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इलाज से संतुष्ट नहीं हैं तो यहां दर्ज कराएं शिकायत, बस करना होगा इतना सा काम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 04 Oct 2018 01:29 PM IST
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केजीएमयू में अगर मरीज इलाज या दूसरी व्यवस्थाओं से संतुष्ट नहीं है तो वह अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा। मेरा अस्पताल परियोजना के जरिये मरीजों की शिकायत जिम्मेदार अफसरों तक पहुंचेगी और फीडबैक के जरिये अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारी जाएंगी।
केंद्र सरकार की ओर से मेरा अस्पताल (माई हॉस्पिटल) एप लॉन्च किया गया है। इसे ई-हॉस्पिटल से जोड़ा गया है। प्रदेश में इसके लिए 30 अस्पतालों को चुना गया है। इसमें राजधानी में केजीएमयू के अलावा बलरामपुर अस्पताल, लोहिया व सिविल अस्पताल भी शामिल हैं।
केजीएमयू और लोहिया अस्पताल में यह व्यवस्था शुरू हो गई है। अन्य अस्पताल भी इसे लागू करने की कवायद में लगे हैं। इससे मरीज को अपनी स्थिति बताने का मौका मिलेगा। इसके जरिये अस्पताल की गुणवत्ता सुधारने का दावा किया जा रहा है।मरीज का पर्चा ई -हॉस्पिटल पर बन रहा है। इसमें नाम, पता, उम्र के साथ मोबाइल नंबर भी दर्ज होता है।
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पर्चा बनने के साथ ही ई-हॉस्पिटल के जरिये मरीज का मोबाइल नंबर माई हॉस्पिटल एप तक पहुंच जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर सिल्वर टच कंपनी के साथ अनुबंध है। यह इंटरेक्टिव वाइस रिस्पॉन्स सिस्टम (आईवीआरएस) के तहत काम करेगा। इससे मरीजों को अस्पताल में मिल रहे इलाज और अन्य तरह की सुविधाओं के बारे में फोन से फीडबैक लिया जाएगा। फिर उस फीडबैक से संबंधित अस्पताल को अवगत कराया जाएगा।
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केंद्र सरकार की ओर से मेरा अस्पताल (माई हॉस्पिटल) एप लॉन्च किया गया है। इसे ई-हॉस्पिटल से जोड़ा गया है। प्रदेश में इसके लिए 30 अस्पतालों को चुना गया है। इसमें राजधानी में केजीएमयू के अलावा बलरामपुर अस्पताल, लोहिया व सिविल अस्पताल भी शामिल हैं।
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केजीएमयू और लोहिया अस्पताल में यह व्यवस्था शुरू हो गई है। अन्य अस्पताल भी इसे लागू करने की कवायद में लगे हैं। इससे मरीज को अपनी स्थिति बताने का मौका मिलेगा। इसके जरिये अस्पताल की गुणवत्ता सुधारने का दावा किया जा रहा है।मरीज का पर्चा ई -हॉस्पिटल पर बन रहा है। इसमें नाम, पता, उम्र के साथ मोबाइल नंबर भी दर्ज होता है।
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पर्चा बनने के साथ ही ई-हॉस्पिटल के जरिये मरीज का मोबाइल नंबर माई हॉस्पिटल एप तक पहुंच जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर सिल्वर टच कंपनी के साथ अनुबंध है। यह इंटरेक्टिव वाइस रिस्पॉन्स सिस्टम (आईवीआरएस) के तहत काम करेगा। इससे मरीजों को अस्पताल में मिल रहे इलाज और अन्य तरह की सुविधाओं के बारे में फोन से फीडबैक लिया जाएगा। फिर उस फीडबैक से संबंधित अस्पताल को अवगत कराया जाएगा।
एप से ऑनलाइन होगा रजिस्ट्रेशन
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मरीज इलाज से संतुष्ट है तो मोबाइल कॉल आने पर उसे एक नंबर का बटन दबाना होगा। संतुष्ट नहीं है तो दो नंबर का बटन दबाना होगा। मेरा अस्पताल एप के जरिये मरीज कहीं से भी ऑनलाइन पंजीयन करा सकेगा। इसके बाद वह ओपीडी में दोपहर 12 बजे से दो बजे तक संबंधित चिकित्सक को दिखा सकता है।
मरीजों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
अस्पताल आने वाले मरीजों को कि स तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मरीज को डॉक्टर नहीं मिले, कर्मचारियों का व्यवहार, दवा की उपलब्धता सहित कई बिंदुओं पर फीडबैक लिया जाएगा। इन शिकायतों के निस्तारण के लिए पैनल बनाया गया है। इसका नेतृत्व सीएमएस करेंगे। इससे शिकायतों का निस्तारण होगा और अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। -डॉ. संदीप भट्टाचार्य, प्रभारी, आईटी सेल
मरीजों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
अस्पताल आने वाले मरीजों को कि स तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मरीज को डॉक्टर नहीं मिले, कर्मचारियों का व्यवहार, दवा की उपलब्धता सहित कई बिंदुओं पर फीडबैक लिया जाएगा। इन शिकायतों के निस्तारण के लिए पैनल बनाया गया है। इसका नेतृत्व सीएमएस करेंगे। इससे शिकायतों का निस्तारण होगा और अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। -डॉ. संदीप भट्टाचार्य, प्रभारी, आईटी सेल