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परिवार में मची खींचतान पर मुलायम ने की बैठक, दूर किए गिले-शिकवे

Tue, 23 Aug 2016 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 23 Aug 2016 02:22 AM IST
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Mulayam Singh yadav meet with his party leaders.
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव - फोटो : amar ujala

जमीनों पर कब्जों समेत कई मुद्दों को लेकर मुलायम सिंह यादव परिवार में पैदा हुए अतर्विरोधों को दूर करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। पार्टी व परिवार में एकता के लिए सपा मुखिया ने सोमवार को परिवार के तीनों वरिष्ठ सदस्यों अखिलेश यादव, रामगोपाल यादव और शिवपाल सिंह यादव को बैठाकर गिले-शिकवे दूर कराए।

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मुलायम की रामगोपाल से लंबी चर्चा हुई। इस बीच पहले शिवपाल यादव और फिर अखिलेश यादव को बुलाया गया।

सपा में इन दिनों पारिवारिक विवाद गहराया हुआ है। हालांकि सभी नेता परिवार में किसी तरह के मतभेद से इन्कार कर रहे हैं लेकिन नौबत यहां तक आ गई है कि मुलायम सिंह को सुलह करानी पड़ रही है।
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उनके निर्देश पर तीन दिन पहले अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच लंबी बातचीत हुई थी। जमीनों पर कब्जों के विवाद में रामगोपाल यादव का नाम भी आया था। पार्टी में चर्चा है कि जमीनों पर कब्जे को लेकर जिस विधायक और विधान परिषद सदस्य पर आरोप लग रहे हैं, उन्हें रामगोपाल का नजदीकी माना जाता है।

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शिवपाल की धमकी से अधिक सक्रिय हुए नेताजी

Mulayam Singh yadav meet with his party leaders.
शिवपाल सिंह यादव

इन्हीं कब्जों को हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं होने पर शिवपाल ने 14 अगस्त को मंत्री पद से इस्तीफे की धमकी दी थी। इसे सपा सुप्रीमो ने गंभीरता से लिया।

सुप्रीमो ने परिवार में मतभेदों को दूर करने के लिए सोमवार को रामगोपाल यादव को दिल्ली से बुलाया था ताकि परिवार के तीनों प्रमुख नेताओं को आमने-सामने बैठाकर बात की जा सके। इससे पहले उनके निर्देश पर तीन दिन पहले अखिलेश और शिवपाल की लंबी मुलाकात हुई थी।

रामगोपाल सवेरे दिल्ली से यहां आ गए थे। दोपहर में वह वीवीआईपी गेस्ट हाउस से विक्रमादित्य मार्ग स्थित मुलायम सिंह के निवास पर गए। मुलायम और रामगोपाल के बीच लगभग दो घंटे बातचीत हुई। मुलायम सिंह ने पहले शिवपाल यादव और फिर अखिलेश यादव को बुलाया।

मुलायम समेत चारों नेताओं के बीच विवाद से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। सपा के इन शीर्ष नेताओं की मुलाकात को लेकर अधिकृत तौर पर कुछ नहीं कहा गया है लेकिन समझा जा रहा है कि मैनपुरी में जमीनों पर कब्जे का मामला प्रमुखता से उठा। इस मामले में पार्टी से जुड़े कुछ नेताओं के नाम सामने आए हैं। उन पर कार्रवाई हो सकती है।

जमीनों पर कब्जे को लेकर गंभीर हुए मुलायम

Mulayam Singh yadav meet with his party leaders.

मुलायम सिंह ने कब्जों की शिकायतों को खुद गंभीरता से लिया है। चूंकि मैनपुरी मुलायम सिंह का संसदीय क्षेत्र और सपा का गढ़ रहा है, इसलिए वहां की हर गतिविधि को पार्टी सुप्रीमो संजीदगी के साथ लेते हैं।

समझा जा रहा है कि मुलायम ने परिवार के नेताओं के मतभेद दूर करा दिए हैं। हालांकि, रामगोपाल ने कहा कि परिवार और पार्टी एकजुट है। पार्टी के मामलों को लेकर उनका लखनऊ आना होता रहता है। बातचीत में विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई है।

परिवार के सांसदों के साथ होगी बैठक
पार्टी सूत्रों का कहना है कि सपा सुप्रीमो जल्द ही परिवार से जुड़े पांचों सांसदों की बैठक कर सकते हैं। चूंकि जमीन कब्जों की सबसे ज्यादा शिकायतें मैनपुरी से हैं, इसलिए वहां से सांसद तेज प्रताप सिंह और फीरोजाबाद के सांसद अक्षय प्रताप सिंह से भी वह फीडबैक लेंगे और जरूरी निर्देश देंगे।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक जल्द
ऐसा माना जा रहा है कि सपा के शीर्ष नेताओं के बीच पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की तिथियों को लेकर चर्चा हुई है। हालांकि अभी बैठक की तिथि तय नहीं हुई है लेकिन इसे सितंबर में करने पर सहमति बनी है। तिथि का एलान जल्द होने की संभावना है।

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