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‘सीओ साहब, ऊपर से आदेश हैं, अंसल पर कोई एफआईआर नहीं लिखा जाएगा’, मंत्री का ऑडियो वायरल
Sat, 16 Nov 2019 02:11 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 16 Nov 2019 02:11 PM IST
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प्रभार स्वाति सिंह
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‘सीओ साहब, आपने अंसल के खिलाफ कोई एफआईआर लिखा है क्या...क्यों लिखा आपने। आपको पता नहीं है, ऊपर से आदेश है कोई एफआईआर नहीं लिखा जाएगा। सारे फेक एफआईआर लिखे जा रहे हैं।’ शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल यह ऑडियो मंत्री स्वाति सिंह और सीओ कैंट डॉ. बीनू सिंह की बातचीत का बताया जा रहा है।
ऑडियो में मंत्री स्वाति सिंह अंसल कंपनी के खिलाफ पीजीआई थाना में एफआईआर दर्ज होने पर सीओ कैंट से सवाल-जवाब कर रही हैं। वह सीओ से यह भी कह रही हैं कि अगर यहां काम करना है तो एक दिन आकर बैठ लीजिएगा।
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यह वायरल ऑडियो बृहस्पतिवार शाम का बताया जा रहा है। इसके बारे में पुलिस के आला अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। इस मामले में मंत्री स्वाति सिंह से संपर्क करने पर उन्होंने टाल दिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अंसल कंपनी के खिलाफ बीते दिनों पीजीआई थाना में एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
पीड़ित का आरोप था कि उसने प्लॉट के लिए कंपनी में संपर्क किया था। प्लॉट खरीदने के लिए निर्धारित रकम जमा की, इसके बाद भी जमीन नहीं दी गई। रुपया भी वापस नहीं मिला। पीड़ित ने केस दर्ज कराया जिसकी जानकारी पाकर मंत्री स्वाति सिंह ने सीओ से फोन पर बातचीत की थी। इस प्रकरण में सीओ डॉ. वीनू सिंह से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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ऑडियो में मंत्री स्वाति सिंह अंसल कंपनी के खिलाफ पीजीआई थाना में एफआईआर दर्ज होने पर सीओ कैंट से सवाल-जवाब कर रही हैं। वह सीओ से यह भी कह रही हैं कि अगर यहां काम करना है तो एक दिन आकर बैठ लीजिएगा।
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यह वायरल ऑडियो बृहस्पतिवार शाम का बताया जा रहा है। इसके बारे में पुलिस के आला अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। इस मामले में मंत्री स्वाति सिंह से संपर्क करने पर उन्होंने टाल दिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अंसल कंपनी के खिलाफ बीते दिनों पीजीआई थाना में एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
पीड़ित का आरोप था कि उसने प्लॉट के लिए कंपनी में संपर्क किया था। प्लॉट खरीदने के लिए निर्धारित रकम जमा की, इसके बाद भी जमीन नहीं दी गई। रुपया भी वापस नहीं मिला। पीड़ित ने केस दर्ज कराया जिसकी जानकारी पाकर मंत्री स्वाति सिंह ने सीओ से फोन पर बातचीत की थी। इस प्रकरण में सीओ डॉ. वीनू सिंह से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
मंत्री ने जो भी कहा, शब्दश: प्रस्तुत है
मंत्री : ‘हेलो’
सीओ : ‘गुड इवनिंग मैम’
मंत्री : ‘गुड इवनिंग, सीओ साहब आपने अंसल का कोई एफआईआर लिखा है क्या अंसल पे...’
सीओ : ‘हां, एक कनोडिया करके थे। पति-पत्नी का मैटर था। उसमें लिखा गया था।’
मंत्री : ‘क्यों लिखा आपने, आपको पता नहीं है ऊपर से आदेश है कोई एफआईआर अभी नहीं लिखा जाएगा। सारे फेक एफआईआर लिखे जा रहे हैं उसके ऊपर...’
सीओ : ‘नहीं, वो तो जांच करके लिखी गई थी।’
मंत्री : ‘कौन सी जांच हो गई भई, कौन सी जांच हो गई? इतना हाई प्रोफाइल केस है। पूरा जांच चल रहा है। आप कौन सी जांच कर रही हैं? चार दिन आए हुए आपको...’
सीओ : ‘नहीं तो पहले की एप्लीकेशन है न उसके पांच-छह महीने पहले की’
मंत्री : ‘अरे फर्जी है ये सब। खत्म करिए उसको। एक दिन आके बैठ लीजिएगा अगर यहां पर काम करना है तो... ठीक है। मैं गलत काम नहीं बोलती हूं। पता कर लीजिएगा।’
सीओ : ‘ठीक है।’
मंत्री : ‘हेलो’
सीओ : ‘गुड इवनिंग मैम’
मंत्री : ‘गुड इवनिंग, सीओ साहब आपने अंसल का कोई एफआईआर लिखा है क्या अंसल पे...’
सीओ : ‘हां, एक कनोडिया करके थे। पति-पत्नी का मैटर था। उसमें लिखा गया था।’
मंत्री : ‘क्यों लिखा आपने, आपको पता नहीं है ऊपर से आदेश है कोई एफआईआर अभी नहीं लिखा जाएगा। सारे फेक एफआईआर लिखे जा रहे हैं उसके ऊपर...’
सीओ : ‘नहीं, वो तो जांच करके लिखी गई थी।’
मंत्री : ‘कौन सी जांच हो गई भई, कौन सी जांच हो गई? इतना हाई प्रोफाइल केस है। पूरा जांच चल रहा है। आप कौन सी जांच कर रही हैं? चार दिन आए हुए आपको...’
सीओ : ‘नहीं तो पहले की एप्लीकेशन है न उसके पांच-छह महीने पहले की’
मंत्री : ‘अरे फर्जी है ये सब। खत्म करिए उसको। एक दिन आके बैठ लीजिएगा अगर यहां पर काम करना है तो... ठीक है। मैं गलत काम नहीं बोलती हूं। पता कर लीजिएगा।’
सीओ : ‘ठीक है।’