राजधानी लखनऊ में हजरतगंज स्थित मोती महल रेस्टोरेंट में शुक्रवार तड़के शॉर्ट-सर्किट से आग लग गई। जिस वक्त आग लगी, रेस्टोरेंट में तीन नौकर सो रहे थे। दम घुटता महसूस होने पर उनकी आंख खुली तो वह किसी तरह छत से कूदकर भागे और घायल हो गए। धुआं उठते देख राहगीरों ने पुलिस व फायर स्टेशन कॉल की।
फायरब्रिगेड की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। रेस्टोरेंट में रखे गैस सिलेंडरों से धमाके के अंदेशा में दमकलकर्मी कुछ देर अंदर घुसने में हिचकते रहे। हालांकि बाद में जैकेट पहनने के साथ हेलमेट व मास्क लगाकर दस्ता घुसा और जोखिम उठाते हुए गैस सिलेंडर निकाले। इसके बाद आग बुझाई जा सकी।
अग्निकांड में रेस्टोरेंट के भूतल का सारा सामान राख हो गया, जबकि प्रथम तल व बेसमेंट को मामूली नुकसान हुआ। आग में आठ लाख की क्षति बताई जा रही है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) अभयभान पांडेय ने बताया कि हजरतगंज में सुबह टहलने निकले लोगों ने मोती महल रेस्टोरेंट से धुआं निकलते देखकर सूचना दी। रेस्टोरेंट के प्रथम तल पर सो रहे नौकर गोविंद शुक्ला, अतुल और संतोष दम घुटता महसूस होने पर जागे। छत के रास्ते कूद कर उन्होंने जान बचाई।
इस बीच मौके पर पहुंचे दमकल दस्ते को चारों तरफ से धुआं देखकर आसपास की दुकानों के भी आग की चपेट में होने का अंदेशा हुआ। दमकल की पांच गाड़ियां पहुंचीं। सूचना पर रेस्टोरेंट संचालक मुरलीधर आहूजा व उनके भाई लखनलाल व अन्य लोग आ गए। रेस्टोरेंट में गैस से भरे चार-पांच कॉमर्शियल सिलेंडर रखे होने का पता चला।