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UP: आयुष दाखिला घोटाले में ईडी ने दर्ज किया मनी लॉन्ड्रिंग का केस, जांच के बाद 16 आरोपी हुए थे गिरफ्तार
Wed, 13 Dec 2023 03:21 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 13 Dec 2023 03:21 PM IST
सार
आयुष दाखिला घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज करने के लिए हजरतगंज कोतवाली में दर्ज एफआईआर को आधार बनाया गया है। मामले में एसटीएफ ने जांच के बाद 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आयुष कॉलेजों में हुए फर्जी दाखिलों के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। इस मामले में आयुर्वेद निदेशक एसएन सिंह की तहरीर पर लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में शासन ने इसकी जांच एसटीएफ को सौंपी थी, जिसमें एसएन सिंह समेत 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
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सूत्रों के मुताबिक ईडी ने केस दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है। ईडी बीते मई से मामले में जानकारी जुटा रहा था। जल्द ही ईडी सभी आरोपियों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए तलब करने की तैयारी में है। इनकी संपत्तियों को भी चिह्नित कर जब्त किया जाएगा। बता दें कि एसटीएफ इस मामले में कोर्ट में आरोप पत्र भी दाखिल कर चुकी है। उधर, मुख्य आरोपियों में शामिल एसएन सिंह को सत्र न्यायालय से जमानत मिल चुकी है।
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गौरतलब है कि एसटीएफ की जांच में लगभग 50 आयुष कॉलेजों में लगभग 850 फर्जी दाखिले होने की पुष्टि हुई है। इनमें 23 कॉलेजों में 10 से ज्यादा दाखिले हुए थे। एटीएफ ने सर्वाधिक 76 दाखिले करने वाले संतुष्टि मेडिकल कॉलेज की संचालक डॉ. रितु गर्ग को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। हालांकि उन्हें भी जमानत मिल चुकी है।
सीबीआई जांच भी नहीं हुई शुरू
हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्थगन आदेश जारी कर दिया। इसी वजह से सीबीआई ने आगे कदम नहीं बढ़ाया। उधर, सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले की दोबारा सुनवाई नहीं हुई है।
इनको किया गया था गिरफ्तार
आयुर्वेद सेवाओं के निदेशक डॉ. एसएन सिंह, प्रभारी डॉ. उमाकांत, वरिष्ठ सहायक राजेश सिंह, कनिष्ठ सहायक कैलाश चंद्र भाष्कर, कुलदीप सिंह वर्मा, अपट्रॉन कंपनी के एजीएम प्रबोध कुमार सिंह, तकनीकी सहायक रूपेश श्रीवास्तव के अलावा हर्षवर्धन तिवारी, सौरभ मौर्या, गौरव कुमार गुप्ता, इंद्र देव मिश्रा, रुपेश रंजन पांडेय, विजय यादव, धर्मेंद्र यादव, आलोक द्विवेदी और डॉ. रितु गर्ग।