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अब प्राथमिक स्कूलों से गायब नहीं हो सकेंगे शिक्षक और छात्र, 'ईशा' से होगी निगरानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 04 Aug 2018 10:56 PM IST
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प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति के साथ शिक्षण कार्य पर अब ‘ईशा’ की नजर रहेगी। ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) के सह समन्वयक यूनीसेफ की ओर से तैयार मोबाइल एप ‘ईशा’ के जरिये स्कूलों की निगरानी और समीक्षा कर त्वरित रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी से लेकर निदेशालय तक को भेजेंगे।
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बेसिक शिक्षा विभाग ने बीआरसी के सह समन्वयकों के लिए विद्यालयों की निगरानी और समीक्षा, शिक्षकों को शिक्षण कार्य में सहयोग और कक्षा का अवलोकन करना अनिवार्य कर दिया है। सह समन्वयक प्रतिमाह 20 विद्यालयों में मोबाइल एप के जरिए कक्षाओं का निरीक्षण और विद्यालय संचालन की समीक्षा करेंगे।
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विकास खंड के सभी विद्यालयों का प्रत्येक तीन माह में एक बार पर्यवेक्षण अवश्य किया जाएगा। मोबाइल एप में दिए बिंदुओं के आधार पर विद्यालय की समीक्षा की जाएगी। सह समन्वयक अपने सुझाव भी देंगे।
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निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह के अनुसार एप से समीक्षा की स्थिति राज्य, मंडल और जिला स्तर पर देखी जा सकेगी। बीएसए से लेकर निदेशालय तक अधिकारी एप से मिली सूचना का विश्लेषण कर आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ कार्रवाई भी कर सकेंगे।