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बोले मुलायम- बेटे-बहू को बचाने के लिए पार्टी तोड़ रहे हैं रामगोपाल
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 11 Jan 2017 03:12 PM IST
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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुलायम
- फोटो : arjun sahu
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अखिलेश से मंगलवार को डेढ़ घंटे चली बातचीत के बाद कोई हल न निकलने के बाद मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके रामगोपाल को पार्टी में विवाद की वजह बताया। उन्होंने कहा कि अपने बेटे-बहू के इशारे पर वह पार्टी तोड़ने का काम कर रहे हैं।
मुलायम सिंह ने कहा, मैं पार्टी को एक रखना चाहता हूं और साइकिल भी अपने पास रखना चाहता हूं। मैंने अखिलेश से कहा कि तुम्हें मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है, तुम्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम पार्टी को बचाना चाहते हैं। पार्टी को बचाने के लिए सबकुछ करूंगा। मैं दिल्ली जा रहा हूं।
राम गोपाल दूसरी पार्टी के अध्यक्ष से चार बार मिल चुके हैं। अगर हमसे कहते तो हम उनके बहू-बेटे को बचा लेते मगर वह गलत हाथों में खेल रहे हैं। अब हमारे पास कार्यकर्ता बचे हैं, हम पार्टी बचाएंगे।
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उन्होंने कहा कि रामगोपाल अखिल भारतीय समाजवादी पार्टी बना रहे हैं और मोटर साइकिल चुनाव चिह्न मांग रहे हैं लेकिन हम न पार्टी का नाम बदलेंगे और न ही सिंबल।
मुलायम ने कहा, मैंने पार्टी बनाने के लिए बहुत संघर्ष किया, लाठी भी खाई, आपातकाल झेला और जेल भी गए। अखिलेश तब दो ढाई साल के होंगे, हम तबसे संघर्ष कर रहे हैं। मुलायम ने कहा कि जो मेरे पास था, मैंने सबकुछ दे दिया।
उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी की एकता में बाधा नहीं आनी चाहिए। कहा कि मुझे कार्यकर्ताओं पर पूरा भरोसा है कि पार्टी का अहित नहीं होने देंगे।
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मुलायम सिंह ने कहा, मैं पार्टी को एक रखना चाहता हूं और साइकिल भी अपने पास रखना चाहता हूं। मैंने अखिलेश से कहा कि तुम्हें मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है, तुम्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम पार्टी को बचाना चाहते हैं। पार्टी को बचाने के लिए सबकुछ करूंगा। मैं दिल्ली जा रहा हूं।
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राम गोपाल दूसरी पार्टी के अध्यक्ष से चार बार मिल चुके हैं। अगर हमसे कहते तो हम उनके बहू-बेटे को बचा लेते मगर वह गलत हाथों में खेल रहे हैं। अब हमारे पास कार्यकर्ता बचे हैं, हम पार्टी बचाएंगे।
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उन्होंने कहा कि रामगोपाल अखिल भारतीय समाजवादी पार्टी बना रहे हैं और मोटर साइकिल चुनाव चिह्न मांग रहे हैं लेकिन हम न पार्टी का नाम बदलेंगे और न ही सिंबल।
मुलायम ने कहा, मैंने पार्टी बनाने के लिए बहुत संघर्ष किया, लाठी भी खाई, आपातकाल झेला और जेल भी गए। अखिलेश तब दो ढाई साल के होंगे, हम तबसे संघर्ष कर रहे हैं। मुलायम ने कहा कि जो मेरे पास था, मैंने सबकुछ दे दिया।
उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी की एकता में बाधा नहीं आनी चाहिए। कहा कि मुझे कार्यकर्ताओं पर पूरा भरोसा है कि पार्टी का अहित नहीं होने देंगे।
रामगोपाल ने किया पलटवार
राम गोपाल यादव
- फोटो : SELF
लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न न बदलने की बात कहकर मुलायम सिंह यादव दिल्ली रवाना हो गए। उनके साथ शिवपाल यादव भी हैं। वही पार्टी तोड़ने की बात पर रामगोपाल यादव ने भी पलटवार किया है।
गौरतलब है कि सपा में मुलायम और अखिलेश दोनों खेमों में से कोई भी झुकता नहीं दिखाई दे रहा। सोमवार को दिल्ली से लौटने के बाद मुलायम सिंह ने कहा था कि अखिलेश ही मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे दूसरे दिन अखिलेश ने मुलायम सिंह आवास पर जाकर उनसे ढाई घंटे बातचीत की थी।
इस बातचीत में दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन सकी जिसके बाद बुधवार को मुलायम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि रामगोपाल अपने बेटे-बहू को बचाने के लिए पार्टी तोड़ना चाहते हैं लेकिन मैं पार्टी नहीं टूटने दूंगा न ही सिंबल दूंगा और न ही पार्टी का नाम बदलने दूंगा।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मुलायम शिवपाल के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए। वहीं दूसरी रामगोपाल ने भी पलटवार किया कि सपा अखिलेश की है, दूसरी पार्टी बनाने का सवाल ही नहीं उठता।
गौरतलब है कि सपा में मुलायम और अखिलेश दोनों खेमों में से कोई भी झुकता नहीं दिखाई दे रहा। सोमवार को दिल्ली से लौटने के बाद मुलायम सिंह ने कहा था कि अखिलेश ही मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे दूसरे दिन अखिलेश ने मुलायम सिंह आवास पर जाकर उनसे ढाई घंटे बातचीत की थी।
इस बातचीत में दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन सकी जिसके बाद बुधवार को मुलायम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि रामगोपाल अपने बेटे-बहू को बचाने के लिए पार्टी तोड़ना चाहते हैं लेकिन मैं पार्टी नहीं टूटने दूंगा न ही सिंबल दूंगा और न ही पार्टी का नाम बदलने दूंगा।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मुलायम शिवपाल के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए। वहीं दूसरी रामगोपाल ने भी पलटवार किया कि सपा अखिलेश की है, दूसरी पार्टी बनाने का सवाल ही नहीं उठता।