इसलिए मोदी नहीं पहनते मुस्लिमों की टोपी
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लंबे समय से मोदी के टोपी न पहनने पर सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है। मोदी भले ही इस मसले पर बात करने से मना कर दें, पर भाजपा के नए मुस्लिम चेहरे व राष्ट्रीय प्रवक्ता एमजे अकबर ने टोपी की सियासत का पटाक्षेप कर दिया है।
राजधानी के साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में मंगलवार को फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी ग्रुप की इंटेलेक्चुअल मीट में भाजपा नेताओं ने मोदी राग छेड़ा।
इस दौरान पार्टी की हिंदू फंडामेंटलिस्ट छवि को झुठलाते हुए गुजरात के विकास और प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी के लिए समर्थन जुटाने की कवायद हुई।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एमजे अकबर ने मोदी और गुजरात की तारीफ करते हुए देश के विकास के लिए वोट करने की जरूरत बताई।
'टोपी नहीं युवाओं को देनी है नौकरी'
मोदी के टोपी न पहनने की बात उठी, तो एमजे अकबर ने कहा कि मोदी को टोपी की सियासत करने की जरूरत नहीं है और न ही युवाओं को इस राजनीति में कोई दिलचस्पी रही है।
मुस्लिमों को सुरक्षा के मुद्दे पर अकबर ने कहा कि अब टोपी की राजनीति बंद करनी होगी। युवाओं को नौकरी चाहिए। आलू या प्याज का कोई धर्म नहीं होता।
महंगाई का असर सभी पर होता है। कुरान में एक आयत है, ‘लकुम दीनोकुम वले यदीन’ यानी तुम्हारा धर्म तुम्हारे लिए और मेरा धर्म मेरे लिए। सेक्युलर होने के लिए इससे ज्यादा आपको और क्या चाहिए?
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और हितों का रखेंगे ध्यान
एमजे अकबर ने कहा कि अब हिंदू-मुस्लिम दंगों की नहीं, नौकरी की बात कीजिए। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में बनने वाली सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और हितों को लेकर प्रतिबद्ध होगी।
उन्होंने बताया कि भाजपा ने अपने मैनिफेस्टो में पेज नंबर 17 पर इसके लिए इंतजाम कर दिया है। वक्फ के नाम पर हो रही लूट पर भी भाजपा का नजरिया साफ है।
एमजे अकबर ने कहा कि पिछले 10 साल से केंद्र में यूपीए सरकार है। इन 10 सालों में हुए भ्रष्टाचार के कारण देश बर्बाद हुआ। वहीं इसी अवधि में गुजरात में नरेंद्र मोदी ने विकास करके दिखाया।
यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि वहां पिछले 10 साल में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ। यूपीए सरकार और सोनिया गांधी 10 साल तक गुजरात की स्क्रूटिनी करती रहीं।
कांग्रेस के पास सिर्फ एक चीज, गुजरात दंगा
अकबर ने बताया कि पुलिस, सीबीआई, एनजीओ, मीडिया सभी को इस काम के लिए लगाया गया, लेकिन फिर भी कुछ नहीं मिला। कांग्रेस के पास अब एक ही बात रह गई है।
10 साल पुराना गुजरात में हुआ एक दिन का दंगा। असम, यूपी, पंजाब में हुए दंगों में उनकी कोई उत्सुकता नहीं है। बस गुजरात ही उनके लिए बचा है।
क्या कोई मुख्यमंत्री अपने राज्य में ऐसा चाहेगा? सुप्रीम कोर्ट ने भी मोदी को सही माना। अब मैं कहता हूं कि मोदी पर अंगुली उठाने वालों को सजा मिलनी चाहिए।
कार्यक्रम में इंटेलेक्चुअल मीट के राष्ट्रीय संयोजक मनोज अरोरा, मुख्य अतिथि गोपाल टंडन मौजूद रहे।
विश्व हिंदू परिषद सहयोगी नहीं
मुस्लिमों को टारगेट कर दिए जा रहे बयान पर पूछे गए सवाल के जबाव में एमजे अकबर ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद हमारा सहयोगी दल नहीं है।
वहीं, मंगलवार को ही महाराष्ट्र में शिवसेना के नेता रमनदास कदम के मोदी की सरकार बनी तो छह महीने में पाकिस्तान खत्म, के बयान पर वे जवाब टाल गए।
उनका कहना था कि कोई कुछ भी कहे, मोदीजी खुद ट्वीट कर स्थिति साफ कर चुके हैं कि यह चुनाव केवल बेहतर सरकार बनाने को लेकर ही है।
भाजपा प्रोग्रेसिव...लेकिन अनुच्छेद 377 पर चुप्पी
हिंदू फंडामेंटलिस्ट और परंपरावादी सोच का ठप्पा खुद से हटाने की छटपटाहट इस कार्यक्रम में जुटे भाजपा नेताओं में दिखी।
एक तरफ तो राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने पार्टी के हिंदू फंडामेंटलिस्ट होने को नकारते हुए प्रोग्रेसिव होने का दावा किया, वहीं एलजीबीटी कम्युनिटी के अधिकारों और अनुच्छेद 377 पर पार्टी की नीति पर उन्होंने चुप्पी साध ली।
उनका कहना था कि जब प्रस्ताव आएगा तब देखा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट का जो भी निर्णय होगा, हमारी सरकार मानेगी।
कांग्रेस शासित यूपीए सरकार में रॉबर्ट वाड्रा की कमाई पर एमजे अकबर ने कहा कि मैं प्रियंका गांधी या उनके परिवार पर कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करना चाहता।
प्रियंका को अगर कुछ गलत लगता है तो पहले वे अपने पति के विदेशी खातों की जांच करा लें।