मुसलमान देश के किरायेदार नहीं हिस्सेदार: मदनी
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जमीयत-उलेमा-ए हिंद के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व सांसद मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा कि मुसलमान देश में किरायेदार नहीं, बल्कि हिस्सेदार हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अच्छे दिनों के नाम पर आने वालों की घर वापसी हो जाएगी।
शनिवार को जमीयत-उलेमा-ए हिंद के बैनरतले इंदिरा बाल भवन में आयोजित महासिन-ए इस्लाम, गलत फहमी निवारण कांफ्रेंस में मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा कि अपने वतन की मिट्टी से ज्यादा खुशबू दूसरे मुल्कों के फूलों में भी नहीं हैं।
अच्छे दिन का वादा करने वालों की दिल्ली गेट से वापसी हो गई। धर्मगुरुआचार्य प्रमोद कृष्णम ने इस्लाम को खूबियों का नाम बताया। कहा कि सभी धर्मों की किताबों पर अमल होने लगे, तो फसाद खत्म हो जाएंगे। इस्लाम में आतंक की कोई जगह नहीं है।
ये देश गांधी का है, इसे गोडसे का नहीं बनने देंगे
उन्होंने चैत्र नवरात्र के पहले दिन आयोजित कांफ्रेंस में सभी से देश को बंटने और टूटने नहीं देने की अपील की। कहा कि देश गांधी का है, इसे गोडसे का देश नहीं बनने देंगे। सेंट्रल मैथोडिस्ट चर्च के पादरी एलिप्रिंस ने सभी से धर्म के नाम पर किसी कीमत पर नहीं बंटने की अपील की।
कांफ्रेंस में विधायक मनोज पारस, डॉ. राधेश्याम, जावेद आफताब, डॉ. वीरेंद्र सिंह, डॉ. सूर्यमणि रघुवंशी आदि ने विचार रखे। कारी महमूद अरशद के संचालन में आयोजित कांफ्रेंस में नहटौर चेयरमैन रशीद अहमद छिद्दू, जमीयत-शबाबुल इस्लाम के वेस्ट यूपी महासचिव मौलाना अनवारूल हक, कांग्रेस नेता हुमायूं बेग, रालोद नेता मुनिदेव शर्मा आदि मौजूद रहे।
मुल्क में अमनो-अमान की दुआ के बाद कांफ्रेंस समाप्त की गई। उधर, कांफ्रेंस में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने नबी की शान में कलाम पेश करते हुए फरमाया कि मेरे सीने की धड़कन हैं मेरी आंखों के तारे हैं, सहारा बेसहारों का खुदा के वे दुलारे हैं, समझकर तुम फकत अपना उन्हें तसलीम न करना बी जितने तुम्हारे हैं नबी उतने हमारे हैं।
तालीम के अभाव में इस्लाम को बदनाम कर रहे मुस्लिम
जमीयत-उलेमा ए-हिंद के महासचिव सैयद मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा कि ईमान किसी के घर में पैदा नहीं होता हैं। ईमान को माना जाता है। तालीम के अभाव में मुसलमान ही इस्लाम को बदनाम करने का काम कर रहे हैं।
नहटौर में एक बैंक्वट हॉल में आयोजित दीनी जलसे में मुख्य अतिथि मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा कि इस्लाम इंसानियत के लिए हैं। ईमान किसी के घर में पैदा नहीं होता हैं। ईमान को मानने वाला ही सच्चा मुसलमान हैं।
इस मौके पर मौलाना नसीम अहमद, मोहम्मद अशरफ, मुफ्ती दिलशाद, मौलाना तैय्यब, अतीक अहमद, कारी हारून, गय्यास, उस्मान, अब्दुल रजाक, दिलशाद अहमद,फारूख फौजी, हाजी निजामुददीन ट्रांसपोर्ट, खुर्शीद अंसारी आदि ने भाग लिया। अध्यक्षता मौलाना सुलतान व संचालन कारी रियाजुददीन ने किया।
अगले 20 साल तक सिर्फ तालीम हासिल करें मुसलमान
किरतपुर के मदरसा अनवार उल उलूम में आयोजित जलसे में असद मदनी ने कहा कि मुसलमानों का अगले 20 सालों का एजेंडा तालीम हासिल करना होना चाहिए। तालीम हासिल करने पर मुसलमानों से नफरत करने वाले उनसे मोहब्बत करने लगेंगे।
इस मौके पर कारी शमीम, मौलाना मुफ्ती बिलाल अहमद, कारी अरशद, मौलाना मुफ्ती मोहम्मद अफ्फान ने भी विचार रखे। अध्यक्षता मौलाना अली हसन व संचालन मौलाना मुख्तार ने किया। मोहम्मद साईम राजा, मुबश्शिर जमां खां, मुख्तार अहमद, मोहम्मद जावेद खां, मलिम खां, मेहरबान अली, हाफिज हयात खां, मौलना अब्दुल रहमान आदि मौजूद रहे।
स्योहारा में एक पेट्रोल पंप के पास आयोजित कांफ्रेंस में मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा मुसलमान जब तक खुद नहीं बदलेंगे, तब तक दूसरों को वह नहीं बदल पाएंगे। मुस्लिम युवाओं में नशे की बढ़ती लत पर चिंता जताई।
कार्यक्रम में मौलाना मुफ्ती उवैश अकरम, मौलाना बिलाल अहमद, मौलाना अरशद महमूद, हाजी मुहम्मद इलियास खां, आमिर चौधरी, डॉ. मनोज वर्मा, व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष अरुण कुमार वर्मा, कारी अब्दुल कदीर आदि उपस्थित रहे।