रिकॉर्ड आवेदन के बाद भी पॉलीटेक्निक की हजारों सीटें रह गईं खाली
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इस बार प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थानों की 49,774 सीटें रिक्त रह गईं हैं। यह स्थिति तब है जब इस बार पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा के लिए रिकॉर्ड आवेदन हुए और रिकॉर्ड संख्या में अभ्यर्थियों ने दाखिला लिया। दाखिले के लिए सभी चरणों की काउंसलिंग अब समाप्त हो गई है।
इस बार पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा के लिए करीब 4.91 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसमें से करीब चार लाख प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित हुए और 3.80 लाख उत्तीर्ण। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के सचिव एफआर खान ने बताया कि प्रदेश के सभी पॉलीटेक्निक संस्थानों में दाखिले के लिए चार चरणों में ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया 8 जून से 18 जुलाई तक चली।
इसके बाद 18-19 जुलाई को स्पॉट काउंसलिंग और 24-25 जुलाई को परिषद में काउंसलिंग कराई गई। इसके बाद जो सीटें रिक्त रह गईं उनके लिए डायरेक्ट एडमिशन लिए गए। इसके बाद भी प्रदेश के सभी पॉलीटेक्निक संस्थानों में संचालित 60 कोर्सेज की 1,58,645 सीटों के सापेक्ष 1,08,871 अभ्यर्थियों ने दाखिले लिए। इनमें हाईस्कूल, इंटर व स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी शामिल हैं।
इंजीनियरिंग की ज्यादा डिमांड
सचिव एफआर खान ने बताया कि वर्तमान में इंजीनियरिंग के विभिन्न कोर्सेज की ज्यादा डिमांड है। इसमें इलेक्ट्रिकल, सिविल व मैकेनिकल में सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई गई है। ग्रुप जी और डी के कोर्सेज की सबसे ज्यादा सीटें खाली रहीं।
ये सभी स्नातक उत्तीर्ण छात्रों के लिए डिप्लोमा कोर्सेज की हैं। जैसे पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लिकेशन, हार्डवेयर, नेटवर्किंग आदि। इनमें अभ्यर्थी कम दिलचस्पी दिखाते हैं। इसके अलावा महिला पॉलीटेक्निक कॉलेजों में भी ज्यादा सीटें रिक्त हैं। इनमें संचालित इंटीरियर डेकोरेशन व डिजायनिंग, लाइब्रेरी साइंस व ऑफिस मैनेजमेंट आदि में कम दाखिले हुए हैं।