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Lucknow News: एमिटी यूनिवर्सिटी की छात्रा की मौत के मामले में दो पर हत्या का केस
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एमिटी यूनिवर्सिटी की छात्रा की मौत के मामले में दो पर हत्या का केस
लखनऊ। मल्हौर स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी की विधि छात्रा अक्षिता उपाध्याय की मौत के मामले में दो दोस्तों पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। अक्षिता की मां मथुरा के लक्ष्मीनगर निवासी रश्मि ने चिनहट थाने में बेटी के दोस्त रचित त्रिपाठी और यूविका भाखरी पर हत्या का आरोप लगाया है। अक्षिता का शव 10 जनवरी को विवि में हॉस्टल के कमरे में फंदे पर लटका मिला था।
थाना प्रभारी चिनहट भरत पाठक के मुताबिक बुधवार को अक्षिता की मां की ओर से तहरीर दी गई थी। छात्रा के कमरे से सुसाइड नोट मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की पुष्टि हुई थी। विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मनोज कुमार उपाध्याय की बेटी अक्षिता बीए एलएलबी चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा थी। वह विवि में हॉस्टल नंबर एचबी चार के कमरा नंबर 308 में रहती थी। रश्मि का आरोप है कि अक्षिता के करीबी मित्र रचित और यूविका ने साजिश के तहत उनकी बेटी की हत्या कर मामले को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया था।
बदनाम करने की दी थी धमकी
रश्मि का आरोप है कि दोनों आरोपी उनकी बेटी को लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे। ब्लैकमेल भी किया। अक्षिता ने इसकी शिकायत उनसे की थी। उनकी बेटी आरोपियों से दूरी बनाना चाहती थी, लेकिन दोनों उस पर दबाव बनाते थे। आरोप है कि 24 दिसंबर को रचित ने रश्मि को फोन किया था। आरोपी ने कहा था कि अक्षिता को समझा लें कि वह उससे दूरी न बनाए। अगर वह दूर हुई तो वीडियो व फोटो वायरल कर बदनाम कर देगा। बेटी की मौत के बाद से दोनों आरोपियों के व्यवहार में बदलाव आ गया है।
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बेटी ने नहीं लिखा सुसाइड नोट, हैंड राइटिंग किसी और की
रश्मि का आरोप है कि उनकी बेटी ने सुसाइड नोट नहीं लिखा है। पुलिस ने जो नोट शव के पास से बरामद किया है उसपर अक्षिता की हैंड राइटिंग नहीं है। सुसाइड नोट साजिश का हिस्सा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस पूरे मामले की गहनता से छानबीन करे तो आरोपियों की भूमिका उजागर हो जाएगी। रश्मि ने दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। रश्मि मथुरा में सभासद रही हैं।
ये है मामला
10 जनवरी को अक्षिता ने हॉस्टल का कमरा नहीं खोला था। इस पर सहपाठी अलीशा खान ने वार्डन को सूचना दी थी। झांककर देखा गया तो अक्षिता का शव फंदे पर लटका था। सुसाइड नोट में लिखा था कि मैं अच्छी बेटी नहीं बन सकी। सॉरी मम्मी-पापा... मेरी मौत का कोई दोषी नहीं है। प्रारंभिक छानबीन में सामने आया था कि अक्षिता की फोन पर किसी से बात हुई थी। इसके बाद उसका शव फंदे पर लटका मिला था।
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थाना प्रभारी चिनहट भरत पाठक के मुताबिक बुधवार को अक्षिता की मां की ओर से तहरीर दी गई थी। छात्रा के कमरे से सुसाइड नोट मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की पुष्टि हुई थी। विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मनोज कुमार उपाध्याय की बेटी अक्षिता बीए एलएलबी चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा थी। वह विवि में हॉस्टल नंबर एचबी चार के कमरा नंबर 308 में रहती थी। रश्मि का आरोप है कि अक्षिता के करीबी मित्र रचित और यूविका ने साजिश के तहत उनकी बेटी की हत्या कर मामले को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया था।
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बदनाम करने की दी थी धमकी
रश्मि का आरोप है कि दोनों आरोपी उनकी बेटी को लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे। ब्लैकमेल भी किया। अक्षिता ने इसकी शिकायत उनसे की थी। उनकी बेटी आरोपियों से दूरी बनाना चाहती थी, लेकिन दोनों उस पर दबाव बनाते थे। आरोप है कि 24 दिसंबर को रचित ने रश्मि को फोन किया था। आरोपी ने कहा था कि अक्षिता को समझा लें कि वह उससे दूरी न बनाए। अगर वह दूर हुई तो वीडियो व फोटो वायरल कर बदनाम कर देगा। बेटी की मौत के बाद से दोनों आरोपियों के व्यवहार में बदलाव आ गया है।
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बेटी ने नहीं लिखा सुसाइड नोट, हैंड राइटिंग किसी और की
रश्मि का आरोप है कि उनकी बेटी ने सुसाइड नोट नहीं लिखा है। पुलिस ने जो नोट शव के पास से बरामद किया है उसपर अक्षिता की हैंड राइटिंग नहीं है। सुसाइड नोट साजिश का हिस्सा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस पूरे मामले की गहनता से छानबीन करे तो आरोपियों की भूमिका उजागर हो जाएगी। रश्मि ने दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। रश्मि मथुरा में सभासद रही हैं।
ये है मामला
10 जनवरी को अक्षिता ने हॉस्टल का कमरा नहीं खोला था। इस पर सहपाठी अलीशा खान ने वार्डन को सूचना दी थी। झांककर देखा गया तो अक्षिता का शव फंदे पर लटका था। सुसाइड नोट में लिखा था कि मैं अच्छी बेटी नहीं बन सकी। सॉरी मम्मी-पापा... मेरी मौत का कोई दोषी नहीं है। प्रारंभिक छानबीन में सामने आया था कि अक्षिता की फोन पर किसी से बात हुई थी। इसके बाद उसका शव फंदे पर लटका मिला था।