अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट के साथ अटक गया मूसाबाग पर्यटन स्थल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के बीचोंबीच स्थित मूसाबाग को नए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना अधर में लटकी है।मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘क्लीन यूपी-ग्रीन यूपी’योजना में मूसाबाग को भी शामिल किया गया था।
अफसरों ने योजनाएं बनाई,प्लान तय किए और पुराने शहर की धरोहर को संवारने की तैयारी की,लेकिन पिछले साल दिसंबर में शुरू हुई कवायद सात महीने बाद भी शुरू नहीं हो सकी है।
कुकरैल के बाद दूसरे पिकनिक स्पॉट के रूप में इसे डवलप किया जाना था। अधिकारियों के मुताबिक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार है,मामला अभी बजट को लेकर अटका है।
मूसाबाग को डवलप किए जाने की कवायद दिसंबर में शुरू की गई थी। शहर के बीचोंबीच लगभग 285 एकड़ में फैले पांच वन खंडों के मूसाबाग को इको टूरिज्म स्थल के रूप में डवलप किए जाने की तैयारी थी।
काम दो फेज का था,आला अधिकारियों को दोनों ही फेज का डीपीआर भेजा जा चुका है। राजधानी के दूसरे पिकनिक स्पॉट के रूप में डवलप करने के अलावा यहां कई नए आकर्षण जोड़े जाने हैं ताकि बाहर से आने वाले सैलानियों को भी जोड़ा जा सके।
दूसरे चरण में नए वित्तीय वर्ष में सारे मूसाबाग फॉरेस्ट एरिया को कवर करते हुई लगभग 8.5 किमी.से अधिक की बाउंड्रीवाल बनवाई जानी है,ताकि वनक्षेत्र पर अतिक्रमण न हो सके।
मूसाबाग में होने ये सभी काम
मूसाबाग लखनऊ इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (एलआईटी) वन ब्लॉक में कई चरणों में सुंदरीकरण का काम होना है। प्रोजेक्ट के तहत पार्क, झूला पार्क,साइड पाथ-वे आदि को संवारा जाएगा, जिसमें नए आकर्षक झूलों समेत कई विंग्स पर काम किया जाना है।
झूले बहुत कुछ लखनऊ जू के चिल्ड्रन पार्क जैसे हो सकते हैं। इसके अलावा पार्कों को चारों ओर से कई किस्मों के फूलों से सजाया जाने की भी प्लानिंग है ताकि ये और भी आकर्षक लगे। इससे पार्कों में खेलने आने वाले बच्चे,मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों को सुकून दे।
‘मूसाबाग को डवलप करने के लिए दो चरणों के काम की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट समेत करीब पौने चार करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
अवध के डीएफओ एससी यादव ने बताया कि पहले चरण में पार्कों को विकसित करने,झूलों को संवारने आदि पर काम होना है। बजट का ही इंतजार है,उसके जारी होते ही मूसाबाग को संवारने का काम शुरू कर देंगे। हल्का-फुल्का काम पहले चरण में प्रस्तावित है,जबकि भारी काम वित्तीय वर्ष 2015-16 में होना प्रस्तावित है।