अयोध्या मुद्दा: बाबरी मस्जिद दूसरी जगह शिफ्ट करने पर मुस्लिम नेता सहमत, जल्द होगी बड़ी बैठक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या में मंदिर-मस्जिद विवाद का कोर्ट के बाहर समाधान करने को लेकर गुरुवार को उप्र. सुन्नी वक्फ बोर्ड, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और मुस्लिम समुदाय के कई प्रमुख सदस्यों ने धर्मगुरु श्रीश्रीरवि शंकर से बंगलूरू में मुलाकात की।
इन सभी ने मस्जिद को किसी अन्य जगह शिफ्ट करने के प्रस्ताव का समर्थन किया। साथ ही अयोध्या मसले का समाधान अदालत के बाहर ही निकाल लिए जाने की वकालत की। आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर बंगलूरू की ओर से बताया गया कि श्रीश्री से मिलने वाले 16 सदस्यीय दल में देश के विभिन्न प्रदेशों के मुस्लिम प्रतिनिधि व बुद्धिजीवी शामिल थे।
इनमें मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारी सदस्य मौलाना सैयद सलमान हुसैन नदवी, उप्र. सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर फारुखी, टीले वाली मस्जिद लखनऊ के मौलाना वासिफ हसन, रिटायर्ड आईएएस डॉ. अनीस अंसारी, कारोबारी एआर रहमान, वर्ल्ड इस्लामिक फोरम लंदन के चेयरमैन मौलाना ईसा मंसूरी, लखनऊ से वरिष्ठ अधिवक्ता इमरान अहमद, हज कमेटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन ए अबुबकर, बंगलूरू से अधिवक्ता एमजीएस कमल व डॉ. मूसा कैसर और उवैदा शामिल थे।
जल्द होगी बड़ी बैठक, समाधान निकालने की कोशिश
इस मुलाकात में तय किया गया कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, संभव हुआ तो मार्च में प्रस्तावित कोर्ट की अगली तारीख से पहले एक बड़ी बैठक दोनों धर्मों के प्रमुख प्रतिनिधियों के बीच करवाई जाए। इसका मूल उद्देश्य कोर्ट के बाहर अयोध्या विवाद का समाधान निकालना और मस्जिद शिफ्ट करने पर सहमतिपूर्ण वातावरण तैयार करना है।
शिया वक्फ बोर्ड जता चुका है सहमति
इससे पहले शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी भी अक्तूबर 2017 में श्रीश्री से मिले थे। उस दौरान कहा था कि शिया बोर्ड मंदिर बनाने के पक्ष में है। बातचीत के जरिए जो भी यह काम करना चाहता है, बोर्ड उससे बात करने को तैयार है।