फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Most accidents are caused by mobile phones, not speed or alcohol

Lucknow News: रफ्तार और शराब नहीं, मोबाइल की वजह से सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं

Sun, 13 Apr 2025 01:46 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 13 Apr 2025 01:46 AM IST
विज्ञापन
Most accidents are caused by mobile phones, not speed or alcohol
कॉन्क्लेव में उप​स्थित चिकित्सक।
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में ट्रॉमा सर्जरी विभाग के डॉ. समीर मिश्रा के मुताबिक, तेज रफ्तार और शराब के मुकाबले अब मोबाइल फोन दुर्घटना के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार बनकर उभरा है। डॉ. समीर मिश्रा शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुए कॉन्क्लेव ऑफ मेडिकल इमरजेंसी एंड ट्रॉमा कार्यक्रम में बोल रहे थे।
विज्ञापन

डॉ. समीर मिश्रा ने बताया कि ट्रॉमा सर्जरी विभाग में आने वाले काफी मामलों में यह पाया गया कि सड़क दुर्घटना की वजह मोबाइल चलाते हुए वाहन चलाना था। मोटरसाइकिल और कार के साथ ही ट्रक और ट्रैक्टर ड्राइवर भी मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए वाहन चलाते हैं। यहां तक व्हाट्सएप चैटिंग तक चलती रहती है। इससे उनका ध्यान भंग होता है, जो दुर्घटना की वजह बनता है।
विज्ञापन

समारोह के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है। इसके बावजूद कई बार देखा जाता है कि अस्पतालों में घायल और मरीजों को बेड नहीं मिल पाते। इसका मतलब है कि दुर्घटनाओं की संख्या ज्यादा रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीजीआई के पूर्व डॉ. राकेश कपूर ने कहा कि हमें इमरजेंसी पहचाननी होगी, तभी हम बेहतर इलाज कर पाएंगे। इस मौके पर सेक्टम के संस्थापक व अध्यक्ष डॉ. लोकेंद्र गुप्ता, आयोजन सचिव डॉ. शुभंकर पॉल, सह-सचिव डॉ. उत्सव आनंद मणि, डॉ. पुष्पराज सिंह, डॉ. एसएस त्रिपाठी और डॉ. मुस्तहसिन मलिक, आयुष एवं खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन के प्रमुख सचिव रंजन कुमार, आईआईएम लखनऊ के प्रोफेसर श्री वेंकट, एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह, एम्स गुवाहाटी के निदेशक डॉ. अशोक पुराणिक और एसजीपीजीआई के इमरजेंसी विभाग प्रमुख डॉ. आरके सिंह मौजूद रहे।

कम अवधि के लिए शुरू हों पाठ्यक्रम

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की डॉ. मीनू बाजपेयी ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों के लिए हार्ट अटैक, लकवा और सड़क दुर्घटना जैसी इमरजेंसी से निपटने के लिए कम अवधि के पाठ्यक्रम शुरू करने चाहिए। इससे मरीज और घायलों को इलाज के लिए लंबी दूरी नहीं तय करनी पड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed