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Lucknow News: फैजाबाद संधि से हुई थी अवध पर ब्रिटिश शासन की शुरुआत

Wed, 25 Jan 2023 12:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Wed, 25 Jan 2023 12:32 AM IST
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राजेंद्र कुमार पांडेयअयोध्या। फरवरी 1856 में अयोध्या (फैजाबाद) अंग्रेजी हुकूमत के अधीन हुआ था। अंग्रेजों ने यूपी सहित अन्य भू-क्षेत्रों पर अपना प्रभुत्व युद्ध के बजाए संधि के हथियार का प्रयोग करके स्थापित किया था। फैजाबाद के लिए स्थिति अलग थी। अवध क्षेत्र के विभिन्न जिलों को न तो युद्ध से जीतकर मिलाया गया और न ही संधि से। बल्कि तत्कालीन नवाब वाजिद अली शाह पर कुप्रशासन का आरोप लगाकर अंग्रेजी राज में मिला लिया गया था। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर अयोध्या शोध संस्थान में संरक्षित उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार के दस्तावेजों को खंगालने से फैजाबाद (अयोध्या) व प्रदेश को लेकर ऐसे कई तथ्य मिलते हैं।
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अंग्रेजी हुकूमत में फैजाबाद खास मुकाम रखता है। यह नवाबों की राजधानी रही है। अंग्रेज कलकत्ता से बाहर पश्चिम की ओर फैजाबाद संधि के जरिए ही निकले लेकिन इस पर अपना प्रभुत्व सबसे बाद में स्थापित कर पाए। यह शायद अंग्रेजों की रणनीति थी कि अवध के चारों ओर अपना साम्राज्य स्थापित किया उसके बाद बिना युद्ध और संधि के इस पर जबरिया कब्जा कर लिया।
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अयोध्या (फैजाबाद), अंग्रेजी शासन के अधीन तो 1856 में आया, लेकिन वर्तमान यूपी, उत्तराखंड और हरियाणा के अधिकांश क्षेत्रों पर अंग्रेजी शासन की शुरुआत फैजाबाद संधि से ही हुई। जब सन् 1775 में नवाब वजीर आसफउददौला और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच फैजाबाद संधि के जरिए बनारस, गाजीपुर, जौनपुर, बलिया और मिर्जापुर (दक्षिणी भाग को छोड़कर) अंंग्रेजों के अधीन आ गया। उस समय यह प्रांत प्रेसीडेंसी ऑफ फोर्ट विलियम (बंगाल) के अधीन था।
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फूट डाल संधियों के जरिए हथियाया राज

फैजाबाद संधि के बाद तो कब्जे के लिए अंग्रेजों ने केवल फूट डाल संधियों के जरिए देशी नवाब और राजाओं के राज हथिया लिया। पूरब से पश्चिम की ओर कंपनी ने अपना पांव पसारने के लिए संधियों की भरमार कर दी। सबसे अंत में 13 फरवरी 1856 को अंग्रेजों ने शेष बचे अवध क्षेत्र के तहत लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, फैजाबाद, गोंडा, बहराइच, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ और बाराबंकी को नवाब वाजिद अली शाह पर कुप्रशासन का आरोप लगाकर अंग्रेजी राज्य का हिस्सा बना लिया।

अंग्रेजी हुकूमत में बदलती रही राजधानी
अंग्रेजी हुकूमत के दौरान कब्जे किए गए क्षेत्र की राजधानी कई बार बदली। सन 1934 में प्रांत का नाम चार्ल्स थियोफिलस मेटकाफ करने के साथ इसकी राजधानी इलाहाबाद बनाई गई। 1836 में प्रांत का नाम नॉर्थ वेस्टर्न प्राेविंसेज करने के साथ राजधानी को आगरा बनाया गया। 1856 में अवध को अंग्रेजी राज्य में मिलाने के बाद 1858 में इसकी राजधानी फिर आगरा से इलाहाबाद स्थानांतरित कर दी गई। आजादी के बाद रामपुर, टिहरी गढ़वाल और बनारस स्टेट को इस प्रदेश में मिला दिया गया। लंबी यात्रा के बाद 24 जनवरी 1950 को इस प्रांत का नाम उत्तर प्रदेश रखा गया। सन् 2000 में यूपी से उत्तरांचल प्रांत को अलग करके उत्तराखंड राज्य की स्थापना की गई।
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