संतों संग राम जन्मभूमि न्यास पहुंचे मुस्लिम समाज के लोग, राम मंदिर के लिए की पत्थरों की सफाई
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सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर को लेकर चल रही सुनवाई के बीच मुस्लिम समाज के वो लोग जो राम मंदिर निर्माण के समर्थन में हैं सोमवार को राम जन्मभूमि न्यास कार्यशाला पहुंचे और मंदिर निर्माण के लिए तराशे गए पत्थरों की सफाई की।
ये लोग बबलू खान के नेतृत्व में यहां पहुंचे थे जो कि राम मंदिर बनाने के लिए मुहिम चला रहे हैं। इस मौके पर महंत परमहंस दास, महंत बृजमोहन दास, महंत डॉ. राघवेश दास वेदांती सहित विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा भी मौजूद रहे।
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बता दें कि इसके पहले शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी भी अयोध्या में राम मंदिर बनवाए जाने का खुला समर्थन कर चुके हैं। जिसे लेकर वह कट्टरपंथियों के निशाने पर भी आ चुके हैं।
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सोमवार को नहीं हो सकी सुनवाई
वहीं, सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले पर सोमवार को संविधान पीठ के पांच न्यायाधीशों में से एक के मौजूद ना होने के कारण सुनवाई नहीं हुई। इस मामले पर प्रतिदिन सुनवाई चल रही है और सोमवार को सुनवाई का आठवां दिन है।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली पीठ राम लला विराजमान के वकील सी.एस वैद्यनाथन की दलील सुनने वाली थी। सुनवाई शुरू होने से कुछ मिनट पहले अदालत के कर्मचारियों ने दोनों पक्षों के वकीलों को बताया कि न्यायमूर्ति एस.ए. बोबडे आज मौजूद नहीं हैं।
अधिवक्ता वैद्यनाथन ने शुक्रवार को पीठ से कहा था कि एएसआई की रिपोर्ट के अनुसार वहां ईसापूर्व दूसरी शताब्दी का स्तंभ आधारित एक भव्य ढांचा मौजूद था और एएसआई के सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि उस स्थल पर स्तंभों वाला एक मंडप था।
शीर्ष अदालत अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि के मालिकाना हक के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सितंबर, 2010 के फैसले के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई कर रही है।
चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय पीठ कर रही मामले की सुनवाई
बता दें कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संवैधानिक पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। इस संवैधानिक पीठ में जस्टिस एस. ए. बोबडे, जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस. ए. नजीर भी शामिल हैं।