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महामारी में सबसे ज्यादा अकुशल व निर्माण श्रमिकों ने खोया रोजगार, अब तक 23 लाख की स्किल मैपिंग
Wed, 03 Jun 2020 12:48 PM IST
शाहरुख खान
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 03 Jun 2020 12:48 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
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कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन ने हर तरह के श्रमिकों की रोजी-रोटी पर असर डाला है। इनमें सबसे ज्यादा मार अकुशल (अनस्क्ल्डि) श्रमिकों पर पड़ी है। इनके बाद निर्माण श्रमिक, पेंटर, बढ़ई, दर्जी, ड्राइवर, कृषि श्रमिक, प्लंबर व कुक जैसे काम में लगे लोग बेरोजगार हुए हैं।
इसी तरह इलेक्ट्रीशियन, ब्यूटीशियन, आया, फैक्ट्री वर्कर, कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल रिपेयरिंग और सिक्योरिटी गार्ड जैसे काम से जुड़े श्रमिकों को भी अपना काम खोना पड़ा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दूसरे राज्यों से लौटे श्रमिकों की स्किल मैपिंग का काम शुरू कराया है। प्रदेश में पहली बार हो रही मैपिंग की मॉनिटरिंग शासन स्तर से की जा रही है।
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अब तक 23.58 लाख से अधिक श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन कर मैपिंग की जा चुकी है। इनमें से सबसे ज्यादा 16.67 लाख अकुशल श्रमिक हैं जो रोजी-रोटी छोड़कर घरों को वापस आए हैं। फिर 2.26 लाख निर्माण श्रमिक हैं।
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इसी तरह इलेक्ट्रीशियन, ब्यूटीशियन, आया, फैक्ट्री वर्कर, कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल रिपेयरिंग और सिक्योरिटी गार्ड जैसे काम से जुड़े श्रमिकों को भी अपना काम खोना पड़ा है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दूसरे राज्यों से लौटे श्रमिकों की स्किल मैपिंग का काम शुरू कराया है। प्रदेश में पहली बार हो रही मैपिंग की मॉनिटरिंग शासन स्तर से की जा रही है।
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अब तक 23.58 लाख से अधिक श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन कर मैपिंग की जा चुकी है। इनमें से सबसे ज्यादा 16.67 लाख अकुशल श्रमिक हैं जो रोजी-रोटी छोड़कर घरों को वापस आए हैं। फिर 2.26 लाख निर्माण श्रमिक हैं।
सरकार अलग-अलग 94 श्रेणियों में श्रमिकों की स्किल मैपिंग करा रही है। इनमें 92 हुनर के साथ श्रमिकों का ब्योरा दर्ज हो रहा है। इसके अलावा यदि कोई श्रमिक किसी अन्य कार्य में दक्ष हैं, तो उसे अन्य श्रेणी में चिह्नित किया गया है। इस श्रेणी में 2.19 लाख से अधिक श्रमिक अब तक रजिस्टर्ड हुए हैं।
23 लाख श्रमिकों में 18 लाख ने मांगा रोजगार
स्किल मैपिंग का हिस्सा बन चुके 23.58 लाख श्रमिकों में 18.19 लाख श्रमिकों ने रोजगार की इच्छा जताई है तो करीब 5.37 लाख से अधिक श्रमिक रोजगार के इच्छुक नहीं हैं। इनमें 4.83 लाख अकुशल श्रमिक हैं। माना जा रहा है कि इनमें तमाम श्रमिक स्थिति सामान्य होने पर अपने पुराने शहर और काम पर लौट सकते हैं। जैसे-जैसे बाजार, फैक्ट्री, दुकानें खुल रही हैं और शहरों में श्रमिकों की मांग बढ़ने लगी है।
बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड के श्रमिकों के विकल्प में अपने हुनरमंद
प्रदेश के शहरों व फैक्ट्रियों में बड़ी संख्या में बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड के श्रमिक काम करते हैं। इनमें बड़ी संख्या में अपने शहरों को लौट चुके हैं। यह तय नहीं हैं कि वे कब लौटेंगे। इधर, अनलॉक शुरू होने से इंडस्ट्री व कारोबारियों को काम बढ़ाने के लिए कुशल व अकुशल दोनों ही श्रमिकों की तत्काल जरूरत है। इसके लिए उद्यमी व कारोबारी संगठनों के जरिये सरकार के संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पिछले दिनों 11 लाख श्रमिकों को रोजगार दिलाने के लिए चार उद्योग संगठनों से एमओयू किया गया था।
23 लाख श्रमिकों में 18 लाख ने मांगा रोजगार
स्किल मैपिंग का हिस्सा बन चुके 23.58 लाख श्रमिकों में 18.19 लाख श्रमिकों ने रोजगार की इच्छा जताई है तो करीब 5.37 लाख से अधिक श्रमिक रोजगार के इच्छुक नहीं हैं। इनमें 4.83 लाख अकुशल श्रमिक हैं। माना जा रहा है कि इनमें तमाम श्रमिक स्थिति सामान्य होने पर अपने पुराने शहर और काम पर लौट सकते हैं। जैसे-जैसे बाजार, फैक्ट्री, दुकानें खुल रही हैं और शहरों में श्रमिकों की मांग बढ़ने लगी है।
बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड के श्रमिकों के विकल्प में अपने हुनरमंद
प्रदेश के शहरों व फैक्ट्रियों में बड़ी संख्या में बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड के श्रमिक काम करते हैं। इनमें बड़ी संख्या में अपने शहरों को लौट चुके हैं। यह तय नहीं हैं कि वे कब लौटेंगे। इधर, अनलॉक शुरू होने से इंडस्ट्री व कारोबारियों को काम बढ़ाने के लिए कुशल व अकुशल दोनों ही श्रमिकों की तत्काल जरूरत है। इसके लिए उद्यमी व कारोबारी संगठनों के जरिये सरकार के संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पिछले दिनों 11 लाख श्रमिकों को रोजगार दिलाने के लिए चार उद्योग संगठनों से एमओयू किया गया था।
हुनरवार श्रमिकों की संख्या
- रजिस्टर्ड श्रमिक- 23,58,201
- रोजगार के इच्छुक-18,19,245
- रोजगार के इच्छुक नहीं-5,37,484
- अकुशल श्रमिक- 16,67,609
- निर्माण श्रमिक-2,26,273
- अन्य- 2,19,049
- पेंटर, पेंटिंग, पीओपी वर्क- 42,942
- निर्माण व फैक्ट्री के अतिरिक्त कार्य करने वाले श्रमिक-32,041
- बढ़ईिगिरी- 30,450
- टेलर, स्टेचिंग, एम्ब्रॉइडरी- 21,365
- ड्राइवर- 15,415
- कृषि श्रमिक- 10,257
- प्लंबर -10,047
- कुक- 8,289
- इलेक्ट्रीशियन/ इलेक्ट्रिक वर्क- 7,843
- आया-चाइल्ड केयर टेकर - 6,736
- फैक्ट्री वर्कर-5,892
- कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल रिपेयर, नेटवर्किंग-5,363
- सिक्योरिटी गार्ड- 5,311
- वेल्डिंग, फैब्रीकेशन-3,021
- माली- 2,976
- हैंडीक्राफ्ट, कारपेट्स बुनने वाले - 2,264
- आटोमोबाइल मैकेनिक - 2,103
- ब्यूटीशियन, नाई, सैलून, मेंहदी आर्ट- 2,535
- ईंट पाथने वाले - 2,311
- मेड/हाउसकीपिंग - 2,001
- कार, मोटरसाइकिल, साइकिल, रिक्शा रिपेयर-1,743
- सेल्स एंड मार्केटिंग -1,720
- लॉड्री/ड्राइक्लीनिंग सर्विस- 1,178 टीचर
- ट्यूटर-1,096