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पैरासिटामॉल खाकर दे रहे थर्मल स्कैनर को धोखा, संक्रमण रोकना हो सकता है बेहद मुश्किल
Sun, 17 May 2020 06:30 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 17 May 2020 06:30 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से आने वाले मजदूर पैरासिटामॉल और क्रोसिन खाकर थर्मल स्कैनर को गच्चा दे रहे हैं। इसका खुलासा ट्रेन में मिले दवाइयों के खाली रैपर से हुआ है। अगर मजदूर कोरोना पीड़ित हुए तो संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। इसे लेकर रेलवे प्रशासन ने सख्ती की तैयारी कर ली है।
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बाहरी राज्यों में फंसे मजदूर स्पेशल ट्रेनों से रोजाना चारबाग स्टेशन और लखनऊ जंक्शन लाए जा रहे हैं। यहां इनकी थर्मल स्कैनिंग हो रही है। वहीं, लॉकडाउन में फंसे इन मजदूरों में डर इस कदर बैठ गया है कि ये ट्रेन से रवाना होने पर ही बुखार की दवा खा ले रहे हैं, ताकि थर्मल स्कैनिंग में उनके शरीर का तापमान सामान्य मिले।
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9 मई को केरल के कन्नूर से पहुंची ट्रेन में सफाई कर्मियों को पैरासिटामॉल के पत्ते मिले। पहले तो रेलवे प्रशासन ने इसे सामान्य माना, लेकिन जब 11 मई को सूरत से आई ट्रेन में भी बुखार की दवाओं के रैपर मिले तो इस ओर रेलवे अधिकारियों का ध्यान गया।
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करीब 60 हजार मजदूर आ चुके हैं
चारबाग स्टेशन पर 3 मई से अब तक करीब 40 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें आ चुकी हैं। इनसे 60 हजार मजदूर पहुंचे हैं। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि जानकारी मिली है कि मजदूर पैरासिटामॉल इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सामान्य बुखार की शिकायत हो सकती है। उन्हें कोरोना है या नहीं, इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता।