अबू आज़मी के डीएनए बयान पर खफा हो गए मुस्लिम
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सपा नेता अबू आज़मी के दिये गए बयान पर मुस्लिम धर्म गुरूओं और नेताओं ने कड़ी नाराजगी दिखाते हुए उन्हें देश का माहौल खराब करने वाला करार दिया है।
मुसलिम नेताओं और धर्मगुरुओं ने अबू आजमी को तानाशाह बताते हुए चुनाव आयोग से उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मुसलिम नेताओं का कहना है कि ऐसे बड़बोले नेताओं पर कार्रवाई न होने से उनका मनोबल बढ़ा हुआ है। ऐसे नेताओं की अपीलों का किसी पर कोई फर्क नहीं पड़ता। ऐसे लोग कभी हिन्दू तो कभी मुसलमानों की भावनाओं को भड़काकर देश का माहौल खराब करना चाहते हैं।
गौरतलब है कि गुरुवार को अबू आजमी ने संतकबीरनगर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि जो मुसलमान सपा को वोट न दे वह सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता। ऐसे मुसलमानों का डीएनए टेस्ट कराया जाना चाहिए।
सभी ने की आलोचना
मुसलमानों का वोट सम्मान के साथ
इस पर ऐशबाग ईदगाह के मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि चुनाव के दौरान इस तरह के बयान से मुसलमानों को काफी ठेस पहुंची है। ऐसे बयानों को रोकने के लिए सख्त कानून की जरूरत है।
मौलाना के अनुसार अफसोसनाक बयान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। ताकि दूसरे किसी की हिम्मत न पड़े। देश के मुसलमान का वोट देश के सम्मान व तरक्की के साथ है।
आयोग करे कार्रवाई
आज़मी के बयान पर शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास का कहना है कि यह बयान अफसोस नाक है। इसकी जितनी निन्दा की जाए कम है। यह बयान भी गिरिराज व केजरीवाल के बयान की तरह ही देश के मुसलमानों को ठेस पहुंचाने वाला है।
उनका कहना है कि समाजवादी अलग मुसलमान देश की सभी पार्टियों के साथ है। चुनाव आयोग को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
भावनाओं को अहत करने वाला बयान
इस पर टीले वाली मस्जिद के इमाम मौलाना फजलुर्रहमान वायजी नदवी का कहना है कि देश में सबको आजादी है, कोई बंदिश नहीं है। ऐसे बयान भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। चुनाव के दौरान इस तरह के बयान से गलत फहमियां पैदा करने का प्रयास किया जाता है। यह सही नहीं है।
मौलाना का कहना है कि ऐसे नेताओं की पार्टी से सदस्यता खत्म कर देनी चाहिए। चुनाव में इस तरह के बयान की जरूरत नहीं है लेकिन नेता व उलमा को जाने क्या हो गया है?
खराब मानसिकता का उदाहरण
शिया हेल्पलाइन के अध्यक्ष मौलाना कल्बे सिब्तैन नूरी का कहना है कि मुसलमान सिर्फ अल्लाह की पैरवी करता है यह बेवकूफी भरा बयान है, यह कोई तानाशाही तो है नहीं कि केवल एक पार्टी को ही चुना जाए।
मौलाना के अनुसार लोकतंत्र में सबको सोचने समझने और अपना पक्ष रखने की आजादी है। इस तरह के बयान से मानसिकता का पता चलता है। मुसलमान सिर्फ अल्लाह की इतात यानी पैरवी करता है किसी सियासी नेता की इतात करना जरूरी नहीं है।
इस पर मौलाना अबुल इरफान मियां फरंगी महली का कहना है कि ऐसे नेताओं की दावेदारी को ही खत्म किया जाए बद अकल व बद किरदार लोग ही इस तरह के बयान जारी कर माहौल को बिगाड़ना चाहते हैं। ऐसे नेताओं को सियासी व दीन की समझ नहीं है।
उन्होंने कहा कि ऐसे नेता सिक्कों की चमक में अंधे हो चुके हैं इन नेताओं की दावेदारी को ही खत्म कर देना चाहिए। ईमान वाला मुसलमान सिर्फ व सिर्फ देश के हित में मतदान करेगा। ऐसे नेताओं के दबाव में एक भी वोट नहीं पड़ने वाला।
मुस्लिम देश के लिए वोट करेगा
अंबर के अनुसार नेता व उलमा के बयान उनकी जहनियत को बयां करते हैं। अल्लाह की पैरवी करने वाला मुसलमान अपने ईमान के साथ देश का हित ही सोचेगा और देश हित में मतदान करेगा। दबाव में नहीं।
मोमिन अंसार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अकरम अंसारी का कहना है कि ऐसे नेताओं के बयान का सख्त विरोध होना चाहिए। सपा नेता बयान देने से पहले अपने गिरेबां में झांके, जो मुसलमानों की लाशों पर राजनीति कर रहे हैं।
दंगों में मारे गए मुसलमानों, प्रतापगढ़ के आस्तान गांव में जले मुसलमानों के घर को नेता जी भूल गए। जिस सरकार में बुनकरों व दस्तकारों की सुनवाई न हो आयोग के गठन अदालतों के दबाव में हो उसके नेता जहर ही उगलेंगे।