गौमाता भारतीय संस्कृति का प्राण, गौरक्षा नीति में कोई बदलाव नहीं: मोहन भागवत
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गौरक्षकों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तल्ख टिप्पणी के बाद हिंदूवादियों के बीच नाराजगी के माहौल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत ने शनिवार को यहां गौरक्षा समेत पांचों प्रकल्पों के कामकाज की जानकारी ली।
उन्होंने गाय को भारतीय संस्कृति का प्राण बताते हुए गौरक्षा के काम को पहले की भांति चलाने और अन्य प्रकल्पों के काम में विस्तार पर जोर दिया।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत शुक्रवार को पांच दिन के प्रवास पर राजधानी आए थे। वे हर रोज अलग-अलग दायित्व संभालने वाले पूर्वी यूपी के पांचों प्रांतों के स्वयंसेवकों से मिल रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, निराला नगर स्थित सरस्वती कुंज में शनिवार को उनके प्रवास के दूसरे दिन का ज्यादातर समय समरसता, गौरक्षा, धर्मजागरण, परिवार प्रबोधन और सेवा प्रकल्पों के नाम रहा।
'गौरक्षा पर संघ की नीति में कोई बदलाव नहीं'
कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति का प्राण है। इसकी वैज्ञानिकता पश्चिमी जगत के लोग भी स्वीकार रहे हैं। गौरक्षा प्रकल्प की गतिविधियां पहले की भांति चलती रहेंगी। इस मुद्दे पर संघ की नीति में कोई परिवर्तन नहीं आया है।
संघ प्रमुख ने समरसता प्रकल्प के कामकाज में विस्तार पर विशेष रूप से जोर दिया। माना जा रहा है कि आगरा में उन्होंने जिस तरह से दलित समाज के स्वयंसेवक के घर जाकर भोजन किया था, वह भी इस प्रकल्प की गतिविधियों में तेजी लाने का संकेत ही था।
राजनीतिक नजर से अहम है ये दौरा
उन्होंने परिवार प्रबोधन, धर्मजागरण और सेवा प्रकल्पों की गतिविधियों की जानकारी ली और इनमें और सक्रियता की अपेक्षा जताई। शाम को उन्होंने संघ की प्रांतीय टोली के लोगों के साथ चर्चा की।
संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ रविवार को भी दो-तीन बैठकें प्रस्तावित हैं। आगरा के बाद लखनऊ में संघ प्रमुख के प्रवास को राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।
भाजपा के सीएम के चेहरे पर चर्चा संभव
संघ प्रमुख सोमवार को समन्वय बैठक करेंगे। इसमें भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओमप्रकाश माथुर समेत सभी संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक में प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा होगी।
यह भी संभावना है कि भाजपा के मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर भी विचार-विमर्श हो। वे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर दिशा-निर्देश भी देंगे। सोमवार को वे विद्यार्थी परिषद का दायित्व संभाल रहे स्वयंसेवकों से मिलेंगे।