फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   mla arrested in muzaffarnagar riots

बड़े नेताओं के खिलाफ वारंट, फिर क्यों नहीं हुई गिरफ्तारी?

Wed, 18 Sep 2013 05:05 PM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Wed, 18 Sep 2013 05:05 PM IST
विज्ञापन
mla arrested in muzaffarnagar riots

मुजफ्फरनगर हिंसा में नामजद किए गए विधायकों की गिरफ्तारी से पुलिस कतरा रही है। विधायकों की गिरफ्तारी की कवायद मजह बयानबाजी तक ही सीमित है।

विज्ञापन


दिलचस्प बात यह है कि सभी नामजद जनप्रतिनिधि व नेता अपने-अपने ठिकानों पर मौजूद हैं, लेकिन पुलिस इन्हें पकड़ने में नाकाम है।

अभी तक सिर्फ छुटभैये नेताओं की ही गिरफ्तारी की जा सकी है। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री मो. आजम खां ने विधानमंडल सत्र की समाप्ति के बाद विधायकों की गिरफ्तारी के संकेत दिए हैं।
विज्ञापन


पुलिस ने जबरन जनसभाएं करने के तीन मामले दर्ज किए हैं। धारा 144 लगी होने के बाद भी की गई जन सभाओं पर पुलिस ने नेताओं पर मुकदमे ठोंके थे।

आला अधिकारियों ने इस बाबत बयान दिया था कि नेताओं ने सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के साथ ही सांप्रदायिक तनाव के माहौल में लोगों की भावनाएं भड़काने वाले भाषण व बयान दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके साथ ही नेताओं ने लोगों को उकसा कर हिंसा भड़काने की कोशिश की। पुलिस ने जो पहला मुकदमा दर्ज किया उसमें बसपा सांसद कादिर राणा, बसपा विधायक नूर सलीम राणा, मौलवी जमील, सुलतान मुशीर, पूर्व सांसद कांग्रेस सइदुज्जमा, सलमान सईद, सभासद अहद जमा को नामजद किया गया था।

इनके खिलाफ धारा188 (144 का उल्लंघन), 153 ए (भावनाएं भड़काना), 353 (सरकार के काम में बाधा उत्पन्न करना), 433 तथा 7 क्रिमिनल लॉ एमेंडमेंट एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

दूसरे मुकदमें में संजीव बालियान, उमेश मलिक, पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्र सिंह आदि नामजद किए गए थे। इनके खिलाफ मुजफ्फरनगर के सिखेड़ा थाने में धारा 188 और 153 ए के तहत रिपोर्ट की गई। इन तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

तीसरा मुकदमा कैराना के भाजपा विधायक हुकुम सिंह, थाना भवन के भाजपा विधायक सुरेश राणा, सरधना के भाजपा विधायक संगीत सोम तथा बिजनौर के भाजपा विधायक भारतेंदु सिंह के अलावा भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत, रालोद के जिला अध्यक्ष अजीत राठी, पूर्व भाजपा विधायक अशोक कंसल, पूर्व सांसद सोहनवीर सिंह, पूर्व विधायक प्रदीप बालियान आदि समेत 40 से अधिक के खिलाफ दर्ज हुआ था। यह रिपोर्ट धारा 188, 353 ए, 435 और 7 क्रिमिनल लॉ एमेंडमेंट एक्ट के तहत दर्ज की गई थी।

आईजी एसटीएफ आशीष गुप्ता व गृह सचिव कमल सक्सेना ने पिछले दिनों एनेक्सी के मीडिया सेंटर में पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा था कि नामजद जन प्रतिनिधियों ने जन भावनाओं को भड़काने की कोशिश की है और सभी की गिरफ्तारी की जाएग़ी।

इसके बाद भी नामजद विधायक व अन्य नेता अपने-अपने ठिकानों पर मौजूद रहे। नेताओं ने चुनौती तक दी कि वे अपने आवास या कार्यालयों पर मौजूद हैं और पुलिस उन्हें पकड़ना चाहे तो पकड़ सकती है।

नामजद विधायकों व नेताओं की अभी तक गिरफ्तारी न होने के बारे में पूछे जाने पर आईजी कानून-व्यवस्था आरके विश्वकर्मा ने कहा कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।


उन्होंने नेताओं के इन दावों को गलत बताया था कि वह अपने ठिकानों पर मौजूद हैं। नामजद विधायकों के सत्र के दौरान राजधानी में मौजूद होने के बावजूद गिरफ्तारी क्यों नहीं की जा रही है?

आईजी कानून-व्यवस्था और गृह सचिव कमल सक्सेना चुप्पी साध गए। इस बीच आजम खां ने इस बात के संकेत दिए हैं कि विधानमंडल सत्र के तुरंत बाद नामजद विधायकों की गिरफ्तारी हो जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed