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मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मोदी सरकार को दी चेतावनी

Sun, 07 Jun 2015 09:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 07 Jun 2015 09:09 PM IST
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Muslim personal law board protest Modi govt's policies.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को यहां नदवा कॉलेज में हुई बोर्ड की कार्यकारिणी की बैठक में कहा गया कि मोदी सरकार सूर्य नमस्कार, गीता व योग को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की कोशिश कर रही है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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हर स्तर पर इसका विरोध किया जाएगा। घर वापसी का अभियान चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही इसे मुसलमानों की धार्मिक आजादी के लिए खतरा करार दिया गया। यह भी फैसला किया गया कि इस तरह के अभियानों का हर स्तर पर जवाब दिया जाए। बैठक में पिछले कुछ दिनों से न्यायालयों से शरीयत कानून के खिलाफ आ रहे फैसलों पर चिंता जताई गई।
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बोर्ड के कार्यकारिणी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसनी नदवी की अध्यक्षता में बोर्ड कार्यकारिणी ने केंद्र सरकार के एक साल के कार्यकाल में मुसलमानों के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के रुख पर चर्चा की गई।
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सभी ने कहा कि सरकार के कुछ कदम मुसलमानों को आशंका में डाल रहे हैं। स्कूलों के पाठ्यक्रम में सूर्य नमस्कार,गीता व योग को शामिल करने की कोशिश ठीक नहीं है। स्कूलों में सभी धर्मों के बच्चे आते हैं। इसलिए किसी एक धर्म के धार्मिक ग्रंथ को दूसरे धर्म के बच्चे पर जबरन थोपना गलत है। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

घर वापसी मुसलमानों की धार्मिक आजादी के लिए खतरा

Muslim personal law board protest Modi govt's policies.

उन्होंने बताया कि बैठक में घर वापसी को मुसलमानों की धार्मिक आजादी के लिए खतरा खड़ा करने की कोशिश माना गया। पर्सनल लॉ बोर्ड इस बारे में मुस्लिम समाज को जागरूक करेगा। इसके लिए मजलिस-ए-अमल कमेटी का गठन करने का निर्णय हुआ है। कमेटी में सभी धर्म के नुमाइंदे रखे जाएंगे।

शरीयत के खिलाफ फैसलों पर चिंता : बोर्ड ने महसूस किया है कि कोर्ट से शरई मामलों के विरुद्ध लगातार आ रहे फैसलों को लेकर भी मुस्लिम समाज में चिंता है। बैठक में ऐसे फैसलों के खिलाफ पैरवी के लिए कमेटी गठित करने का निर्णय किया गया।

यह कमेटी हर फैसले की समीक्षा करके उसके खिलाफ सही जगह पर बात रखने या न्यायालय में ही अपील करने का काम करेगी।

कार्यकारिणी की बैठक में उपाध्यक्ष मौलाना डॉ. कल्बे  सादिक, महासचिव मौलाना निजामुद्दीन, प्रवक्ता अब्दुल रहीम  कुरैशी, कार्यकारिणी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, जफरयाब  जीलानी,  कमाल फारूकी, शकील सामदानी सहित पूरे देश से आए बोर्ड के पदाधिकारी व कार्यकारिणी सदस्य शामिल हुए।

मौलाना वली रहमानी कार्यवाहक महासचिव

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सलन लॉ बोर्ड ने मौलाना वली रहमानी  को बोर्ड का कार्यवाहक महासचिव बनाने का फैसला किया है। हालांकि मौलाना निजामुद्दीन महासचिव बने रहेंगे, लेकिन उनकी उम्र व स्वास्थ्य की दिक्कतों को देखते हुए रहमानी को कार्यवाहक महासचिव बनाकर उनके काम में हाथ बंटाने को कहा गया है। यह जानकारी बोर्ड के प्रवक्ता अब्दुल रहीम कुरैशी ने दी।

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