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मुजफ्फरनगर के गांवों में भारी फोर्स तैनात
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Sat, 14 Sep 2013 01:51 AM IST
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सांप्रदायिक हिंसा की चपेट में आए मुजफ्फरनगर के हालात सामान्य होने की ओर बढ़ रहे हैं।
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इसके तहत जिले के कर्फ्यूग्रस्त तीन थाना क्षेत्रों में शुक्रवार को सुबह सात से शाम सात बजे तक 12 घंटे की ढील दी गई।
जिले के ग्रामीण इलाके में अभी भी लोगों के आशंका में होने की जानकारी के मद्देनजर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
अब तक 545 गांवों में फिक्स पिकेट लगाई गई है जबकि पुलिस की 563 मोबाइल वैन को सक्रिय किया गया है।
हर वैन तीन गांवों के क्षेत्र में सक्रिय रहेगी और तैनात पुलिसकर्मी ग्रामीणों से मिलकर उनकी आशंकाओं का समाधान करेंगे।
उधर, उपद्रवियों के खिलाफ जारी कार्रवाई के तहत हत्या के मामले में नामजद हुए कुल 11 लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करने का फैसला किया गया है।
हालात सामान्य होने का दावाकरने के साथ ही सरकार ने यह माना है कि मुजफ्फरनगर दंगे में कुल 45 लोगों की मौत हुई है।
अधिकारियों ने दावा किया कि मेरठ में गुरुवार को हत्या की जो वारदात हुई थी, वह दंगे से संबंधित नहीं थी, बल्कि साइबर कैफे को लेकर चल रहे दो पक्षों की रंजिश का परिणाम थी।
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आईजी एसटीएफ आशीष गुप्ता ने कहा कि इसे लेकर दोनों संप्रदायों के लोगों में वहां आपसी सहमति बन चुकी है कि यह घटना दंगे का परिणाम नहीं थी।
लोगों में विश्वास जगाने की कोशिश
दंगे के दमन को लेकर राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का हवाला देने के दौरान आईजी ने यह भी स्वीकार किया मुजफ्फरनगर व अन्य प्रभावित जिलों के ग्रामीण इलाकों में लोग अभी आशंकाग्रस्त हैं।
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ग्रामीणों में विश्वास जागृत करने के लिए पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार कोशिशें जारी हैं। ऐसे गांव जहां किसी एक समुदाय की जनसंख्या अधिक है, उनमें पुलिस की फिक्स पिकेट लगाई गई है।
साथ ही पुलिस की मोबाइल वैन में तैनात पुलिसकर्मियों को सक्रिय किया गया है। ये पुलिसकर्मी लोगों से मेल-मुलाकात कर उनमें कानून-व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखने पर काम करेंगे। जहां लोगों को संघर्ष को लेकर आशंका है, वहां उनसे चर्चा कर इसका समाधान करना है।
नहर से बरामद हुए तीन शव
शुक्रवार को नहर में बहकर आई तीन लाश बरामद हुईं। इनमें से एक मेरठ के जानी क्षेत्र में, दूसरी मुजफ्फरनगर के भोपा व तीसरी इसी जिले के सिखेड़ा थाना क्षेत्र में बरामद हुई।
आईजी ने बताया कि तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है ताकि उनकी मूत्यु का कारण व समय पता लगाया जा सके। इन तीनों की अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी है।
अभी भी पांच लापता
हिंसा के दौरान लापता होने वाले कुल पांच लोगों की ही सूचना पुलिस के रोजनामचे में दर्ज हो सकी है। अधिकारियों के मुताबिक कुल और लोगों के लापता होने की सूचना आई थी, लेकिन उनके वापस घर लौट आने की पुष्टि भी हो गई है।