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मोदी की बहराइच रैली में मायावती जैसी सुरक्षा
विष्णु मोहन/लखनऊ
Updated Wed, 06 Nov 2013 06:59 AM IST
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बहराइच में नरेंद्र मोदी की 8 नवंबर को प्रस्तावित रैली को लेकर केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने ‘मैक्सिमम अलर्ट’ का इनपुट भेजा है।
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रैली में आने वालों की सुरक्षा जांच पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।
नेपाल सीमा से लगे जिले के सभी रास्ते सील कर दिए गए हैं। इसके बाद भी गड़बड़ी फैलाने वालों की घुसपैठ का अंदेशा है।
रैली की तैयारियों को लेकर सूबे के आला पुलिस अधिकारी पिछले कई दिनों से मशक्कत कर रहे हैं।
गुजरात पुलिस के साथ ही वहां की क्राइम ब्रांच और खुफिया एजेंसी भी बहराइच पहुंची हुई है। गुजरात पुलिस ने यूपी पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा प्रबंधों की जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा को लेकर जो सबसे अधिक चिंता का सबब बहराइच से लगी नेपाल सीमा है। खुफिया एजेंसियां मोदी की रैली को लेकर पहले ही आतंकी संगठनों के गड़बड़ी फैलाने का अंदेशा जता चुकी हैं।
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साथ ही पिछले दिनों पकड़े गए कई आतंकियों की नेपाल सीमा पर रही सक्रियता के बारे में जानकारी दी जा चुकी है, इसलिए अधिकारी इस बाबत सुरक्षा प्रबंधों को लेकर खासे चिंतित हैं।
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अधिकारियों के अनुसार नेपाल से सटी जिले की सीमाओं को सील किया जा रहा है साथ ही अन्य जिलों से आने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग की जा रही है।
बड़े और छोटे सभी वाहनों से आने वालों की सघन जांच के बाद ही उन्हें आने-जाने दिया जाएगा।
डी एरिया में किसी को आने की इजाजत नहीं
रैली के लिए सुरक्षा का जो ब्ल्यू प्रिंट बनाया गया है वह कमोबेश वैसा ही है, जैसा पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की सुरक्षा को लेकर बनता था।
रैली पर मंच के आगे के 45 मीटर तक डी एरिया में किसी को आने की इजाजत नहीं होगी। ऐसे ही मंच के पीछे नो मैन्स लैंड घोषित कर दिया गया है।
सादे लिबास में फैले रहेंगे खुफिया
सुरक्षा प्रबंधों से जुड़े अधिकारियों की मानें तो रैली में एक लाख से अधिक लोगों के आने की संभावना है। इतनी तादाद में आने वाले सभी लोगों की जांच करना मुमकिन नहीं होगा।
लिहाजा भीड़ में पुलिसकर्मी हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर के साथ तो मौजूद रहेंगे, साथ ही सादे लिबास में खुफिया व पुलिसकर्मी भी भीड़ में पूरे रैली स्थल पर फैले रहेंगे।
ड्यूटी पर रहने वालों का फोटोयुक्त पास
अफसरों के मुताबिक रैली स्थल पर लगे सभी अधिकारियों के लिए सुरक्षा ड्यूटी में तैनात सभी कर्मियों के नाम व चेहरे याद रखना संभव नहीं है।
इसलिए अलग सेक्शन में अलग अधिकारियों व कर्मियों की तैनाती होगी। अधिकारियों के पास ड्यूटी पर तैनात होने वालों की सूची होगी।
जो ड्यूटी पर होंगे, उनका फोटोयुक्त पास बनेगा, ताकि किसी तरह की चूक की संभावना न रहे।