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लखनऊः 15 साल से अधिक पुराने वाहनों पर सख्ती से रोक, ... इन्हें मिलेगी छूट
Mon, 12 Oct 2020 12:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2020 12:30 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने बैठक कर निर्णय लिया कि 15 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियां सड़कों पर नहीं चलेंगी। ऐसे वाहनों में सिर्फ उन्हें छूट दी जाएगी, जिनको आरटीओ ने प्रमाण पत्र जारी किया हो।
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इसके बाद यातायात पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। ऐसे पुराने चिह्नित 1000 वाहन मालिकों को नोटिस भेजा गया है। इसके अलावा जिनकी रजिस्ट्रेशन अवधि बाकी है और पुराने हैं, वह फिटनेस और प्रदूषण प्रमाण पत्र के बिना नहीं चल सकेंगे। हालांकि यह नियम पहले से ही लागू है, लेकिन अब इस पर सख्ती की जाएगी।
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एडीसीपी यातायात पुर्णेंदु सिंह के मुताबिक, प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए पुराने वाहनों पर रोक लगाना ही एकमात्र विकल्प है। ऐसे वाहनों के मालिकों की सूची तैयार की गई है। जिनकों नोटिस जारी किया जा रहा है। इसमें बीएस-1 व अन्य पुराने वाहनों को शामिल किया गया है।
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इन पर निगरानी की जा रही है। ऐसे वाहन फर्राटा भरते दिखे तो कार्रवाई की जाएगी। बीएस-6 के अलावा अन्य वाहनों के लिए केंद्रीय सरकार ने गाइडलाइन जारी की है। जिसका सख्ती से पालन कराया जाएगा। सभी आरआई को इसकी प्रति दे दी गई है। ताकि प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाए।
ये काम जरूरी
- बीएस-1, बीएस-2 या बीएस-3 के कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस और प्रदूषण जांच जरूरी।
- निजी वाहनों को फिटनेस से छूट, लेकिन प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र साथ रखना जरूरी।
- चौराहों पर चेकिंग के दौरान पुराने वाहनों पर नजर रखने के निर्देश।
- प्रदूषण जांच करने वाले केंद्रों की मशीनें सही हैं या नहीं इसकी भी जांच की जाएगी।
- शहरी क्षेत्र में डीजल के टेंपो प्रतिबंधित हैं, पकड़े जाने पर तुरंत सीज होंगे।
बिना फिटनेस व प्रदूषण प्रमाणपत्र के पुराने वाहन नहीं निकलेंगे
एडीसीपी यातायात के मुताबिक, बिना फिटनेस व प्रदूषण जांच करवाए और प्रमाण पत्र हासिल किये कोई भी पुराना वाहन नहीं निकल सकेगा। इसके लिए जिलाधिकारी ने आदेश जारी किया है। आंकड़ों के मुताबिक, एक हजार से अधिक पुराने वाहन जिनकी रजिस्ट्रेशन अवधि पूरी हो चुकी है। उनके मालिक को नोटिस जारी कर दिया गया है। इसके अलावा बीएस-1 सहित अन्य वाहनों के लिए केंद्रीय गाइड लाइन का पालन करने का निर्देश दिया गया है। मॉनिटरिंग प्रशासन व पुलिस आयुक्त कर रहे हैं।
- निजी वाहनों को फिटनेस से छूट, लेकिन प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र साथ रखना जरूरी।
- चौराहों पर चेकिंग के दौरान पुराने वाहनों पर नजर रखने के निर्देश।
- प्रदूषण जांच करने वाले केंद्रों की मशीनें सही हैं या नहीं इसकी भी जांच की जाएगी।
- शहरी क्षेत्र में डीजल के टेंपो प्रतिबंधित हैं, पकड़े जाने पर तुरंत सीज होंगे।
बिना फिटनेस व प्रदूषण प्रमाणपत्र के पुराने वाहन नहीं निकलेंगे
एडीसीपी यातायात के मुताबिक, बिना फिटनेस व प्रदूषण जांच करवाए और प्रमाण पत्र हासिल किये कोई भी पुराना वाहन नहीं निकल सकेगा। इसके लिए जिलाधिकारी ने आदेश जारी किया है। आंकड़ों के मुताबिक, एक हजार से अधिक पुराने वाहन जिनकी रजिस्ट्रेशन अवधि पूरी हो चुकी है। उनके मालिक को नोटिस जारी कर दिया गया है। इसके अलावा बीएस-1 सहित अन्य वाहनों के लिए केंद्रीय गाइड लाइन का पालन करने का निर्देश दिया गया है। मॉनिटरिंग प्रशासन व पुलिस आयुक्त कर रहे हैं।