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युवक की गोली मारकर हत्या, तीन गिरफ्तार
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लखनऊ। सरोजनीनगर के बंथरा के माती गांव में बृहस्पतिवार देर रात एक युवक अमरेश (21) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुक्रवार तड़के उसका खून से लथपथ शव गांव के बाहरी हिस्से में बने प्राथमिक विद्यालय के पीछे खाली मैदान में पड़ा मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस को रात में गोली चलने की सूचना दी गई थी लेकिन पुलिस गांव के चक्कर लगाने के बाद वापस चली गई। पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर पांच के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। तीन को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं दो अन्य नामजद आरोपियों क ी तलाश कर रही है।
बंथरा के माती गांव निवासी स्व. रामआसरे का बेटा अमरेश कारपेंटर का काम करता था। परिवारीजनों के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात करीब 8 बजे अमरेश घर पहुंचा। उसके घर पहुंचते ही उसके मोबाइल पर एक कॉल आई। इसके बाद अमरेश घर से बाहर चला गया। देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिवारीजनों ने उसके मोबाइल पर कॉल की, लेकिन बंद मिला। शुक्रवार सुबह गांव के लोग टहलने निकले तो प्राथमिक विद्यालय के पीछे एक खाली प्लाट में युवक को खून से लथपथ पड़ा देख परिवारीजनों व पुलिस को दी।
शव के पास मिलीं शराब व पानी की बोतलें
पुलिस के मुताबिक, जहां अमरेश का शव मिला था। वहीं पर शराब की खाली बोतल, पानी के गिलास, दालमोठ, बिस्कुट के खाली पैकेट व पानी की बोतल पड़ी थी। कुछ दूरी पर एक जोड़ी चप्पल, 20 रुपये और उसका मोबाइल बंद मिला। पुलिस के मुताबिक, अमरेश के दाहिनी कनपटी से सटाकर गोली मारी गई थी जो पीछे से निकल गई। वारदात स्थल पर खून फैला हुआ था। वहीं पास में उपले की राख मिली। ग्रामीणों कोआशंका है कि हत्या के बाद शव को जलाने की योजना थी। पुलिस ने मौके पर मिले सारे सामान को अपने कब्जे में ले लिया।
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अमरेश के मोबाइल से ही दी थी गोली चलने की सूचना
मृतक के परिवारीजनों की माने तो पुलिस ने उन्हें बताया कि रात में ही अमरेश के मोबाइल से उसको गोली मारने की सूचना मिली थी। उसी समय पुलिस गांव पहुंची, लेकिन ऐसा कोई मामला नहीं पता चला। इसके बाद पुलिस लौट गई। फिलहाल मृतक के परिवारीजनों ने इस घटना में गांव के ही कुछ लोगों पर आरोप लगाया है। पुलिस गांव के ही करीब आधा दर्जन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मृतक के भाई सनी ने आरोप लगाया कि अमरेश का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने के समय उससे सादे कागज पर पुलिस द्वारा हस्ताक्षर कराए गए। सनी ने पुलिस की कार्य प्रणाली पर संदेह जाहिर किया है।
जुए के पैसे को लेकर हुई हत्या
डीसीपी मध्य सोमेन वर्मा के मुताबिक, अमरेश को देर शाम गांव के ही पंकज रावत, संजय, गोलू, आकाश और मुश्ताक उर्फ अमन लेकर गए थे। सभी ने प्राथमिक विद्यालय के पीछे खाली स्थान पर बैठकर शराब पी और वहीं सभी के बीच विवाद हुआ। इसके बाद तमंचे से अमरेश को गोली मार दी गई। अमरेश के भाई ने इन्हीं पांच लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी जिसमें पुलिस ने शाम को तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में गोलू, आकाश और मुश्ताक उर्फ अमन शामिल हैं। पुलिस संजय और पंकज रावत की तलाश में दबिश दे रही है। डीसीपी केमुताबिक,पंकज पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
रात में क्राइम ब्रांच की टीम ने दी थी दबिश
माती गांव में बृहस्पतिवार की रात में अमरेश को गोली लगी। इस दौरान पीजीआई इलाके में एक दिन पहले हुए लूट की वारदात के खुलासे में क्राइम ब्रांच की टीम ने गांव में दबिश दी थी। ग्रामीणों का आरोपी है कि जब पुलिस टीम ने दबिश दी थी। उसी वक्त गोली चली थी। इस बात की पुष्टि पुलिस अधिकारी भी कर रहे हैं कि रात में पीजीआई लूट से संबंधित दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था। उनको लेकर क्राइम ब्रांच की टीम माती गांव में दबिश देने गई थी। लेकिन उस दौरान गोली चलने की बात किसी ने पुष्ट नहीं की है।
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बंथरा के माती गांव निवासी स्व. रामआसरे का बेटा अमरेश कारपेंटर का काम करता था। परिवारीजनों के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात करीब 8 बजे अमरेश घर पहुंचा। उसके घर पहुंचते ही उसके मोबाइल पर एक कॉल आई। इसके बाद अमरेश घर से बाहर चला गया। देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिवारीजनों ने उसके मोबाइल पर कॉल की, लेकिन बंद मिला। शुक्रवार सुबह गांव के लोग टहलने निकले तो प्राथमिक विद्यालय के पीछे एक खाली प्लाट में युवक को खून से लथपथ पड़ा देख परिवारीजनों व पुलिस को दी।
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शव के पास मिलीं शराब व पानी की बोतलें
पुलिस के मुताबिक, जहां अमरेश का शव मिला था। वहीं पर शराब की खाली बोतल, पानी के गिलास, दालमोठ, बिस्कुट के खाली पैकेट व पानी की बोतल पड़ी थी। कुछ दूरी पर एक जोड़ी चप्पल, 20 रुपये और उसका मोबाइल बंद मिला। पुलिस के मुताबिक, अमरेश के दाहिनी कनपटी से सटाकर गोली मारी गई थी जो पीछे से निकल गई। वारदात स्थल पर खून फैला हुआ था। वहीं पास में उपले की राख मिली। ग्रामीणों कोआशंका है कि हत्या के बाद शव को जलाने की योजना थी। पुलिस ने मौके पर मिले सारे सामान को अपने कब्जे में ले लिया।
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अमरेश के मोबाइल से ही दी थी गोली चलने की सूचना
मृतक के परिवारीजनों की माने तो पुलिस ने उन्हें बताया कि रात में ही अमरेश के मोबाइल से उसको गोली मारने की सूचना मिली थी। उसी समय पुलिस गांव पहुंची, लेकिन ऐसा कोई मामला नहीं पता चला। इसके बाद पुलिस लौट गई। फिलहाल मृतक के परिवारीजनों ने इस घटना में गांव के ही कुछ लोगों पर आरोप लगाया है। पुलिस गांव के ही करीब आधा दर्जन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मृतक के भाई सनी ने आरोप लगाया कि अमरेश का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने के समय उससे सादे कागज पर पुलिस द्वारा हस्ताक्षर कराए गए। सनी ने पुलिस की कार्य प्रणाली पर संदेह जाहिर किया है।
जुए के पैसे को लेकर हुई हत्या
डीसीपी मध्य सोमेन वर्मा के मुताबिक, अमरेश को देर शाम गांव के ही पंकज रावत, संजय, गोलू, आकाश और मुश्ताक उर्फ अमन लेकर गए थे। सभी ने प्राथमिक विद्यालय के पीछे खाली स्थान पर बैठकर शराब पी और वहीं सभी के बीच विवाद हुआ। इसके बाद तमंचे से अमरेश को गोली मार दी गई। अमरेश के भाई ने इन्हीं पांच लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी जिसमें पुलिस ने शाम को तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में गोलू, आकाश और मुश्ताक उर्फ अमन शामिल हैं। पुलिस संजय और पंकज रावत की तलाश में दबिश दे रही है। डीसीपी केमुताबिक,पंकज पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
रात में क्राइम ब्रांच की टीम ने दी थी दबिश
माती गांव में बृहस्पतिवार की रात में अमरेश को गोली लगी। इस दौरान पीजीआई इलाके में एक दिन पहले हुए लूट की वारदात के खुलासे में क्राइम ब्रांच की टीम ने गांव में दबिश दी थी। ग्रामीणों का आरोपी है कि जब पुलिस टीम ने दबिश दी थी। उसी वक्त गोली चली थी। इस बात की पुष्टि पुलिस अधिकारी भी कर रहे हैं कि रात में पीजीआई लूट से संबंधित दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था। उनको लेकर क्राइम ब्रांच की टीम माती गांव में दबिश देने गई थी। लेकिन उस दौरान गोली चलने की बात किसी ने पुष्ट नहीं की है।