मोदी का सताया डर, आजमगढ़ से लड़ेंगे मुलायम!
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राजनीतिक गलियारों एक बार फिर यह चर्चा गर्माने लगी है कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव मैनपुरी के साथ ही आजमगढ़ सीट से भी लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं।
ऐसा पूर्वांचल में सपा के पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जा सकता है।
हालांकि प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री व वरिष्ठ सपा नेता शिवपाल सिंह यादव से बुधवार को इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि फिलहाल मुलायम सिंह को आजमगढ़ से चुनाव लड़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। आगे जैसा होगा, देखा जाएगा।
यहीं से हुई थी रैली की शुरुआत
आजमगढ़ से मुलायम के लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चा तब शुरू हुई थी जब अक्तूबर 2013 में आजमगढ़ में सपा ने देश बचाओ-देश बनाओ रैलियों की शुरुआत की।
भीड़ के लिहाज से इस बड़ी रैली के जरिये सपा ने प्रदेश में चुनाव प्रचार का आगाज किया था। इस रैली में पूर्वांचल के कई जिलों के लोग शामिल हुए थे।
उसके बाद से ही यह अटकलें तेज हो गईं थीं कि मुलायम सिंह यहां से भी चुनाव लड़ सकते हैं।
अजामगढ़ से रहा है पुराना लगाव
आजमगढ़ से सपा मुखिया का पुराना लगाव रहा है। वे कहते रहे हैं कि इटावा के बाद आजमगढ़ उनका दूसरा घर है।
इसके पीछे सपा की मुस्लिम वोट पाने भी मंशा होने के कयास लगाए जाते रहे हैं।
आजमगढ़ में दस में नौ विधायक सपा के हैं। जब से नरेंद्र मोदी के वाराणसी से चुनाव लड़ने की चर्चा तेज हुई है।
तभी से सपा में मुलायम सिंह को आजमगढ़ से चुनाव मैदान में उतारने की कवायद तेज हो गई है।
मोदी इफेक्ट कम करने की कवायद
पूर्वांचल के कुछ नेता चाहते हैं कि मोदी इफेक्ट को कम करने के लिए मुलायम सिंह का आजमगढ़ से लड़ना जरूरी है।
उनके मैदान में उतरने से कई सीटों पर चुनाव सपा बनाम भाजपा या यूं कहिए कि मोदी बनाम मुलायम हो सकता है।
फिलहाल आजमगढ़ से भाजपा के रमाकांत यादव सांसद हैं। सपा ने हवलदार सिंह को प्रत्याशी बनाया है।
सपाइयों की सोच है कि मुलायम को आजमगढ़ से चुनाव लड़ाने पर न केवल रमाकांत को हराना आसान हो जाएगा वरन आसपास की कई सीटों पर भी लाभ मिलेगा।