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क्या साइकिल की स्पीड बरकरार रख पाएंगे नेताजी?

Fri, 09 May 2014 10:44 AM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 09 May 2014 10:44 AM IST
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mulayam singh yadav and azamgarh seat

पूर्वांचल के राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए आजमगढ़ सीट से चुनाव लड़ रहे सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के सामने इस इलाके में साइकिल की चाल में तेजी बनाए रखने की चुनौती है।

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पढ़ें- टीपू का दावा, आजमगढ़ में नेताजी इतिहास लिखेंगे
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पूर्वांचल सपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। आखिरी चरण में पूर्वी यूपी की जिन 18 सीटों पर मतदान होगा, वहां सपा को 2009 के लोकसभा चुनाव में एक तिहाई सीटें मिली थीं।
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देखने वाली बात होगी कि इस बार सपा वहां कैसा परफॉर्म करती है।

तय मानी जा रही है नेताजी की जीत

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मुलायम सिंह यादव मैनपुरी से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। सियासी हलकों में उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है।

इसके बावजूद वह पूर्वांचल की राजनीति का गढ़ कहे जाने वाले आजमगढ़ से भी चुनावी जंग लड़ रहे हैं।

उन्होंने यह फैसला मोदी को वाराणसी सीट से भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद लिया है। जाहिर है, उन्होंने अपने प्रभाव क्षेत्र वाले इलाके को मोदी लहर से बचाने के लिए यह कदम उठाया है।

यूं भी कह सकते हैं कि मुलायम की मौजूदगी से सपा रणनीतिकारों को चुनाव भाजपा बनाम सपा बन जाने की संभावना लग रही है।

ऐसा माहौल बनने पर मुस्लिम मतों का ध्रुवीकरण सपा के पक्ष में होने की उम्मीद जताई जा रही है।

जातियों पर सपा का होमवर्क

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सपा को वर्ष 2009 में बलिया, मछलीशहर, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर और राबर्ट्सगंज सीटों पर कामयाबी मिली थी।

दो सीटों पर उसकी हार कम वोटों से हुई थी जबकि कुछ सीटों पर नंबर दो पर रही थी। सपा की कोशिश जीती हुई सीटों को बरकरार रखने के साथ ही दूसरे नंबर की सीटों को कब्जाने की है।

सपा ने पूर्वांचल में सामाजिक समीकरणों को साधते हुए प्रत्याशियों का चयन किया है। परंपरागत वोटरों के साथ ही अति पिछड़ों पर खास ध्यान दिया है।

निषाद और कुशवाहा समाज को खास तरजीह दी गई है। सामाजिक न्याय रथ यात्राएं निकाली गई हैं। यादव, अन्य पिछड़ों, अति पिछड़ों के साथ ही ब्राह्मण व राजपूत वोटों पर भी पार्टी की नजर है।

मिल सकते हैं अल्पसंख्यकों के वोट

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वोटरों को लेकर सपा ने काफी लंबी कसरत की है। यादव, भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत, कुर्मी से लेकर दलितों, अति पिछड़ों को टिकट दिए हैं।

विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय डुमरियागंज तो पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर बलिया से प्रत्याशी हैं।

पार्टी ने गोरखपुर से राजमती निषाद तो सलेमपुर से हरिवंश सहाय कुशवाहा और गाजीपुर से शिवकन्या कुशवाहा को, जौनपुर से मंत्री पारसनाथ यादव और देवरिया से बालेश्वर यादव को उम्मीदवार बनाया है।

हालांकि छठे चरण की 18 सीटों पर सपा का कोई मुस्लिम प्रत्याशी नहीं है। ‘नेताजी’ के मैदान में आने से पार्टी को परंपरागत वोटरों में बिखराव रुकने के साथ ही अल्पसंख्यक वोट मिलने का भरोसा है।

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