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मोदी 3.0: सरकार में पीएम समेत यूपी से 11 मंत्री, मोदी-2 के मुकाबले घटी मंत्रिमंडल में राज्य की हिस्सेदारी
Sun, 09 Jun 2024 10:23 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 09 Jun 2024 10:23 PM IST
सार
Modi Cabinet: पीएम मोदी ने तीसरी बार पीएम पथ की शपथ ली। रविवार को उनके साथ यूपी से 11 और मंत्रियों ने पीएम पद की शपथ ली। कई मंत्रियों को फिर से मौका मिला है।
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मोदी 3.0 सरकार शपथ ग्रहण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्र सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत यूपी से 11 मंत्री बनाए गए हैं। मोदी-2 सरकार के मुकाबले इस बार मंत्रिमंडल में राज्य की हिस्सेदारी घट गई। राजनाथ सिंह, हरदीप पुरी, पंकज चौधरी, अनुप्रिया पटेल, प्रो. एसपी सिंह बघेल और बीएल वर्मा को फिर मौका मिला। जबकि, पांच बार के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह को पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
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यूपी के पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद को भी राज्यमंत्री स्वतंत्र (प्रभार) की जिम्मेदारी मिली है। चुनाव घोषित होने के ऐन पहले इंडिया छोड़ एनडीए में शामिल होने वाले रालोद प्रमुख जंयत चौधरी को भी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का इनाम मिला। वे अंग्रेजी में पद की शपथ लेने वाले यूपी के एकमात्र मंत्री रहे। यहां बता दें कि मोदी-2 सरकार में पीएम समेत यूपी से 15 मंत्री थे, जो इस बार 11 हैं।
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बांसगांव (सुरक्षित) सीट से जीते कमलेश पासवान को भी केंद्र में राज्य मंत्री बनाया गया है। मेनका व वरुण गांधी की परंपरागत सीट माने जाने वाली पीलीभीत में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जितिन प्रसाद को भी स्वतंत्र प्रभार का मंत्री बनाकर उनका कद बढ़ाया गया है। हरदीप पुरी भी यूपी से ही भाजपा के राज्यसभा सांसद हैं। इस तरह से यूपी के दो राज्यसभा सदस्य पुरी और बीएल वर्मा को मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। वर्ष 2019 में भाजपा के 62 लोकसभा सदस्य यूपी से जीते थे, जिनकी संख्या इस बार घटकर 33 रह गई है। इसकी झलक केंद्रीय मंत्रिमंडल में यूपी की कम हिस्सेदारी के रूप में देखने को मिली। हालांकि, जिस अनुपात में लोकसभा सदस्य कम हुए, उस अनुपात में मंत्रियों की संख्या कम नहीं हुई है।
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पीएम सहित ये मंत्री उत्तर प्रदेश से
मोदी 3.0 सरकार शपथ ग्रहण
- फोटो : अमर उजाला
नरेंद्र मोदी- वाराणसी से तीसरी बार सांसद चुने गए। तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है। 73 साल के मोदी गुजरात राज्य के वडनगर के निवासी हैं और गुजरात के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
राजनाथ सिंह- लखनऊ से सांसद चुने गए हैं। वह गृहमंत्री और फिर रक्षामंत्री रह चुके हैं। मूल रूप से चंदौली के निवासी हैं और ठाकुर बिरादरी के हैं। वह अटल सरकार में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा के प्रदेश और राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं।
हरदीप पुरी- सिख समुदाय से आने वाले पुरी दिल्ली के निवासी है और उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं। वह केंद्र सरकार में मंत्री रहे हैं। भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी रहे हैं।
जयंत चौधरी- पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जाट चेहरा और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पौत्र व चौधरी अजित सिंह के बेटे हैं। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। विधानसभा चुनाव सपा के साथ मिलकर लड़े और सपा के समर्थन से राज्यसभा पहुंचे। अब रालोद एनडीए गठबंधन के साथ है। उनकी पार्टी के दो सांसद जीते हैं।
पंकज चौधरी- गोरखपुर के मूल निवासी और कुर्मी बिरादरी से हैं। महराजगंज से लगातार सातवीं बार सांसद चुने गए हैं। वित्त राज्यमंत्री रहे हैं।
अनुप्रिया पटेल- अपना दल (सोनेलाल ) की अध्यक्ष हैं। पार्टी एनडीए में शामिल है। कुर्मी बिरादरी से हैं। मिर्जापुर से दोबारा सांसद चुनी गई हैं। केंद्र में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रही हैं।
एसपी बघेल- कभी मुलायम सिंह यादव की सुरक्षा में तैनात रहे एसपी सिंह 1998 में पहली बार विधायक बने। इटावा के मूल निवासी बघेल इस बार आगरा से सांसद चुने गए। वह विधि एवं न्याय राज्यमंत्री रह चुके हैं।
कीर्ति वर्धन सिंह - सपा से सियासत शुरू करने वाले कीर्तिवर्धन सिंह गोंडा से पांचवी बार सांसद चुने गए हैं। मनकापुर राजपरिवार से ताल्लुख रखते हैं और ठाकुर बिरादरी से हैं।
बीएल वर्मा- बदायूं के मूल निवासी हैं और पिछड़े वर्ग के हैं। भाजपा संगठन में विभिन्न पदों पर रहते हुए पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने। राज्यसभा सदस्य हैं। राज्यमंत्री रहे हैं।
कमलेश पासवान- गोरखपुर के मूल निवासी और बांसगांव से लगातार चौथी बार सांसद चुने गए हैं। पूर्वांचल में दलित चेहरा।
राजनाथ सिंह- लखनऊ से सांसद चुने गए हैं। वह गृहमंत्री और फिर रक्षामंत्री रह चुके हैं। मूल रूप से चंदौली के निवासी हैं और ठाकुर बिरादरी के हैं। वह अटल सरकार में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा के प्रदेश और राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं।
हरदीप पुरी- सिख समुदाय से आने वाले पुरी दिल्ली के निवासी है और उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं। वह केंद्र सरकार में मंत्री रहे हैं। भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी रहे हैं।
जयंत चौधरी- पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जाट चेहरा और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पौत्र व चौधरी अजित सिंह के बेटे हैं। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। विधानसभा चुनाव सपा के साथ मिलकर लड़े और सपा के समर्थन से राज्यसभा पहुंचे। अब रालोद एनडीए गठबंधन के साथ है। उनकी पार्टी के दो सांसद जीते हैं।
पंकज चौधरी- गोरखपुर के मूल निवासी और कुर्मी बिरादरी से हैं। महराजगंज से लगातार सातवीं बार सांसद चुने गए हैं। वित्त राज्यमंत्री रहे हैं।
अनुप्रिया पटेल- अपना दल (सोनेलाल ) की अध्यक्ष हैं। पार्टी एनडीए में शामिल है। कुर्मी बिरादरी से हैं। मिर्जापुर से दोबारा सांसद चुनी गई हैं। केंद्र में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रही हैं।
एसपी बघेल- कभी मुलायम सिंह यादव की सुरक्षा में तैनात रहे एसपी सिंह 1998 में पहली बार विधायक बने। इटावा के मूल निवासी बघेल इस बार आगरा से सांसद चुने गए। वह विधि एवं न्याय राज्यमंत्री रह चुके हैं।
कीर्ति वर्धन सिंह - सपा से सियासत शुरू करने वाले कीर्तिवर्धन सिंह गोंडा से पांचवी बार सांसद चुने गए हैं। मनकापुर राजपरिवार से ताल्लुख रखते हैं और ठाकुर बिरादरी से हैं।
बीएल वर्मा- बदायूं के मूल निवासी हैं और पिछड़े वर्ग के हैं। भाजपा संगठन में विभिन्न पदों पर रहते हुए पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने। राज्यसभा सदस्य हैं। राज्यमंत्री रहे हैं।
कमलेश पासवान- गोरखपुर के मूल निवासी और बांसगांव से लगातार चौथी बार सांसद चुने गए हैं। पूर्वांचल में दलित चेहरा।