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अब इस तरह खर्च होगी मनरेगा की राशि
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Sun, 08 Sep 2013 02:42 AM IST
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इंदिरा आवास के हर लाभार्थी को राज्य सरकार मनरेगा का जॉब कार्ड देगी। उनका बायोमेट्रिक डेटा भी तैयार कराया जाएगा। इसके लिए कैंप लगाए जाएंगे।
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प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अरुण सिंघल के मुताबिक आवास विहीन बीपीएल परिवारों को इंदिरा आवास योजना के तहत आशियाना उपलब्ध कराने में पारदर्शिता के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
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इसके लिए इंदिरा आवास के सभी लाभार्थियों का कप्यूटराइज्ड डेटा तैयार किया जाएगा। सभी इंदिरा आवासों के साथ शौचालय का निर्माण होना है।
इसमें खर्च होने वाली राशि मनरेगा से दी जानी है। इसके लिए इंदिरा आवास के हर लाभार्थी को मनरेगा का जॉब कार्ड दिलाया जाएगा।
चालू सत्र के इंदिरा आवास लाभार्थियों का चयन एक महीने केअंदर कर लिया जाएगा। आयुक्त ग्राम्य विकास को जिला स्तर से समयबद्ध कार्यवाही करवाकर शासन को रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
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लाभार्थियों को जल्द मिलेगी पहली किस्त
प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2012-13 और 2013-14 के इंदिरा आवास के लाभार्थियों की पहली किस्त जल्द से जल्द जारी करने का फैसला किया है।
पिछले सालों के अधूरे काम की वजह से राशि जारी नहीं की जा रही थी। शासन का मानना है कि यदि चालू वित्तीय वर्ष के कार्य तेजी से नहीं कराए जाएंगे तो पिछले अधूरे काम के चक्कर में इस बार भी राज्य राष्ट्रीय स्तर पर पिछड़ जाएगा।
ऐसे में शासन ने अफसरों को पुराने अधूरे काम तेजी से पूरा कराने को कहा है। सिंघल ने बताया कि 2012-13 के लाभार्थियों को पिछले सत्र में तय रही राशि 45 हजार उपलब्ध कराई जाएगी।
वर्ष 2013-14 से इस रकम को बढ़ाकर 70 हजार कर दिया गया है। यानी दो सत्र के अलग-अलग लाभार्थी एक साथ आवास बनवा रहे हों लेकिन उसे रकम उसी वर्ष के आधार पर मिलेगा जिसके लिए वे चयनित किए गए थे।
प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से देर से जारी हुए पिछले वित्तीय वर्ष की रकम बढ़ाकर जारी करने का आग्रह किया था लेकिन केंद्र इस पर सहमत नहीं हुआ।