{"_id":"62d474d1a797450c3214f0ac","slug":"murder-of-a-tantrik-gw-reporters-news-lko6399519198","type":"story","status":"publish","title_hn":"झाड़-फूंक करने वाले तांत्रिक की सिर कुच कर हत्या, त्रिशूल से गोदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झाड़-फूंक करने वाले तांत्रिक की सिर कुच कर हत्या, त्रिशूल से गोदा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। नगराम के समेसी महुली गांव के बाहर निर्मित नटबीर बाबा मंदिर के बाहर राजेश कुमार रावत उर्फ पुजारी बाबा (45) की सिर कूंचकर हत्या कर दी गई। उसके शरीर पर हमलावरों ने त्रिशूल से कई वार किए। राजेश तांत्रिक भी था और वह झाड़फूंक का भी काम करता था। उसका शव मंदिर के बाहर उसकी कुटी के बाहर मंदिर के पास चारपाई पर खून से लथपथ बिना कपड़ों के पड़ा मिला। छोटे भाई की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, नगराम के सलेमपुर अचाका में राजेश रावत परिवार समेत रहता था। परिवार में पत्नी शीला, तीन बेटियां शिवानी, शालिनी व सुहानी और दो बेटे विपिन व नितिन हैं। राजेश तांत्रिक का काम भी करता था। इसी कारण उसे गांव में लोग पुजारी बुलाते थे। करीब छह साल पहले राजेश ने गांव छोड़ दिया था। समेसी के मजरा महुली में नटबीर बाबा मंदिर के पास कुटी बनाकर रहने लगा। यहीं पर वह झाड़फूंक का काम करता था। ग्रामीणों के अनुसार, बृहस्पतिवार को नटबीर बाबा के मंदिर आने वाले लोग गांजा चिलम चढ़ाते थे। ग्रामीणों ने बताया, शनिवार रात राजेश रावत कुटी के बाहर चारपाई पर सोया था। उसका त्रिशूल भी वहीं रखा हुआ था।
रविवार सुबह सलेमपुर अचाका गांव निवासी मोहर्रम अली अपनी बकरियां चराते हुए जब मंदिर के पास पहुंचा तो राजेश का शव खून से लथपथ चारपाई पर पड़ा मिला। चेहरा कूंचकर विक्षत कर दिया गया था। त्रिशूल के कई घाव शरीर पर देख बदहवास हालत में भागकर वह गांव पहुंचा। मृतक के परिवारीजनों को जानकारी दी। मृतक के छोटे भाई अजय कुमार की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक शमीम खान, एसीपी मोहनलालगंज धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी, प्रभारी निरीक्षक मोहनलालगंज कुलदीप दुबे, सर्विलांस व फोरेंसिक और डॉग स्क्वॉयड की टीम मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने खून से सने त्रिशूल को जब्त कर लिया है। वहीं एसीपी मोहनलालगंज के मुताबिक, हत्या के कारण का पता नहीं चल सका है। कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
परिवारीजनाें से नाता तोड़ चुका था राजेश
पूछताछ में सामने आया है कि मृतक राजेश तीन भाई थेे। सबसे बड़ा रघुनाथ, राजेश फिर छोटा अजय। राजेश छह साल पहले पत्नी व बच्चों को छोड़कर महुली गांव में आकर रहने लगा। पिता मैकूलाल ने बताया कि उसकी एक बीघा जमीन थी जिसे तीनों भाइयों में बराबर बांट लिया था। सभी भाई अपने परिवार संग अलग-अलग रह रहे हैं।
कई बिंदुओं पर हो रही जांच
राजेश रावत उर्फ पुजारी की हत्या के मामले में पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। हत्या सिर कूंचकर की गई है। उसके शरीर पर त्रिशूल से वार के भी निशान मिले हैं। परिवारीजन व ग्रामीण खुलकर कुछ भी नहीं बता रहे हैं। जल्द ही वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।
- राजेश श्रीवास्तव, एडीसीपी दक्षिण
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक, नगराम के सलेमपुर अचाका में राजेश रावत परिवार समेत रहता था। परिवार में पत्नी शीला, तीन बेटियां शिवानी, शालिनी व सुहानी और दो बेटे विपिन व नितिन हैं। राजेश तांत्रिक का काम भी करता था। इसी कारण उसे गांव में लोग पुजारी बुलाते थे। करीब छह साल पहले राजेश ने गांव छोड़ दिया था। समेसी के मजरा महुली में नटबीर बाबा मंदिर के पास कुटी बनाकर रहने लगा। यहीं पर वह झाड़फूंक का काम करता था। ग्रामीणों के अनुसार, बृहस्पतिवार को नटबीर बाबा के मंदिर आने वाले लोग गांजा चिलम चढ़ाते थे। ग्रामीणों ने बताया, शनिवार रात राजेश रावत कुटी के बाहर चारपाई पर सोया था। उसका त्रिशूल भी वहीं रखा हुआ था।
विज्ञापन
रविवार सुबह सलेमपुर अचाका गांव निवासी मोहर्रम अली अपनी बकरियां चराते हुए जब मंदिर के पास पहुंचा तो राजेश का शव खून से लथपथ चारपाई पर पड़ा मिला। चेहरा कूंचकर विक्षत कर दिया गया था। त्रिशूल के कई घाव शरीर पर देख बदहवास हालत में भागकर वह गांव पहुंचा। मृतक के परिवारीजनों को जानकारी दी। मृतक के छोटे भाई अजय कुमार की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक शमीम खान, एसीपी मोहनलालगंज धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी, प्रभारी निरीक्षक मोहनलालगंज कुलदीप दुबे, सर्विलांस व फोरेंसिक और डॉग स्क्वॉयड की टीम मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने खून से सने त्रिशूल को जब्त कर लिया है। वहीं एसीपी मोहनलालगंज के मुताबिक, हत्या के कारण का पता नहीं चल सका है। कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
परिवारीजनाें से नाता तोड़ चुका था राजेश
पूछताछ में सामने आया है कि मृतक राजेश तीन भाई थेे। सबसे बड़ा रघुनाथ, राजेश फिर छोटा अजय। राजेश छह साल पहले पत्नी व बच्चों को छोड़कर महुली गांव में आकर रहने लगा। पिता मैकूलाल ने बताया कि उसकी एक बीघा जमीन थी जिसे तीनों भाइयों में बराबर बांट लिया था। सभी भाई अपने परिवार संग अलग-अलग रह रहे हैं।
कई बिंदुओं पर हो रही जांच
राजेश रावत उर्फ पुजारी की हत्या के मामले में पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। हत्या सिर कूंचकर की गई है। उसके शरीर पर त्रिशूल से वार के भी निशान मिले हैं। परिवारीजन व ग्रामीण खुलकर कुछ भी नहीं बता रहे हैं। जल्द ही वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।
- राजेश श्रीवास्तव, एडीसीपी दक्षिण