नायब तहसीलदार बिरवा के रीडर हनुमान प्रसाद पांडेय के पटल पर 1253, तहसीलदार सदर के न्यायिक लिपिक अमित कुमार सोनी के पटल पर 365 व नायब तहसीलदार खरगूपुर के रीडर कृष्णकुमार मिश्रा के पटल पर 857 फाइलों समेत कुल 10333 फाइलें लंबित पाई गईं।
विज्ञापन
एसडीएम ने शासकीय कार्यों में अरुचि और आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में सभी कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।
माह भर तक दबाए रखी दैवी आपदा की रिपोर्ट
दैवी आपदा कार्यालय प्रभारी गिरीश चंद्र सोनकर को दैवी आपदा के दो मामलों की रिपोर्ट महीने भर तक दबाए रखने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सदर तहसील के गोविंद पारा गांव के रहने वाले माता प्रसाद की 12 दिसंबर 2022 को छाछपारा कानूनगो गांव के समीप सड़क किनारे गड्ढे में डूबकर मौत हो गई थी। इसकी रिपोर्ट राजस्व निरीक्षक राजदेव पांडेय ने तीन जनवरी को दैवी आपदा कार्यालय प्रभारी को सौंपी थी। कार्यालय प्रभारी गिरीश चंद्र सोनकर इस रिपोर्ट को महीने भर तक दबाए रहे।
विज्ञापन
इसी तरह नरायनपुर गांव के रहने वाले राम सागर की भी 27 नवंबर को तालाब में डूबकर मौत हो गई थी। इसकी रिपोर्ट 16 दिसंबर को राजस्व निरीक्षक ने प्रभारी गिरीश चंद्र को सौंपी थी। इस रिपोर्ट को भी दबाए रखा गया। दोनों रिपोर्ट 20 जनवरी को एसडीएम के सामने प्रस्तुत की गई, जबकि दैवी आपदा से संबंधित मामलों का 24 घंटे में निस्तारण करने का निर्देश है। नाराजगी जताते हुए एसडीएम ने दैवी आपदा कार्यालय प्रभारी गिरीश चंद्र सोनकर को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है ।
लेखपाल की वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक
ऑनलाइन शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले लेखपाल बृजेश कुमार श्रीवास्तव की एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। लेखपाल पर ऑनलाइन शिकायत के निस्तारण में सतही रिपोर्ट लगाने का आरोप है। तहसीलदार सदर परशुराम ने लेखपाल की रिपोर्ट को गैर जिम्मेदाराना और स्वेच्छाचारिता बताते हुए उनकी एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने का निर्देश दिया है।