मोदी पर मुलायम का बयान अफवाह नहीं, होगा सच!
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सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के बयान से वो बातें सच होती दिख रही हैं। जिन्हें भाजपा का शीर्ष नेतृत्व अब तक अफवाहें की करार देता रहा है।
मुलायम ने मोदी को प्रधानमंत्री न बनने देने के लिए भाजपा के कई बड़े नेताओं से संपर्क का दावा करके हलचल मचा दी है।
भाजपा नेता इस बयान को मुलायम की हताशा, निराशा अथवा मुंगेरीलाल के सपने बता रहे हैं। कुछ लोग इसे कोरी बयानबाजी बता रहे हैं।
पर, बयान पर ध्यान दें तो पता चलता है कि इसमें दूरगामी निहितार्थ छिपे हैं। साथ ही देश व प्रदेश की भविष्य की सियासत के कई नए समीकरणों के संकेत निकल रहे हैं।
तो ये हैं राज
मुलायम भविष्य का राजनीति का प्लेटफार्म तैयार करते दिखते हैं। भाजपा नेताओं के केंद्र में मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश की सपा सरकार गिर जाने वाले बयानों ने मुलायम को चिंता में डाल दिया है।
उन्हें पता है कि बार-बार मोदी की सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार गिर जाने के बयान सपाइयों का हौसला गिरा सकते हैं।
जो चुनाव के मद्देनजर समाजवादी पार्टी के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इसलिए उन्होंने इस बयान से समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं में हौसला भरने की कोशिश की है।
कान खड़े होना लाजिमी
दरअसल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जब किसी निर्वाचित सरकार को गिराने, कमजोर करने अथवा भंग करने से साफ इन्कार कर दिया था तो मुलायम भी निश्चंत हो गए होंगे।
पर, राजनाथ के मना करने के बावजूद उमा भारती और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के सरकार गिरने के बयान फिर आ गए तो मुलायम के कान खड़े होना स्वाभाविक है।
इसीलिए वह भी मोदी पर भाजपा की खींचतान को हवा देने में दिलचस्पी ले रहे हैं।
भविष्य की राजनीतिक बिसात
राजनीतिक समीक्षकों की मानें तो मुलायम सिंह यादव पिछले दो वर्षों से प्रधानमंत्री बनने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। इसीलिए वह बहुत पहले से तीसरे मोर्चे की सरकार बनने और खुद के प्रधानमंत्री बनने की बात करते रहे हैं।
समीक्षकों का कहना है कि सपा मुखिया का ताजा बयान उनकी भविष्य की सियासत का प्लेटफॉर्म तैयार करने की रणनीति का हिस्सा है।
जिससे भविष्य में अगर देश में ऐसे समीकरण बनें जिसमें प्रदेश सरकार को बचाने के लिए एनडीए का साथ देना ही पड़े तो मोदी को रोकने के तर्क के साथ वह इसे भूमिका को निभा सकें।
कोई अंगुली उठाए तो यह हवाला दे सकें कि उन्होंने तो पहले ही यह कहा था कि सपा ही मोदी को प्रधानमंत्री बनने से रोकेगी।
ये था मुलायम का पूरा बयान
भाजपा के तमाम बड़े नेताओं ने हमसे संपर्क किया है। यह नहीं चाहते कि नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बनें। देश में मोदी की कोई लहर नहीं है।
भाजपा में भारी अंतर्कलह है। मीडिया में भाजपा को बहुमत मिलने की झूठीं खबरे प्रचारित की जा रही हैं।
मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के विरुद्ध भाजपा के बड़े नेताओं को मैं भरोसा दिलाना चाहता हूं कि समाजवादी पार्टी मोदी को रोकेगी।
मोदी ने लालकृष्ण आडवाणी के साथ जो कुछ किया है, उससे भाजपा के तमाम बड़े नेता डर गए हैं। इसलिए वे नहीं चाहते कि मोदी देश के प्रधानमंत्री बनें।
मोदी पर भाजपा में असंतोष
वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक समीक्षक रतनमणि लाल यह बात अब ढकी-छिपी नहीं है कि मोदी पर भाजपा में तो धड़े हैं। संख्या भले ही कम हो लेकिन भाजपा के कई नेता मोदी को हजम नहीं कर पा रहे हैं।
मुलायम के भाजपा के कुछ बड़े नेताओं से अच्छे रिश्ते ढके-छिपे नहीं है। स्वाभाविक है कि भाजपा की तरफ से उत्तर प्रदेश सरकार गिरने के बयानों के बाद मुलायम ने अपने मित्र भाजपा नेताओं से संपर्क करके थाह ली होगी।
मोदी विरोधी भाजपा नेताओं से बातचीत के बाद मुलायम को जब यह लगा होगा कि मोदी को रोकने की संभावनाएं बन सकती हैं।
तब उन्होंने यह बयान दिया है। जिससे सरकार को बचाने के साथ-साथ भविष्य की राजनीति में बदली भूमिका की पृष्ठभूमिक तैयार की जा सके।