नेताजी की मौत को लेकर पीएम मोदी पर लगा गंभीर आरोप!
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आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत के रहस्य से पर्दा हटाने की मांग फिर से जोर पकड़ने लगी है। नेताजी के परिवार से जुड़ी समाजसेवी राज्यश्री चौधरी ने कहा कि नेताजी को लेकर देश की हुकूमत का नजरिया साफ नहीं है।
नेहरू-गांधी परिवार ने इस मसले में कभी दिलचस्पी नहीं दिखाई। मोदी सरकार का रवैया भी पूर्व की सरकारों की तरह ही है। उन्होंने कहा कि मुखर्जी कमीशन की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग को लेकर जल्द ही देशव्यापी जनांदोलन छेड़ा जाएगा।
शनिवार की दोपहर धर्मसंघ परिसर में भारत स्वाभिमान आंदोलन की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में हिस्सा लेने के बाद ‘अमर उजाला’ से मुलाकात में राज्यश्री चौधरी ने कहा कि बोस परिवार ही नहीं देश के तमाम बड़े समाजसेवी और शोधकर्ताओं का मानना है कि नेताजी के गुम होने या कथित मौत के लिए नेहरू ही जिम्मेदार थे।
यही वजह है कि कांग्रेस की सरकारों ने नेताजी की मौत की गुत्थी सुलझाने में रुचि नहीं ली। आज तक न तो डेडबॉडी मिली और न ही डेथ सर्टिफिकेट।
आजाद हिंद फौज के अरबों रुपये के खजाने के बारे में बताएं
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सरकार का फर्ज नहीं बनता कि वह पता लगाए कि आखिर नेताजी की मौत किन परिस्थितियों में हुई। चौधरी ने कहा कि एयर क्रैश की थ्योरी किसी के गले नहीं उतरती।
हमारी मांग की है कि नेताजी के मौत की कारणों की पड़ताल करने वाली मुखर्जी कमीशन की 70 हजार पेज की रिपोर्ट सार्वजनिक हो।
उस रिपोर्ट पर संसद में बहस हो और देश की जनता को मौत के कारणों और साजिशकर्ताओं के बारे में बताया जाए। साथ ही आजाद हिंद फौज के अरबों रुपये के खजानों के बारे में भी देश को बताया जाए।
ये हैं राज्यश्री चौधरी
राज्यश्री चौधरी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की चचेरी बहन स्नेहलता सरकार की नतिनी की बेटी हैं। पिछले कई साल से वे पं. बंगाल के ग्रामीण इलाकों में गरीबी उन्मूलन की दिशा में काम कर रही हैं।
राष्ट्रीय चिंतक एवं विचारक केएन गोविंदाचार्य की प्रेरणा से स्थापित सामाजिक संस्था राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन से वह एक दशक से जुड़ी हुई हैं।