फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   minorities recruitment in pac

अल्पसंख्यकों की भर्तियों से मिटाएंगे पीएसी पर लगा ठप्पा

Fri, 13 Dec 2013 11:29 PM IST
विष्णु मोहन/लखनऊ
विष्णु मोहन/लखनऊ Updated Fri, 13 Dec 2013 11:29 PM IST
विज्ञापन
minorities recruitment in pac

पीएसी यदा-कदा उस पर लगने वाले सांप्रदायिक बल होने के ठप्पे को मिटाने को बेताब है। 35वीं वाहिनी पीएसी के 65वें स्थापना दिवस के मौके पर इस ठप्पे की कसक आला अफसर की जुबां पर रही।

विज्ञापन


डीजी रंजन द्विवेदी ने कहा कि पीएसी को लेकर आमजन में जो भ्रांति है, उसे दूर करने की कोशिश हो रही है। भ्रांतिवश इस बल को कुछ वर्गों में सांप्रदायिक बल माना जाता है।
विज्ञापन


आमजन को विश्वास दिलाया जाएगा कि पीएसी सांप्रदायिक नहीं बल्कि सामाजिक बल है। उन्होंने कहा, पीएसी में अन्य वर्गों के साथ ही अल्पसंख्यकों की भर्ती को भी बढ़ावा देने की कोशिश हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


महानगर स्थित 35वीं वाहिनी परिसर में शुक्रवार को आयोजित समारोह में डीजी रंजन द्विवेदी ने कहा, मैंने अपने 34 वर्ष के सेवाकाल में अभी तक यह नहीं पाया कि किसी ने पीएसी की छवि को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम उठाया हो।

अब ऐसी योजना बनाई जा रही है जिससे संगठन के कार्यों की सही जानकारी आमजन को मिल सके। जो पीएसी के सकारात्मक पहलू को उजागर करे।

छवि सुधारने के 3 फॉर्मूले भी पेश किए
डीजी ने कहा कि बड़े पैमाने पर सिपाही भर्ती होने जा रही है। पीएसी में भी भर्ती होगी। इसमें उन वर्गों के अभ्यर्थियों को भी तरजीह दी जाएगी जिनकी संख्या कम है। इसमें अल्पसंख्यक वर्ग के अभ्यर्थी भी शामिल हैं।

मीडिया फ्रेंडली बनाने व पीएसी के कार्यों को प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से मीडिया सेल का गठन किया गया है। पिछले दिनों पीएसी ने स्कूली बालिकाओं की चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया था। इसमें भी अल्पसंख्यक वर्ग की बालिकाओं को शामिल किया गया था। प्रतियोगिता में पुरस्कार पाने वाली बालिकाओं का मीडिया सेल के जरिये प्रचार कराया जाएगा।

पीएसी के बैंडों ने पिछले कुछ दिनों के दौरान विभिन्न स्थानों पर प्रस्तुति दी है। शहीदों के सम्मान में पीएसी एक विशेष कार्यक्रम कर रही है। इसके लिए पूरे साल का कैलेंडर बनाया गया है। इसमें प्रदेश में शहीदों की शहादत के स्थान और दिन को दर्ज किया गया है। ऐसे जिले जहां पीएसी की वाहिनी नहीं है तो सबसे नजदीकी वाहिनी का बैंड मौके पर जाकर शहीद को श्रद्धांजलि देगा।

पीएसी ने पुलिस का गौरव बढ़ाया: डीजीपी
मुख्य अतिथि डीजीपी देवराज नागर ने पीएसी कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि पीएसी ने प्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ाया है।

80 व 90 के दशक के दौरान तराई में फैले आतंकवाद से निपटने में पीएसी ने जो भूमिका निभाई, उसे भुलाया नहीं जा सकता। इस मौके पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।


नौवीं वाहिनी को सर्वोत्तम वाहिनी का सम्मान
स्थापना दिवस समारोह में पिछले दिनों हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

मुरादाबाद की नौवीं वाहिनी को सर्वोत्तम वाहिनी का दर्जा तो वाराणसी स्थित 34वीं वाहिनी को उत्तम वाहिनी का स्थान मिला।

इसके लिए दोनों वाहिनियों के सेना नायकों को चल बैजयंती प्रदान की गई। मेरठ की छठवीं वाहिनी आरआरएफ को सर्वोत्तम प्लाटून ड्रिल के लिए ट्रॉफी दी गई।

राहुल 2013 के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बने
डीजीपी ने इस मौके पर गाजियाबाद स्थित पीएसी की 41वीं वाहिनी के राहुल कुमार को इस साल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के तौर पर चुना। डीजीपी ने राहुल को इसके लिए सम्मानित किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed