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Mukhtar Ansari: सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पेश हुआ मुख्तार, तय नहीं हो पाए मनी लांड्रिंग के आरोप
Mon, 10 Apr 2023 09:12 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 10 Apr 2023 09:12 PM IST
सार
माफिया मुख्तार अंसारी की सोमवार को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पेशी हुई। मामला मनी लांड्रिंग का था। अगली सुनवाई के लिए 19 अप्रैल की तारीख दी गई है।
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कोर्ट में पेश हुआ मुख्तार अंसारी।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी को भारी सुरक्षा निगरानी के बीच सोमवा को मनीलांड्रिंग और एमपीएमएलए की अलग अलग कोर्ट में पेश किया गया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अनुरोध मिश्रा ने मनी लांड्रिंग के मामले में अगली सुनवाई के लिए 19 अप्रैल की तारीख तय की है। जबकि जियामऊ स्थित शत्रु संपत्ति पर अवैध कब्जा कर निर्माण करने के मामले में एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष एसीजेएम अम्बरीश श्रीवास्तव ने मामले की सुनवाई के लिए 18 अप्रैल की तारीख तय की है। इस मामले के गवाह लेखपाल सुरजन लाल के गैर हाजिर रहने को भी कोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए उसके खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।
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कड़ी सुरक्षा निगरानी में आए माफिया मुख्तार अंसारी को सबसे पहले मनी लांड्रिग मामले में सुनवाई के लिए सीबीआई की विशेष कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। अनुरोध मिश्रा की कोर्ट ने आरोपी मुख्तार के मामले में अगली सुनवाई के लिए 19 अप्रैल की तारीख तय करते हुए, उसे वापस जेल भेजने का आदेश दिया। इसके बाद आरोपी मुख्तार को एमपीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया। यहां शत्रुसंपत्ति हड़पने के मामले में गवाह सुरजन लाल को गवाही देने आना था। गवाही के लिए गवाह के पेश न होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए वादी सुरजन लाल के खिलाफ 10 हजार रुपये का जमानती वारंट जारी करने का आदेश देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए के लिए 18 अप्रैल की तिथि तय की।
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इस मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद मुख्तार अंसारी , अब्बास अंसारी और उमर अंसारी के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्तार जेल में था लिहाज़ा पुलिस उसे कोर्ट में हाजिर करती रही लेकिन उमर और अब्बास दोनों इस मामले में फरार चल रहे थे। इस पर कोर्ट ने मुख्तार अंसारी की फाइल को उसके पुत्र अब्बास और उमर की फाइल से अलग करते हुए मामले की सुनवाई का आदेश दिया था।
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लेखपाल ने अगस्त 2020 में दर्ज कराई थी रिपोर्ट
इस मामले की रिपोर्ट लेखपाल सुरजन लाल ने 27 अगस्त 2020 को थाना हजरतगंज में दर्ज कराई थी। आरोप था कि मुख्तार अंसारी और उनके पुत्रों अब्बास व उमर अंसारी ने कूट रचित दस्तावेज तैयार करके सरकारी निष्क्रात भूमि पर आपराधिक षड्यंत्र कर अनुचित दबाव डालकर एलडीए से नक्शा पास कराया गया। बाद में अवैध निर्माण कर अंसारी परिवार उस पर काबिज हो गया। जियामऊ स्थित उक्त जमीन मोहम्मद वसीम के नाम से दर्ज थी बाद में वसीम पाकिस्तान जाकर बस गया था।