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लापरवाही इंजीनियरों की, डांट पड़ी सर्किल अफसर को
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ऊर्जा मंत्री ने किया नींबू पार्क उपकेंद्र का निरीक्षण
चौक खंड में नियमों को दरकिनार कर बिजली बिल संशोधित करने के अलावा कॉम्प्लेक्स और अपार्टमेंट के विद्युत लोड स्वीकृत करने में मनमानी हो रही है। इसकी भनक लगने पर मंगलवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा मेहताब बाग का निरीक्षण करने पहुंच गए। उन्हें जेई मनीराम, एसडीओ परमिंदर कुमार यादव और एक्सईएन ज्ञानचंद के काम में घोर लापरवाही भी मिली, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई बल्कि अधीक्षण अभियंता मनीष अग्रवाल को डांट पड़ गई, जिनकी 14 दिन पहले ही वहां तैनाती हुई है। वहीं ऊर्जा मंत्री के निरीक्षण में मिली लापरवाही पर बिलिंग एजेंसी के सुपरवाइजर और मीटर रीडर को हटाने के निर्देश दिए।
उपकेंद्र के संविदा कर्मियों ने मंत्री को बताया कि इन अभियंताओं की तिकड़ी ने हुसैनाबाद, मेहताब बाग आदि में जिन अपार्टमेंट और कॉम्प्लेक्स को ट्रांसफार्मर लगाकर कनेक्शन देना चाहिए था, वहां 24-24 किलोवाट लोड स्वीकृत कर सीधे कनेक्शन दे दिए। ऊर्जा मंत्री ने पाया कि एक्सईएन और एसडीओ द्वारा बिलिंग की मॉनिटरिंग न करने के कारण ही आठ फीसदी डाउनलोडिंग बिलिंग और जेई की लापरवाही से उपकेंद्र के रजिस्टर पर जल संस्थान का मोबाइल नंबर गलत लिखा गया है। मंत्री ने मेहताब बाग 33/11 केवी वितरण उपकेंद्र पर उपभोक्ताओं का पूरा विवरण न होने, एक लाख तक के बकायेदारों के मोबाइल नंबर न होने, डैश बोर्ड में अधूरी जानकारियां अपलोड करने, उपभोक्ता शिकायतों का निवारण न होने, गलत बिलिंग की शिकायतों का सही ढंग से निस्तारण नहीं कर पाने पर नाराजगी जताई।
पूरी तरह ट्रिपिंग मुक्त हो राजधानी
ऊर्जा मंत्री ने एमडी सूर्यपाल गंगवार को निर्देश दिए कि गर्मियों तक सभी ट्रांसमिशन उपकेंद्रों का 100 फीसदी उपयोग वितरण नेटवर्क द्वारा किया जाए ताकि ट्रिपिंग संबंधी कोई समस्या न आए। राजधानी पूरी तरह ट्रिपिंग मुक्त होनी चाहिए।
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चौक खंड में नियमों को दरकिनार कर बिजली बिल संशोधित करने के अलावा कॉम्प्लेक्स और अपार्टमेंट के विद्युत लोड स्वीकृत करने में मनमानी हो रही है। इसकी भनक लगने पर मंगलवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा मेहताब बाग का निरीक्षण करने पहुंच गए। उन्हें जेई मनीराम, एसडीओ परमिंदर कुमार यादव और एक्सईएन ज्ञानचंद के काम में घोर लापरवाही भी मिली, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई बल्कि अधीक्षण अभियंता मनीष अग्रवाल को डांट पड़ गई, जिनकी 14 दिन पहले ही वहां तैनाती हुई है। वहीं ऊर्जा मंत्री के निरीक्षण में मिली लापरवाही पर बिलिंग एजेंसी के सुपरवाइजर और मीटर रीडर को हटाने के निर्देश दिए।
उपकेंद्र के संविदा कर्मियों ने मंत्री को बताया कि इन अभियंताओं की तिकड़ी ने हुसैनाबाद, मेहताब बाग आदि में जिन अपार्टमेंट और कॉम्प्लेक्स को ट्रांसफार्मर लगाकर कनेक्शन देना चाहिए था, वहां 24-24 किलोवाट लोड स्वीकृत कर सीधे कनेक्शन दे दिए। ऊर्जा मंत्री ने पाया कि एक्सईएन और एसडीओ द्वारा बिलिंग की मॉनिटरिंग न करने के कारण ही आठ फीसदी डाउनलोडिंग बिलिंग और जेई की लापरवाही से उपकेंद्र के रजिस्टर पर जल संस्थान का मोबाइल नंबर गलत लिखा गया है। मंत्री ने मेहताब बाग 33/11 केवी वितरण उपकेंद्र पर उपभोक्ताओं का पूरा विवरण न होने, एक लाख तक के बकायेदारों के मोबाइल नंबर न होने, डैश बोर्ड में अधूरी जानकारियां अपलोड करने, उपभोक्ता शिकायतों का निवारण न होने, गलत बिलिंग की शिकायतों का सही ढंग से निस्तारण नहीं कर पाने पर नाराजगी जताई।
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पूरी तरह ट्रिपिंग मुक्त हो राजधानी
ऊर्जा मंत्री ने एमडी सूर्यपाल गंगवार को निर्देश दिए कि गर्मियों तक सभी ट्रांसमिशन उपकेंद्रों का 100 फीसदी उपयोग वितरण नेटवर्क द्वारा किया जाए ताकि ट्रिपिंग संबंधी कोई समस्या न आए। राजधानी पूरी तरह ट्रिपिंग मुक्त होनी चाहिए।
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