मोहन भागवत ने भाजपा को दिया यूपी चुनाव जीतने का फॉर्मूला
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भाजपा समेत संघ के सभी संगठनों को दलितों, वंचितों को जोड़ने और गांवों के विकास पर खास जोर देने को कहा है। उनके इस निर्देश को 2017 के विधानसभा चुनाव और संघ की विस्तार नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा, समाज में तभी सकारात्मक परिवर्तन आएगा जब हम सभी को साथ लेकर चलेंगे। उन्होंने स्वयंसेवकों को सामाजिक समरसता के साथ ही परिवारों को जोड़ने और गांवों के विकास जैसे विषयों को लेकर चलने की सलाह दी।
मोहन भागवत सोमवार को निरालानगर स्थित सरस्वती कुंज के माधव सभागार में आरएसएस की समन्वय बैठक में बोल रहे थे।
इसमें भाजपा की ओर से प्रदेश प्रभारी ओमप्रकाश माथुर, प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल के साथ ही संघ के सभी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
संघ प्रमुख ने कहा कि सभी संगठन स्वतंत्र, स्वायत्त व स्वावलंबी हैं। सभी के कार्यक्षेत्र, कार्यपद्धति और कार्यकर्ता भिन्न-भिन्न हैं। फिर भी सभी राष्ट्र के सर्वांगीण उन्नति के लिए काम करते हैं।
इन विषयों को लेकर आगे बढ़ने की सलाह दी
भागवत ने कहा, समन्वय बैठक उन स्वयंसेवकों की होती है, जो विविध क्षेत्रों में व्यवस्था परिवर्तन में लगे हैं। यह परिवर्तन तभी सफल होगा, जब समाज भी उस दिशा में आगे बढ़ेगा। परिवर्तन की दिशा स्पष्ट करते हुए उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन और ग्राम विकास जैसे विषयों को लेकर चलने की सलाह दी।
उन्होंने कहा, स्वयंसेवक का ‘स्वयंसेवकत्व’ ही संघ के समन्वय का आधार है। स्वयंसेवक होने के नाते हमारा परस्पर मिलन होना चाहिए।
अपने-अपने क्षेत्रों में बहुत अच्छा करने के बावजूद‘स्वयंसेवकत्व’ याद रखना आवश्यक है। उन्होंने स्वयंसेवक बने रहने के लिए समान विचारों वाले संगठनों को प्रतिज्ञा व प्रार्थना के दो सूत्र भी बताए।
'शाखा में आने से होता है इन गुणों का विकास'
कहा कि संघ की दैनिक शाखा में आने वाले स्वयंसेवकों में देशभक्ति, नैतिक, चारित्रिक, समरसता एवं अनुशासन जैसे अनेक गुणों का निर्माण होता है।
बैठक में सह-सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मधुभाई कुलकर्णी व अशोक बेरी, अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक, क्षेत्रीय संघचालक डॉ. देवेन्द्र प्रताप सिंह, क्षेत्रकार्यवाह राम कुमार, सह क्षेत्र कार्यवाह डॉ. वीरेन्द्र जायसवाल, भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर व प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के धर्मपाल सिंह व मनोज कान्त, विद्याभारती के ब्रह्मदेव भाई व यतीन्द्र कुमार, भारतीय किसान संघ के वीरेन्द्र सिंह, भारतीय मजदूर संघ के अनुपम, राष्ट्रसेविका समिति की क्षेत्र कार्यवाहिका शारदा, महिला समन्वयक संयुक्ता भाटिया समेत विभिन्न संगठनों के 123 पदाधिकारी उपस्थित रहे।
ऐसा समाज बनाना है जो कभी गुलाम न हो
भागवत ने कहा, संघ की शाखा एक ऐसी कार्यशाला है जिसमें राष्ट्र उत्थान के लिए स्वयंसेवक अपना तन-मन-धन समर्पित करता है। हम स्वयंसेवक के नाते एक ध्येय लेकर चल रहे हैं।
हमें बार-बार गुलाम होने वाला समाज नहीं चाहिए, ऐसा समाज चाहिए जो कभी गुलाम न हो। हमारा स्वयंसेवक उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इन संगठनों के प्रतिनिधि हुए शामिल
बैठक में वनवासी कल्याण आश्रम, विद्या भारती, भारतीय मजदूर संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्र सेविका समिति, भाजपा अधिवक्ता परिषद, भारतीय शिक्षण मंडल, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, सेवा भारती, संस्कार भारती, सामाजिक समरसता मंच, स्वदेशी जागरण मंच, लघु उद्योग भारती, क्रीड़ा भारती, सक्षम, अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ, आरोग्य भारती, भारत विकास परिषद, अखिल भारतीय साहित्य परिषद, राष्ट्रीय सिख संगत, पूर्व सैनिक सेवा परिषद, हिंदू जागरण मंच, विज्ञान भारती, संस्कृत भारती, प्रज्ञा प्रवाह समेत 40 संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल रहे।