900 कुंतल लोड के साथ गोमती पर बने स्पेशल स्पैन में 24 घंटे के लिए खड़ी हुई मेट्रो, जानिए वजह
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नए साल में अब मेट्रो चारबाग से आगे बढ़कर मुंशीपुलिया तक जाएगी। उसको लेकर मेट्रो के एलीवेटेड ट्रैक पर लोड टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। रूट के बीच गोमती नदी भी है जिस पर स्पेशल स्पैन (पुल) बनाया गया है उसकी मजबूती को विशेष तौर पर जांचा जा रहा है।
शुक्रवार की सुबह चारबाग से लाई गईं अप और डाउन की दो ट्रेन में बालू की तीन-तीन हजार बोरियां लाद कर लोड टेस्ट किया जा रहा है। दोनों ट्रेन गोमती नदी पर बने स्पेशल स्पैन पर खड़ी कर दी गई हैं और यहां पर 24 घंटे खड़ी रहेंगी। उसके बाद निशातगंज रेलवे क्रासिंग के ऊपर बने स्पेशल स्पैन पर भी दोनों ट्रेन लोड टेस्ट को 24 घंटे खड़ी की जाएंगी।
ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक करीब आठ किलोमीटर लम्बे रूट पर मेट्रो एक साल पहले शुरू हो चुकी है। उसके आगे अब मुंशीपुलिया तक मेट्रा के फरवरी में चलाए जाने की तैयारी है। अब मेट्रो टांसपोर्ट नगर से आगे अमौसी एयर पोर्ट (चौधरी चरण सिंह) तक भी जाएगी।
उसके लिए अब अमौसी तक नया ट्रैक बनाया गया है और चारबाग से आगे मुंशीपुलिया तक नया ट्रैक बनाया गया। इस रूट में चारबाग में केकेसी से लेकर हजरतगंज में केडी सिंह स्टेडियम तक का रूट अंडरग्राउंड है। उसके बाद आगे मुंशीपुलिया तक का रूट एलीवेटेड है। इस एलीवेटेड रूट में दो स्पेशल स्पैन बनाए गए हैं।
उनमें एक गोमती नदी पर 177 मीटर लम्बा और निशातगंज रेलवे क्रासिंग के ऊपर 60 मीटर लम्बा स्पेशल स्पैन बनाया गया। चारबाग से आगे मेट्रो का कामर्शियल रन फरवरी में शुरू किए जाने की तैयारी है। उसको लेकर ही अब रूट पर बने स्पेशल स्पैन और एलवीटेड ट्रैक पर लोड टेस्ट करने का काम शुरू हुआ है।
हवन-पूजन के बाद लोड टेस्ट को सुबह साढ़े छह बजे ट्रेक पर आई ट्रेन
लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन की मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी पुष्पा बेलानी ने बताया कि लोड टेस्ट के लिए ट्रेन को नवनिर्मित ट्रैक पर लाने से पहले सुबह चारबाग मेट्रो स्टेशन पर हवन-पूजन किया गया। जिसमें एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव, इंजीनियर और टीम के प्रमुख लोग विशेष तौर पर शमिल हुए।
पूजा के बाद ट्रेन को रैम्प के जरिए केकेसी के पास अंडरग्राउंड ट्रेक में उतारा गया। यहां से ट्रेन भूमिगत ट्रेक को पार करते हुए केडी सिंह स्टेडियम के पास एलीवेटेड ट्रैक पर पहुंची। एक ट्रेन आईटी तक गई फिर वहां से वापस लाकर उसे गोमती नदी पर बने स्पेशन स्पैन पर खड़ा कर दिया गया। उसके बाद एक और ट्रेन को दूसरे ट्रेक पर लाकर खड़ा किया गया।
एक ट्रेन में 900 कुंतल लोड, 48 घंटे का ट्रायल
लोड टेस्ट को लेकर चार कोच की दोनों मेट्रो ट्रेन में बालू की तीन-तीन हजार बोरियां लादी गई हैं। एक बोरी का वजन 30 किलो है। बालू की बोरियों से लदी अप और डाउन की ट्रेनें दोनों ट्रेने शुक्रवार को गोमती नदी पर बने स्पेशन स्पैन पर सुबह साढ़े छह बजे खड़ी कर दी गई है। मेट्रो की सीपीआरो बेलानी का कहना है गोमती पर लोड टेस्ट को दोनों ट्रेनें 24घंटे खड़ी रहेंगी। उसके यह दोनों ट्रेन निशातंगज स्पेशन स्पैन पर 24घंटे के लिए खड़ी की जाएंगी। 31 दिसंबर को ट्रायल का काम पूरा हो जाएगा। उसके बाद ट्रेन चारबाग लौट जाएंगी।
सीएमआरएस (आयुक्त मेट्रो रेल संरक्षा)
एक नजर में
नार्थ साउथ कारीडोर (अमौसी से मुंशीपुलिया)
कुल रूट- 22.87 किमी
एलिवेटेड रूट- 19.43 किमी
अंडरग्राउंड रूट-3.44 किमी
कुल स्टेशन-22
अंडरग्राउंड स्टेशन-3
एलीवेटेड स्टेशन-19