इस समारोह में मुलायम को आई लालू की याद!
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उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से रविवार को आयोजित सम्मान समारोह की अध्यक्षता करने के लिए सीएम अखिलेश यादव की जगह मुलायम सिंह यादव पहुंचे।
इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में स्वास्थय मंत्री अहमद हसन भी मौजूद थे। इस समारोह में 69 साहित्यकारों का सम्मान हुआ। मुलायम सिंह यादव ने इस समारोह में कई दिल की बातें कह डाली।
मुलायम सिंह ने कहा कि मेरे रक्षा मंत्रालय में रहते हुए पहली बार हिंदी में पूरा कामकाज शुरू हुआ। सरकारी कामकाज हिंदी में होना चाहिए।
मुलायम बोले मैं अग्रेंजी को हटाने की बात करता हूं मिटाने की नहीं। मुलायम ने कहा कि मैं केवल हिंदी की बात नहीं करता बल्कि सभी भारतीय भाषाओं को वाजिब सम्मान मिलना चाहिए।
तमिल भाषा को अग्रेंजी ने बहुत नुकसान पहुंचाया है। तमिलनाडू ने अगर तमिल की जगह अग्रेंजी को महत्व नहीं दिया होता तो आज यूपी में भी लोग तमिल सीख रहे होते।
पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम की तारीफ के भी मुलायम सिंह ने समारोह में पुल बांध दिए। मुलायम बोले की राष्ट्रपति कलाम ने हिंदी सीखी और हिंदी में ही वो हस्ताक्षर करने लगे। राष्ट्रपति कलाम जब सैफई में आए तो उन्होंने सात मिनट तक हिंदी में भाषण दिया।
लालू के समधी बनने के एक सवाल पर मुलायम सिंह बोले कि हमारे यहां शादी हो रही है तो आप इसको खबर बना रहे हैं कि हम लालू से रिश्ता कर रहे हैं। आप बताइए, लालू से रिश्ता कब नहीं था।
हिंदी संस्थान में इनको मिला सम्मान
उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से रविवार को होने वाले समारोह में 69 साहित्यकारों का सम्मान किया गया। संस्थान के यशपाल सभागार में सुबह 10 बजे शुरू होने वाले समारोह में वरिष्ठ कथाकार दूधनाथ सिंह को सर्वोच्च ‘भारत-भारती’ पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके तहत उन्हें पांच लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किया गया।
कथाकार ममता कालिया को लोहिया साहित्य सम्मान, डॉ. सुरेश गौतम को हिंदी गौरव, चंद्रकांता को महात्मा गांधी साहित्य सम्मान, डॉ. कन्हैया गौतम को पं. दीनदयाल उपाध्याय साहित्य सम्मान, लाखन सिंह भदौरिया ‘सौमित्र’ को अवंतीबाई साहित्य सम्मान और असम राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, गुवाहाटी को राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन सम्मान दिया गया।प्रत्येक को चार-चार लाख रुपये दिए गए।
इनके अलावा लोकभूषण सम्मान जगदीश पीयूष, कला भूषण सम्मान सरोजनी श्रीवास्तव, विद्याभूषण सम्मान डॉ. कृष्ण कुमार गोस्वामी, विज्ञान भूषण डॉ. अशोक कुमार अग्रवाल, पत्रकारिता भूषण प्रो. राममोहन पाठक, प्रवासी भारतीय हिंदी भूषण सम्मान मॉरीशस के प्रह्लाद रामशरण, बाल साहित्य भारती सम्मान डॉ. दिविक रमेश, विधि भूषण सम्मान डॉ. सुरेंद्र सहाय श्रीवास्तव, पं. श्रीनारायण चतुर्वेदी साहित्य सम्मान प्रेम जनमेजय और मधु लिमये साहित्य सम्मान योगींद्र द्विवेदी को दिया गया। सभी को दो-दो लाख रुपये की राशि प्रदान की गई।