{"_id":"688a7ded3a22a021350f8938","slug":"more-than-six-thousand-complaints-of-fraud-were-received-on-the-first-day-lucknow-news-c-13-knp1050-1316552-2025-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: पहले ही दिन आईं छह हजार से ज्यादा ठगी की शिकायतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: पहले ही दिन आईं छह हजार से ज्यादा ठगी की शिकायतें
Thu, 31 Jul 2025 01:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 31 Jul 2025 01:47 AM IST
विज्ञापन
कल्ली स्थित डीसीपी साउथ के कार्यालय में खुला काॅल सेंटर।
लखनऊ। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण और लोगों को त्वरित मदद पहुंचाने के लिए कल्ली स्थित डीसीपी साउथ के कार्यालय में कॉल सेंटर खोला गया है। बुधवार को डीजीपी राजीव कृष्ण ने इसका शुभारंभ किया। पहले ही दिन कॉल सेंटर पर छह हजार से ज्यादा शिकायतें आईं। हेल्पलाइन नंबर 1930 पर प्रदेशभर से लोग फोन कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
डीजीपी ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर 1930 प्रभावी ढंग से कार्य करे, इसके लिए 30 सीट का एक्सटेंशन सेंटर खोला गया है। बुधवार से ही यह काम कर रहा है। पुलिस की 10 प्राथमिकताओं में साइबर क्राइम पर रोकथाम शामिल है। इस दिशा में यह पहला कदम है। उन्होंने बताया कि जिलों में स्थित साइबर थानों में पहले पांच लाख रुपये के ऊपर के मामले ही दर्ज किए जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब छोटे मामले भी वहां दर्ज होंगे।
15 अफसरों को दी गई साइबर कमांडो की ट्रेनिंग
डीजीपी ने कहा कि साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिसकर्मियों को लगातार प्रशिक्षित किया जा रहा है। 15 पुलिस अधिकारियों को साइबर कमांडो की ट्रेनिंग दी गई है। इन्हें प्रदेश के अलग-अलग जोन में तैनात किया गया है। यह भी प्रयास है कि उपनिरीक्षक भी साइबर मामलों की छानबीन कर सकें। कहा कि पिछले सात वर्षों में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक थाने की जगह 75 थाने बने। वर्तमान में इनकी संख्या 2000 से ऊपर है।
विज्ञापन
15 से 20 मिनट में करें शिकायत तो बच जाएगी रकम
डीजीपी ने कहा कि साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता जरूरी है। साइबर अपराध हो जाता है तो पीड़ित को गोल्डन टाइम यानी 15 से 20 मिनट के भीतर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। इस दौरान शिकायत होने पर जालसाजों के खाते को तत्काल फ्रीज कर दिया जाएगा। इससे ठगी की रकम पीड़ित को वापस मिल सकेगी।
विज्ञापन
डीजीपी ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर 1930 प्रभावी ढंग से कार्य करे, इसके लिए 30 सीट का एक्सटेंशन सेंटर खोला गया है। बुधवार से ही यह काम कर रहा है। पुलिस की 10 प्राथमिकताओं में साइबर क्राइम पर रोकथाम शामिल है। इस दिशा में यह पहला कदम है। उन्होंने बताया कि जिलों में स्थित साइबर थानों में पहले पांच लाख रुपये के ऊपर के मामले ही दर्ज किए जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब छोटे मामले भी वहां दर्ज होंगे।
विज्ञापन
15 अफसरों को दी गई साइबर कमांडो की ट्रेनिंग
डीजीपी ने कहा कि साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिसकर्मियों को लगातार प्रशिक्षित किया जा रहा है। 15 पुलिस अधिकारियों को साइबर कमांडो की ट्रेनिंग दी गई है। इन्हें प्रदेश के अलग-अलग जोन में तैनात किया गया है। यह भी प्रयास है कि उपनिरीक्षक भी साइबर मामलों की छानबीन कर सकें। कहा कि पिछले सात वर्षों में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक थाने की जगह 75 थाने बने। वर्तमान में इनकी संख्या 2000 से ऊपर है।
विज्ञापन
15 से 20 मिनट में करें शिकायत तो बच जाएगी रकम
डीजीपी ने कहा कि साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता जरूरी है। साइबर अपराध हो जाता है तो पीड़ित को गोल्डन टाइम यानी 15 से 20 मिनट के भीतर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। इस दौरान शिकायत होने पर जालसाजों के खाते को तत्काल फ्रीज कर दिया जाएगा। इससे ठगी की रकम पीड़ित को वापस मिल सकेगी।