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संस्कृति हत्याकांड के फरार अभियुक्त को एसटीएफ ने दबोचा, दी अहम जानकारी

Fri, 11 Jan 2019 12:48 AM IST
MANISH sachan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: MANISH sachan Updated Fri, 11 Jan 2019 12:48 AM IST
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murderer of sanskriti arrested by stf
संस्कृति हत्याकांड

राजधानी में पालीटेक्निक की छात्रा संस्कृति राय की सनसनीखेज हत्या में वांछित 50 हजार के इनामी बदमाश भूरे उर्फ लंबू उर्फ रामजस को एसटीएफ ने पंजाब के लुधियाना से दबोच लिया है। एसटीएफ का दावा है कि आरोपी ने हत्या करने की बात स्वीकार की है।

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एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि एसटीएफ की टीम ने उसे लुधियाना के मोतीनगर इलाके से बुधवार रात दबोच लिया। गिरफ्तार अभियुक्त ने कुबूला है कि बीती 21 जून को उसने अपने साथी राजेश रैदास व राकेश कुमार प्रजापति के साथ मिलकर बादशाह नगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने के लिए जा रही संस्कृति राय को अपने टेंपो में बैठाया था। 
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इसके बाद उन लोगों ने उससे लूटपाट की कोशिश की। संस्कृति ने जब इसका विरोध किया तो तीनों ने उस पर हमला कर दिया और उसे मरा समझकर घैला पुल के पास फेंक कर फरार हो गए थे। 
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भूरे ने एसटीएफ को हत्या कांड से जुड़ी कुछ और अहम जानकारी दी है, जिसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूर्व में कराई गई एफआईआर से वेरिफाई कराया जा रहा है। इस मामले की गाजीपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।

यह था मामला

इंदिरानगर के सेक्टर नौ में किराये के मकान में रहकर पॉलीटेक्निक में पढ़ रही बलिया के भगवानपुर निवासी अधिवक्ता उमेश कुमार राय की बेटी संस्कृति 21 जून 2018 की रात करीब आठ बजे घर जाने के लिए निकली और गायब हो गई। अगले दिन सुबह उसे मड़ियांव के घैला पुल के नीचे झाड़ियों में मरणासन्न हालत में पड़ा पाया गया। 

ट्रामा सेंटर में संस्कृति ने दम तोड़ दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी थी जिसके बाद सीतापुर के हिस्ट्रीशीटर व ऑटो चालक राजेश को पकड़ लिया गया। उसने अपने चार दोस्तों के साथ लूटपाट के इरादे से हत्या की बात कुबूली थी। 

राजेश ने बताया था कि संस्कृति बादशाहनगर रेलवे स्टेशन जाने के लिए उसके ऑटो में बैठी थी। ऑटो में उसके चार दोस्त भी थे। सूनसान रास्ता देख उन्होंने संस्कृति को लूटने का मन बनाया और उसे मड़ियांव के घैला पुल की तरफ ले गए। पुल पर पहुंचते ही संस्कृति का बैग छीना तो वह विरोध करने लगी। धक्का-मुक्की के दौरान वह पुल की रेलिंग से टकरा गई। ऑटो चालक व उसके साथियों ने उसे पुल से नीचे फेंक दिया और भाग गए।

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