सिर्फ तीन दिन में मैनपुरी जीत लेंगे नेताजी
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प्रदेश में विधानसभा की 11 सीटों और लोकसभा की मैनपुरी सीट पर उपचुनाव को लेकर सपा नेतृत्व काफी गंभीर है।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव खुद उपचुनाव की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। अपने गढ़ मैनपुरी में सपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए वह खुद तीन दिन लगाएंगे।
भले ही यह तीन दिन आपको कम लगें, लेकिन सपा खेमे की मानें तो ये तीन दिन ही बंपर जीत दिलाने वाले साबित होंगे।
उन्होंने इस सीट को जिताने का जिम्मा पीडब्ल्यूडी एवं सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव को सौंपा है।
पौत्र को भी मिलेगी बंपर जीत?
मैनपुरी सीट मुलायम सिंह का गढ़ कही जाती है। इस सीट पर पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने रिकार्ड वोटों से जीत दर्ज की थी।
भाजपा और बसपा को मिलाकर 3,74,125 वोट मिले थे। मुलायम सिंह की जीत भाजपा-बसपा प्रत्याशियों को मिले कुल वोट के लगभग बराबर था।
वोट प्रतिशत की बात करें तो मुलायम को अकेले कुल मतदान के 60 फीसदी वोट मिले थे। 23 फीसदी वोट पाकर भाजपा दूसरे और 14 प्रतिशत मतों के साथ बसपा तीसरे नंबर पर रही थे।
इस बार सपा ने मुलायम सिंह यादव के पौत्र और सैफई के ब्लाक प्रमुख तेज प्रताप सिंह को मैदान में उतारा है। देखना ये है कि तेज को भी मुलायम जितना ही जनसमर्थन हासिल होता है या नहीं।
काम करेगा भाजपा का जातिगत दांव?
भाजपा ने प्रेम सिंह शाक्य को उम्मीदवार बनाया है। इस बार बसपा प्रत्याशी मैदान में नहीं है। बसपा के वोट बैंक पर सपा और भाजपा दोनों की नजरें टिकी हैं लेकिन भाजपा उन्हें लेकर ज्यादा आश्वस्त नजर आ रही है।
मैनपुरी सीट पर सर्वाधिक तादाद यादव मतदाताओं की है। दूसरे नंबर पर शाक्य आते हैं। सपा और भाजपा से क्रमश: यादव और शाक्य प्रत्याशी मैदान में आ जाने से चुनाव को लेकर जातीय गणित का हिसाब लगाया जा रहा है।
इस विधानसभा क्षेत्र से सपा को इकतरफा बढ़त मिलती रही है। खुद मुलायम सिंह यादव तीन दिन मैनपुरी संसदीय क्षेत्र में लगाएंगे। वह सात, आठ और नौ सितंबर को मैनपुरी जा सकते हैं।
प्रभारी मंत्रियों से हर रोज ले रहे फीडबैक
विधानसभा सीटों के उपचुनावों के प्रभारी बनाए गए मंत्रियों से मुलायम सिंह हर रोज फीड बैक ले रहे हैं। उन्हें अपने क्षेत्रों में कैप करके सभी नेताओं से समन्वय स्थापित करने और बूथ स्तर पर मैनेजमेंट करने को कहा गया है।
चूंकि सभी सीटों पर सपा और भाजपा के बीच सीधे चुनाव की स्थिति बनी हुई है, इसलिए सपा मुखिया हर सीट पर वोट बैंक बढ़ाने पर खास जोर दे रहे हैं।
मैनपुरी के अलावा भी सभी 10 सीटों पर सपा का चुनावी अभियान रफ्तार पकड़ता दिख रहा है। लखनऊ पूर्वी सीट पर ही जूही सिंह का प्रचार जोरों पर है, तो अन्य पार्टियां कहीं नजर ही नहीं आ पा रहीं।