'राम' से मिले मुलायम, क्या यूपी कैबिनेट का होगा विस्तार?
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गुरुवार की दोपहर सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव ने यूपी के राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद यूपी के राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर तेज हो गया।
ऐसा कहा जा रहा है कि संभवत अखिलेश सरकार अपने कैबिनेट में फेरबदल करे या इसमें विस्तार करे। इसी की मद्देनजर यह मुलाकात हुई है। यह भी कहा जा रहा है कि एमएलसी के मनोयन को लेकर फंसे पेंच पर मुलायम सिंह राजभवन गए हुए हैं। वह इस मामले को राज्यपाल से मिलकर सुलझा लेना चाहते हैं।
लेकिन राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चाएं इस बात को लेकर शुरु हो गई हैं कि कहीं इस मुलाकात के पीछे अहम वजह मंत्री परिषद का विस्तार तो नहीं।
सरकार की तरफ से राजभवन को भेजी गई सूची में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के समधी जितेंद्र यादव सहित नौ लोग शामिल हैं। इनमें बिल्डर संजय सेठ, कमलेश पाठक, रामवृक्ष सिंह, रणविजय सिंह, लीलावती कुशवाहा, सरफराज खान और राजपाल कश्यप का नाम शामिल है।
इन पर क्या बोले मुलायम
करीब एक घंटे चले इस बैठक के बाद जब मुलायम सिंह यादव बाहर निकले तो उन्हें मीडिया के सवालों से जूझना पड़ा। मुलायम सिंह ने कहा कि वह सिर्फ शिष्टाचार के लिए राज्यपाल से मिलने गए थे।
इसके राजनीतिक मायने नहीं निकाले जाने चाहिए। उन्होंने कि राम नाईक और वह दोनों ही आज के नहीं लोकसभा के सांसद होने के समय के साथी हैं। हम दोनों ने संसद में काफी समय साथ गुजारा है।
एमएलसी की लिस्ट लौटाने से जुड़े सवाल पर मुलायम सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर हमारी राज्यपाल से कोई बात नहीं हुई। पार्टी यह लिस्ट राजभवन भेज चुकी होगी। मेरा इस मामले से कोई वास्ता नहीं है और न ही हमारी बातचीत के मुद्दे इस बारे में कोई जिक्र हुआ।
मंत्रीपरिषद के विस्तार पर भी मुलायम सिंह ने गोलमोल जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मंत्रीपरिषद में बदलाव या उसके विस्तार पर अभी कोई चर्चा नहीं हो पाई है।