पढ़िए कैसे, इस बंदर ने कर दिया 'डॉक्टर' जैसा काम!
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कहते हैं जानवरों में इंसानों जैसी समझ नहीं होती, लेकिन बात संवेदनशीलता की हो तो वे किसी से कम नहीं होते। ऐसा ही एक नजारा कानपुर में रविवार को देखने को मिला जब एक बंदर ने साथी बंदर को करंट लगने के बावजूद उसे मौत के मुंह से निकाल लिया।
हुआ यूं कि कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर एक बंदर ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) लाइन से झटका खाकर नीचे गिरा और बेहोश हो गया। उसे गिरता देखकर दूसरा बंदर वहां पहुंचा। इधर-उधर देखा और फिर जुट गया उसे बचाने में। होश में लाने के लिए पहले तो उसी पीटा। फिर दांत से काटा।
फिर भी होश नहीं आया तो उसे पानी में डुबाया। वह करीब एक घंटे तक ऐसा करता रहा। इस दौरान स्टेशन पर खड़े लोग इस अद्भुत दृश्य को देखते रहे। हालांकि बंदर की मेहनत बेकार नहीं गई और बेहोश पड़ा बंदर होश में आ गया। दोनों थोड़ी देर वहां बैठे रहे फिर चले गए।
डॉक्टर बोले- उसने डॉक्टरों जैसा काम किया
सीनियर फीजिशियन डॉ. संतोष कुमार के अनुसार बंदर ने ठीक वैसा ही किया जैसा कि डॉक्टर करते हैं। किसी को शॉक लगे और पास में मेडिकल की सुविधा उपलब्ध न हो तो उसके हार्ट को पंप करके, बॉडी को झटका देने, पानी के छींटे मारने की सलाह दी जाती है। बंदर ने भी यही किया।
इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्स एप पर शेयर कर रहे हैं। ट्वीट भी खूब हो रहे हैं। अतुल गर्ग ने ट्वीट किया- ‘डॉक्टर बंदर’ से मानवता का पाठ सीखना चाहिए। मुमताज ने सवाल किया- हम कब सही मायने में इंसान बनेंगे। वहीं, रजत ने बंदर को रियल हीरो ऑफ कानपुर कहा।